{"_id":"6574beb4447c3ed14e082447","slug":"doctors-went-on-strike-patients-faced-problems-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-20580-2023-12-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: चिकित्सकों ने की हड़ताल, मरीजों को हुई परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: चिकित्सकों ने की हड़ताल, मरीजों को हुई परेशानी
विज्ञापन
9 से 11 बजे तक बंद रही ओपीडी, डाॅक्टरों ने कहा- दूसरे राज्यों में तरह नहीं मिल रहीं सुविधाएं
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। 5 सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार को हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएसए) के चिकित्सकों ने दो घंटे की हड़ताल की। जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एचसीएमएस के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश की स्थापना के 50 साल पूरे होने के बाद भी राज्य के चिकित्सकों को वह सुविधाएं नही दी गई जो दूसरे राज्यों में दी जा रही है। बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक सरकारी क्षेत्र में जनसंख्या के मुताबिक तकरीबन 10 हजार चिकित्सक होने चाहिए। लेकिन आज भी दुर्भाग्य से पूरे प्रदेश में केवल 2500 चिकित्सक ही मरीजों की सेवा में तैनात हैं। चिकित्सकों की मानें तो यह न केवल जनता के हितों का उल्लंघन है बल्कि योग चिकित्सकों का भी इससे नुकसान हो रहा है। बताया गया है कि अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर पूरे प्रदेश के 2000 चिकित्सक इसमें शामिल होंगे।
इस मांग के लिए हो रही हड़ताल
एचएसीएमएसए अधिकारियों के मुताबिक पहली मांग जो मेडिकल अधिकारी विभाग में नियुक्त हैं, उन्हें पदोन्नति देकर सीधे एसएमओ बनाया जाना चाहिए। जबकि सरकार ऐसा नहीं करके सीधे एसएमओ भर्ती कर रही है। दूसरी ओर एसोसिएशन लंबे समय से पीजी पॉलिसी में संशोधन कर स्पेशलिस्ट कैडर बनाने की भी मांग कर रही है जिसे सरकार मानने को तैयार नहीं। तीसरा प्रदेश को 50 साल पूरे होने के बाद भी उनकी मांगें अब तक नहीं सुनीं गईं। चौथा एसीपी रैंक को 4, 9,13, 20 करने की मांग है। पांचवीं मांग एमडी व एमएस कोर्स के लिए सरकार एक करोड़ रुपये की मांग करती है। जबकि दिल्ली, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में इसके लिए केवल 50 लाख रुपये ही लिए जाते हैं।
बिहार पैटर्न भी लंबित
बताया गया है कि केंद्र व बिहार जैसे अन्य राज्यों के पैटर्न को 2019 में एचएम व सीएम द्वारा सैद्धांतिक रूप से अनुमोदित किया गया जब डॉक्टरों ने हड़ताल का आह्वान किया था। अब तक यह वित्त विभाग में लंबित है।
विज्ञापन
वर्जन-
मरीजों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं हुई। 11 बजे के बाद ओपीडी शुरू कर दी गई थी। गंभीर मरीजों पर विभाग की नजर थी। इमरजेंसी सेवा चल रही थी। 11 बजे के बाद ओपीडी सेवाएं शुरू हो गई।- डा. विरेन्द्र यादव, सीएमओ, गुरुग्राम।
वर्जन-
शनिवार को 5 सूत्रीय मांगों को लेकर हमने सांकेतिक स्ट्राइक की। जिसका साफ संदेश था सरकार हमारी बातें सुने। जब देश के दूसरे राज्यों में चिकित्सकों को डिमांड के मुताबिक सुविधाएं दी जा रही है तो यहां क्यों नही। डा. केशव शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एचसीएमएसए हरियाणा।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। 5 सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार को हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएसए) के चिकित्सकों ने दो घंटे की हड़ताल की। जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एचसीएमएस के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश की स्थापना के 50 साल पूरे होने के बाद भी राज्य के चिकित्सकों को वह सुविधाएं नही दी गई जो दूसरे राज्यों में दी जा रही है। बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक सरकारी क्षेत्र में जनसंख्या के मुताबिक तकरीबन 10 हजार चिकित्सक होने चाहिए। लेकिन आज भी दुर्भाग्य से पूरे प्रदेश में केवल 2500 चिकित्सक ही मरीजों की सेवा में तैनात हैं। चिकित्सकों की मानें तो यह न केवल जनता के हितों का उल्लंघन है बल्कि योग चिकित्सकों का भी इससे नुकसान हो रहा है। बताया गया है कि अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर पूरे प्रदेश के 2000 चिकित्सक इसमें शामिल होंगे।
इस मांग के लिए हो रही हड़ताल
एचएसीएमएसए अधिकारियों के मुताबिक पहली मांग जो मेडिकल अधिकारी विभाग में नियुक्त हैं, उन्हें पदोन्नति देकर सीधे एसएमओ बनाया जाना चाहिए। जबकि सरकार ऐसा नहीं करके सीधे एसएमओ भर्ती कर रही है। दूसरी ओर एसोसिएशन लंबे समय से पीजी पॉलिसी में संशोधन कर स्पेशलिस्ट कैडर बनाने की भी मांग कर रही है जिसे सरकार मानने को तैयार नहीं। तीसरा प्रदेश को 50 साल पूरे होने के बाद भी उनकी मांगें अब तक नहीं सुनीं गईं। चौथा एसीपी रैंक को 4, 9,13, 20 करने की मांग है। पांचवीं मांग एमडी व एमएस कोर्स के लिए सरकार एक करोड़ रुपये की मांग करती है। जबकि दिल्ली, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में इसके लिए केवल 50 लाख रुपये ही लिए जाते हैं।
विज्ञापन
बिहार पैटर्न भी लंबित
बताया गया है कि केंद्र व बिहार जैसे अन्य राज्यों के पैटर्न को 2019 में एचएम व सीएम द्वारा सैद्धांतिक रूप से अनुमोदित किया गया जब डॉक्टरों ने हड़ताल का आह्वान किया था। अब तक यह वित्त विभाग में लंबित है।
विज्ञापन
वर्जन-
मरीजों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं हुई। 11 बजे के बाद ओपीडी शुरू कर दी गई थी। गंभीर मरीजों पर विभाग की नजर थी। इमरजेंसी सेवा चल रही थी। 11 बजे के बाद ओपीडी सेवाएं शुरू हो गई।- डा. विरेन्द्र यादव, सीएमओ, गुरुग्राम।
वर्जन-
शनिवार को 5 सूत्रीय मांगों को लेकर हमने सांकेतिक स्ट्राइक की। जिसका साफ संदेश था सरकार हमारी बातें सुने। जब देश के दूसरे राज्यों में चिकित्सकों को डिमांड के मुताबिक सुविधाएं दी जा रही है तो यहां क्यों नही। डा. केशव शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एचसीएमएसए हरियाणा।