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Gurugram News: मुआवजे और पक्की नौकरी की मांग पर अड़े कर्मचारी
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हड़ताल पर बैठे नगर निगम के सफाई कर्मचारी। वि.
प्रदेश सरकार पर तानाशाही का आरोप, चार दिन हड़ताल बढ़ाने की घोषण
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा में सफाई, फायर और सीवरमैन कर्मचारियों की हड़ताल 10 से 13 सितंबर तक चार दिन के लिए बढ़ा दी गई है। यह हड़ताल हरियाणा सरकार की नीतियों के विरोध में 35वें दिन भी जारी रही। आम आदमी पार्टी और विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन को समर्थन दिया है।
राज्य उप प्रधान बसंत कुमार ने सरकार से मांग की है कि टर्मिनेशन के सदमे से शहीद हुए दो पैरोल कर्मचारियों के परिवारों को उचित मुआवजा और पक्की नौकरी दी जाए। उन्होंने फायर कर्मचारी रणबीर और भवी चंद शर्मा के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक-एक सदस्य को पक्की नौकरी देने की मांग की। कर्मचारी नेताओं ने सफाई कर्मचारियों की गिरफ्तारी, सस्पेंशन और टर्मिनेशन रद्द करने व झूठे पुलिस मुकदमे वापस लेने की भी मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी हड़ताली कर्मचारियों और जनता को गुमराह कर रहे हैं। मंत्रियों के 12 से 14 मांगें मानने के दावों को झूठा बताया गया, क्योंकि सरकार ने कोई नोटिफिकेशन या पत्र जारी नहीं किया है।
आप ने किया कर्मचारियों का सहयोग
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने बड़ी संख्या में निकाले गए शो-कॉज नोटिस और सस्पेंशन आदेशों का विरोध किया। संघ ने सरकार से आंदोलन को दबाने के बजाय बातचीत से समाधान निकालने का आग्रह किया। कर्मचारी नेताओं ने दावा किया कि शहरों में कूड़ा उठाने और सफाई करवाने के सरकारी प्रयास विफल रहे हैं। आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष मनीष मक्कड़ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि पार्टी उनके आंदोलन में सहयोग करेगी।
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बसन्त कुमार ने सरकार पर दलित विरोधी होने और सफाई तथा सीवर कर्मचारियों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि अन्य श्रेणियों में नियमित भर्ती होने पर सफाई और सीवरमैन के लिए ठेका प्रथा समाप्त कर पक्की भर्ती क्यों नहीं की जा रही। संघ ने 13 मई के समझौते को लागू करने और सभी स्वीकार की गई मांगों के लिखित आदेश जारी करने की मांग की।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा में सफाई, फायर और सीवरमैन कर्मचारियों की हड़ताल 10 से 13 सितंबर तक चार दिन के लिए बढ़ा दी गई है। यह हड़ताल हरियाणा सरकार की नीतियों के विरोध में 35वें दिन भी जारी रही। आम आदमी पार्टी और विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन को समर्थन दिया है।
राज्य उप प्रधान बसंत कुमार ने सरकार से मांग की है कि टर्मिनेशन के सदमे से शहीद हुए दो पैरोल कर्मचारियों के परिवारों को उचित मुआवजा और पक्की नौकरी दी जाए। उन्होंने फायर कर्मचारी रणबीर और भवी चंद शर्मा के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक-एक सदस्य को पक्की नौकरी देने की मांग की। कर्मचारी नेताओं ने सफाई कर्मचारियों की गिरफ्तारी, सस्पेंशन और टर्मिनेशन रद्द करने व झूठे पुलिस मुकदमे वापस लेने की भी मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी हड़ताली कर्मचारियों और जनता को गुमराह कर रहे हैं। मंत्रियों के 12 से 14 मांगें मानने के दावों को झूठा बताया गया, क्योंकि सरकार ने कोई नोटिफिकेशन या पत्र जारी नहीं किया है।
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आप ने किया कर्मचारियों का सहयोग
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने बड़ी संख्या में निकाले गए शो-कॉज नोटिस और सस्पेंशन आदेशों का विरोध किया। संघ ने सरकार से आंदोलन को दबाने के बजाय बातचीत से समाधान निकालने का आग्रह किया। कर्मचारी नेताओं ने दावा किया कि शहरों में कूड़ा उठाने और सफाई करवाने के सरकारी प्रयास विफल रहे हैं। आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष मनीष मक्कड़ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि पार्टी उनके आंदोलन में सहयोग करेगी।
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बसन्त कुमार ने सरकार पर दलित विरोधी होने और सफाई तथा सीवर कर्मचारियों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि अन्य श्रेणियों में नियमित भर्ती होने पर सफाई और सीवरमैन के लिए ठेका प्रथा समाप्त कर पक्की भर्ती क्यों नहीं की जा रही। संघ ने 13 मई के समझौते को लागू करने और सभी स्वीकार की गई मांगों के लिखित आदेश जारी करने की मांग की।