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Gurugram News: रहेजा बिल्डर के कई ठिकानों पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत कई ठिकानों पर ईडी ने दी दबिश

Sat, 25 Apr 2026 08:10 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2026 08:10 PM IST
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ED raids several locations of Raheja Builders including Noida and Greater Noida.
- 2500 करोड़ रुपये का भुगतान करने के बावजूद 4,500 बायर्स को घरों की डिलिवरी में देरी
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को दिल्ली-एनसीआर में रहेजा डेवलपर्स, उसके प्रमोटरों और संबंधित संस्थाओं से जुड़े कई परिसरों की दबिश देकर तलाशी ली। ईडी ने यह कार्रवाई करीब 4500 खरीदारों को घरों की डिलीवरी में देरी से जुड़े 2500 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी के मामले में की है। ईडी के दिल्ली जोनल कार्यालय ने नवीन रहेजा, उनके बेटे नयन रहेजा, परिवार के अन्य सदस्यों और कंपनी निदेशकों से जुड़ी संपत्तियों को निशाना बनाते हुए नोएडा, ग्रेटर नोएडा, सैनिक फार्म और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी सहित सात स्थानों पर दबिश दी है।
जांच इस आरोप से संबंधित है कि डेवलपर ने घर खरीदारों से, विशेष रूप से गुरुग्राम की रहेजा रेवांता परियोजना में करीब 2500 करोड़ रुपये एकत्र किए थे। लेकिन प्रतिबद्ध समय सीमा के तहत फ्लैट देने में विफल रहा। ईडी द्वारा रहेजा डेवलपर्स, उसके निदेशकों और संबंधित संस्थाओं के परिसरों पर तलाशी अभियान चल रहा है। महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
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बता दें कि मामला शुरू में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज किया गया था। इस शिकायत के आधार पर कि डेवलपर को लगभग 2500 करोड़ रुपये का भुगतान करने के बावजूद लगभग 4500 घर खरीदारों को घर आवंटित नहीं किए गए थे। बाद में ईडी ने मामले को अपने हाथ में ले लिया और प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉंड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई शुरू की।
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अधिकारियों ने कहा कि ईडी की टीमें खरीदार के धन के उपयोग का पता लगाने के लिए वित्तीय रिकॉर्ड, परियोजना दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच कर रही हैं। एजेंसी को संदेह है कि खरीदारों से एकत्र किए गए धन का उपयोग परियोजना को पूरा करने के लिए पूरी तरह से नहीं किया गया है, जिससे लगभग 4500 घर खरीदार कब्जे के लिए इंतजार कर रहे हैं। जांच गुरुग्राम में रहेजा रेवांता हाउसिंग प्रोजेक्ट पर केंद्रित है, जहां खरीदारों ने कई वर्षों से भुगतान करने के बावजूद हैंडओवर में लंबी देरी का आरोप लगाया है।


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रहेजा डेवलपर्स बोले- सरकारी संसाधनों की कमी देरी का मुख्य कारण
रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड ने भी इस मामले में बयान जारी किया है। ग्रुप का कहना है कि रेवांता प्रोजेक्ट में किसी प्रकार की कोई धोखाधड़ी नहीं हुई है। कंपनी ने ग्राहकों से प्राप्त राशि की तुलना में कहीं अधिक निवेश किया है, जिसकी पुष्टि रेरा की निगरानी में किए गए फॉरेंसिक ऑडिट से हो चुकी है और किसी भी प्रकार के फंड डायवर्जन का कोई मामला सामने नहीं आया है। प्रोजेक्ट में देरी का मुख्य कारण आवश्यक सरकारी संसाधनों की कमी है, जबकि कंपनी द्वारा ईडीसी/आईडीसी का पूर्ण भुगतान किया जा चुका है। 61 मंजिला इमारत जैसे बड़े प्रोजेक्ट में पानी, बिजली, सीवरेज और फायर फाइटिंग जैसी जरूरी सेवाओं के बिना सुरक्षित रूप से पजेशन देना संभव नहीं है।
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