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रिश्वत कांड मामले में जिला जेल वार्जन दोषी करार, फैसला सुरक्षित
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गुरुग्राम। जिला जेल के वार्डन के द्वारा रिश्वत लेने के मामले की मंगलवार को जिला न्यायालय में सुनवाई पूरी हो गई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार ने मामले पर सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी की सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। आरोपी वार्डन ने एक कैदी को हिसार जेल में ट्रांसफर कराने के लिए परिजनों से 10 हजार रुपये की मांग की थी।
पटौदी क्षेत्र के जाटौली गांव निवासी गौरव ने 9 अक्तूबर 2018 को राज्य सतर्कता ब्यूरो को शिकायत दी थी कि उसका बहनोई कृष्ण हत्या के एक मामले में जिला कारागार भोंडसी में बंद है। जिला जेल में तैनात सिपाही राजेश कुमार धमकी देता है कि उसके बहनोई को इस जेल से हिसार जेल में ट्रांसफर करा देगा। इसकी एवज में उसने 10 हजार रुपये की मांग की है। वह रिश्वत नहीं देना चाहता, इसलिए वह शिकायत दे रहा है।
राज्य सतर्कता ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए उपायुक्त के आदेश पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में जिला जेल में कर्मचारियों के लिए बनी बैरक के सामने से राजेश को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। सतर्कता ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर अदालत में चालान पेश कर दिया था।
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पटौदी क्षेत्र के जाटौली गांव निवासी गौरव ने 9 अक्तूबर 2018 को राज्य सतर्कता ब्यूरो को शिकायत दी थी कि उसका बहनोई कृष्ण हत्या के एक मामले में जिला कारागार भोंडसी में बंद है। जिला जेल में तैनात सिपाही राजेश कुमार धमकी देता है कि उसके बहनोई को इस जेल से हिसार जेल में ट्रांसफर करा देगा। इसकी एवज में उसने 10 हजार रुपये की मांग की है। वह रिश्वत नहीं देना चाहता, इसलिए वह शिकायत दे रहा है।
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राज्य सतर्कता ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए उपायुक्त के आदेश पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में जिला जेल में कर्मचारियों के लिए बनी बैरक के सामने से राजेश को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। सतर्कता ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर अदालत में चालान पेश कर दिया था।
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