महंगे हुए मेवे: भारत-पाकिस्तान तनाव के चलते पड़ा असर, मिठाइयों की कीमत भी बढ़ेगी, बाजार में मांग घटने की आशंका
बादाम की दूसरी किस्म मामरा बादाम की कीमत भी बढ़ गई है। करीब महीने भर पहले इसकी कीमत 2300 रुपये प्रति किलो थी अब 3000 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। मामरा बादाम ईरान और अफगानिस्तान से आता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत-पाक तनाव के बीच अफगानिस्तान और ईरान से आना वाले सूखे मेवे महंगे हो गए हैं। यही स्थिति रही तो आगामी त्योहारी सीजन में इसके भाव और चढ़ सकते हैं। हालांकि बाजार में इसकी मांग पर भी असर पड़ेगा, जिसका नुकसान इससे जुड़े कारोबारियों को होगा। जिन मिठाइयों में सूखे मेवों का इस्तेमाल होता है, उनके रेट भी बढ़ सकते हैं।
बाजार में अफगानिस्तान से आने वाले गुरबंदी बादाम की कीमत पिछले 15 दिनों में 150 रुपये प्रति किलो बढ़ी है। 15 दिन पहले यह 750 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, अब 900 रुपये प्रति किलो है। यह बादाम अफगानिस्तान से आता है। सदर बाजार के विक्रेता रोहन गुप्ता ने बताया कि अफगानिस्तान से मेवे कम आने के कारण इसकी आवक कम हुई है। यह भारत-पाक तनाव का असर है।
बादाम की दूसरी किस्म मामरा बादाम की कीमत भी बढ़ गई है। करीब महीने भर पहले इसकी कीमत 2300 रुपये प्रति किलो थी अब 3000 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। मामरा बादाम ईरान और अफगानिस्तान से आता है।
इसके अलावा अखरोट पर भी असर पड़ा है। गुरुग्राम के बाजार में कश्मीरी अखरोट के मुकाबले दक्षिण अमेरिका से आने वाले अखरोट की मांग ज्यादा है। दुकानदारों के मुताबिक दो महीने पहले अखरोट 1100 रुपये प्रति किलो था, अब 1500 रुपये प्रति किलो हो गया है।
विदेशी मेवों के साथ देशी मेवों की कीमतें भी पिछले दिनों बढ़ी हैं। किशमिश का भाव भी आसमान पर है। गुरुग्राम के बाजार में महाराष्ट्र के सांगली से किशमिश आती है। 15-20 दिन पहले तक किशमिश 240 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। अब 360 से 400 रुपये प्रति किलो बिक रही है। इन सबका असर मिठाइयों की कीमत, और घरेलू बजट पर पड़ने वाला है।