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Gurugram News: शहर के कई हिस्सों में और बेहतर होगी पेयजल सप्लाई
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चंदू बुढ़ेरा नहरी पानी शोधन संयंत्र में 5वीं यूनिट का काम दिसंबर तक होगा पूरा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने चंदू बुढ़ेरा नहरी पानी शोधन संयंत्र में निर्माणाधीन 100 एमएलडी की 5वीं यूनिट पर काम तेज कर दिया है। जीएमडीए ने इस कार्य को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद शोधन संयंत्र की क्षमता 500 एमएलडी हो जाएगी। इसके बाद शहर में पेयजल की सप्लाई और बेहतर हो जाएगी।
जीएमडीए के चंदू बुढ़ेरा पेयजल संयंत्र में 100-100 एमएलडी क्षमता के तीन प्लांट हैं। हाल में 100 एमएलडी का चौथा संयंत्र शुरू हुआ है। इससे शहर के कई हिस्सों में पानी की सप्लाई में सुधार हुआ है। चौथी यूनिट के काम पूरा होने पर अब जीएमडीए ने पांचवीं यूनिट के कार्य को तेज कर दिया है। जीएमडीए की योजना है कि इस साल के अंत तक 100 एमएलडी की पांचवीं यूनिट का कार्य पूरा कर लिया जाए। पांचवीं यूनिट की मशीनरी ठेकेदार ने पहले से ही मंगा ली है। सिविल वर्क पूरा होने के बाद इस संयंत्र को जल्द चालू किया जा सकता है। जीएमडीए के अनुसार इस कार्य को दिसंबर तक ठेकेदार को पूरा कराने को कहा गया है।
चंदू बुढ़ेरा में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर पानी की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है और छठी यूनिट लगाने की भी तैयारी की जा रही है। इस पर भी जल्द काम शुरू होना है। बता दें कि शहर में चंदू बुढ़ेरा और बसई संयंत्र से पानी की सप्लाई की जा रही है। बसई और चंदू बुढ़ेड़ा स्थित जल शोधन संयंत्र यूनिट-4 चालू होने से शहर में कुल जलापूर्ति 570 एमएलडी से बढ़कर 670 एमएलडी हो गई है। वहीं डब्ल्यूटीपी बसई की यूनिट-4 (100 एमएलडी) के लिए जल्द कार्य अलाॅट किया जाना है। इस संयंत्र के साथ तीन दिन पानी स्टोरेज की क्षमता होगी। जीएमडीए के अनुसार 2031 तक गुरुग्राम में 1170 एमएलडी जलापूर्ति की अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित की जा रही है।
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जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा ने बताया कि जीएमडीए नए संयंत्र बनाने और पेयजल नेटवर्क को बेहतर करने के लिए काम कर रहा है। 5वीं यूनिट का कार्य दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। चंदू बुढ़ेरा जल शोधन संयंत्र पर 65 किलोमीटर के एनसीआर चैनल के माध्यम से पानी पहुंचता है।
बिजली सिस्टम भी अपग्रेड होगा
चंदू बुढ़ेरा पेयजल संयंत्र में नए संयंत्र को देखते हुए 66 केवी का बिजली का नया सब स्टेशन बनाया जाएगा। वहीं, मौजूदा 66 केवी सब स्टेशन में एक स्पेयर-बे का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर जारी किया गया है। 66 केवी के सब स्टेशन के निर्माण पर करीब 17.33 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह भविष्य की जरूरतों को भी पूरा करेगा। इस परियोजना को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी से मंजूरी मिली हुई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने चंदू बुढ़ेरा नहरी पानी शोधन संयंत्र में निर्माणाधीन 100 एमएलडी की 5वीं यूनिट पर काम तेज कर दिया है। जीएमडीए ने इस कार्य को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद शोधन संयंत्र की क्षमता 500 एमएलडी हो जाएगी। इसके बाद शहर में पेयजल की सप्लाई और बेहतर हो जाएगी।
जीएमडीए के चंदू बुढ़ेरा पेयजल संयंत्र में 100-100 एमएलडी क्षमता के तीन प्लांट हैं। हाल में 100 एमएलडी का चौथा संयंत्र शुरू हुआ है। इससे शहर के कई हिस्सों में पानी की सप्लाई में सुधार हुआ है। चौथी यूनिट के काम पूरा होने पर अब जीएमडीए ने पांचवीं यूनिट के कार्य को तेज कर दिया है। जीएमडीए की योजना है कि इस साल के अंत तक 100 एमएलडी की पांचवीं यूनिट का कार्य पूरा कर लिया जाए। पांचवीं यूनिट की मशीनरी ठेकेदार ने पहले से ही मंगा ली है। सिविल वर्क पूरा होने के बाद इस संयंत्र को जल्द चालू किया जा सकता है। जीएमडीए के अनुसार इस कार्य को दिसंबर तक ठेकेदार को पूरा कराने को कहा गया है।
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चंदू बुढ़ेरा में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर पानी की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है और छठी यूनिट लगाने की भी तैयारी की जा रही है। इस पर भी जल्द काम शुरू होना है। बता दें कि शहर में चंदू बुढ़ेरा और बसई संयंत्र से पानी की सप्लाई की जा रही है। बसई और चंदू बुढ़ेड़ा स्थित जल शोधन संयंत्र यूनिट-4 चालू होने से शहर में कुल जलापूर्ति 570 एमएलडी से बढ़कर 670 एमएलडी हो गई है। वहीं डब्ल्यूटीपी बसई की यूनिट-4 (100 एमएलडी) के लिए जल्द कार्य अलाॅट किया जाना है। इस संयंत्र के साथ तीन दिन पानी स्टोरेज की क्षमता होगी। जीएमडीए के अनुसार 2031 तक गुरुग्राम में 1170 एमएलडी जलापूर्ति की अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित की जा रही है।
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जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा ने बताया कि जीएमडीए नए संयंत्र बनाने और पेयजल नेटवर्क को बेहतर करने के लिए काम कर रहा है। 5वीं यूनिट का कार्य दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। चंदू बुढ़ेरा जल शोधन संयंत्र पर 65 किलोमीटर के एनसीआर चैनल के माध्यम से पानी पहुंचता है।
बिजली सिस्टम भी अपग्रेड होगा
चंदू बुढ़ेरा पेयजल संयंत्र में नए संयंत्र को देखते हुए 66 केवी का बिजली का नया सब स्टेशन बनाया जाएगा। वहीं, मौजूदा 66 केवी सब स्टेशन में एक स्पेयर-बे का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर जारी किया गया है। 66 केवी के सब स्टेशन के निर्माण पर करीब 17.33 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह भविष्य की जरूरतों को भी पूरा करेगा। इस परियोजना को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी से मंजूरी मिली हुई है।