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Gurugram News: सबूतों और गवाहों के अभाव में दहेज हत्या का आरोपी बरी
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तरण सिंहल की कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के अभाव में दहेज हत्या और दहेज उत्पीड़न के आरोपी को बरी कर दिया है। भाई की शिकायत पर डीएलएफ सेक्टर-29 पुलिस ने आईपीसी की धारा 306 /34 में केस दर्ज किया था।
बीकानेर राजस्थान निवासी सुमित चौधरी ने डीएलएफ सेक्टर-29 थाना पुलिस में दी शिकायत में बताया था कि छोटी बहन हिमानी एक बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत थी। उसकी शादी 4 फरवरी 2016 को अमित कुमार मोहल्ला गोतमान जिला अलीगढ़ यूपी के साथ हुई थी। भाई ने बताया था कि अमित कुमार व हिमानी रिजवुड स्टेट में किराए पर रहते थे। अमित कुमार बहन को शादी के बाद से ही दहेज के लिए मानसिक तौर पर परेशान करता था। भाई ने पुलिस को बताया था कि आरोपी अमित व उसके माता-पिता नोएडा में फ्लैट लेने के लिए 10 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं।
23 अप्रैल 2017 को बहन ने फंदा बनाकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने लगी तो अमित कुमार ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान बहन की अस्पताल में मौत हो गई। सुमित ने बताया था कि उसकी बहन से शादी करने से पहले अमित ने लुधियाना की महक भारती से शादी की थी और दहेज कम मिलने के कारण तलाक ले लिया था। पुलिस ने आईपीसी की धारा 306 /34 में केस दर्ज किया था। बाद में इस मामले में दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या की भी धारा जोड़ ली थी। यह मामला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तरण सिंहल की कोर्ट में चल रहा था। इस दौरान पुलिस ने 37 गवाहों को पेश किया था। हालांकि, कोर्ट ने सोमवार को सबूतों और गवाहों के अभाव में आरोपी को बरी कर दिया।
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गुरुग्राम। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तरण सिंहल की कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के अभाव में दहेज हत्या और दहेज उत्पीड़न के आरोपी को बरी कर दिया है। भाई की शिकायत पर डीएलएफ सेक्टर-29 पुलिस ने आईपीसी की धारा 306 /34 में केस दर्ज किया था।
बीकानेर राजस्थान निवासी सुमित चौधरी ने डीएलएफ सेक्टर-29 थाना पुलिस में दी शिकायत में बताया था कि छोटी बहन हिमानी एक बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत थी। उसकी शादी 4 फरवरी 2016 को अमित कुमार मोहल्ला गोतमान जिला अलीगढ़ यूपी के साथ हुई थी। भाई ने बताया था कि अमित कुमार व हिमानी रिजवुड स्टेट में किराए पर रहते थे। अमित कुमार बहन को शादी के बाद से ही दहेज के लिए मानसिक तौर पर परेशान करता था। भाई ने पुलिस को बताया था कि आरोपी अमित व उसके माता-पिता नोएडा में फ्लैट लेने के लिए 10 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं।
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23 अप्रैल 2017 को बहन ने फंदा बनाकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने लगी तो अमित कुमार ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान बहन की अस्पताल में मौत हो गई। सुमित ने बताया था कि उसकी बहन से शादी करने से पहले अमित ने लुधियाना की महक भारती से शादी की थी और दहेज कम मिलने के कारण तलाक ले लिया था। पुलिस ने आईपीसी की धारा 306 /34 में केस दर्ज किया था। बाद में इस मामले में दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या की भी धारा जोड़ ली थी। यह मामला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तरण सिंहल की कोर्ट में चल रहा था। इस दौरान पुलिस ने 37 गवाहों को पेश किया था। हालांकि, कोर्ट ने सोमवार को सबूतों और गवाहों के अभाव में आरोपी को बरी कर दिया।
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