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छोटे हिस्से के विवाद से पूरे सीवरेज नेटवर्क पर न लगे ब्रेक : ढेसी
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प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी अधिकारियों के साथ बैठक करते। स्त्रोत- प्राधिकरण
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सेक्टर-81 से 115 तक मास्टर सीवरेज लाइन के कार्य की समीक्षा
नंबर गेम - 25 किमी बिछाई जानी है सीवरेज लाइन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जमीन के छोटे हिस्से पर चल रहे कोर्ट केस के कारण पूरे सीवरेज नेटवर्क का काम प्रभावित नहीं होना चाहिए। जहां राइट ऑफ वे उपलब्ध है, वहां सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य तत्काल आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि मिसिंग लिंक को जल्द दूर करने के लिए वैकल्पिक एलाइनमेंट समेत सभी संभावनाओं पर विचार किया जाए।
ढेसी मंगलवार को गुरुग्राम में सेक्टर-81 से 115 तक मास्टर सीवरेज लाइन बिछाने के कार्य की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नए विकसित हो रहे सेक्टरों में सीवरेज व्यवस्था को समयबद्ध तरीके से मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-81 से 87 तक एचएसवीपी की ओर से करीब 25 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन बिछाई जानी है। इसमें करीब 1700 मीटर लाइन का काम कुछ स्थानों पर चल रहे कोर्ट केस के कारण पूरा नहीं हो सका है। इससे सीवरेज नेटवर्क में मिसिंग लिंक बना हुआ है। ढेसी ने अधिकारियों को लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी करने और जल्द समाधान के प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोर्ट केस वाले हिस्सों में वैकल्पिक एलाइनमेंट की संभावनाएं भी तलाशें।
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एचएसवीपी-जीएमडीए करेंगे संयुक्त निरीक्षण
सीवरेज लाइन के मिसिंग लिंक को दूर करने में आ रही दिक्कतों के समाधान के लिए ढेसी ने एचएसवीपी और जीएमडीए के अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए। अधिकारी मौके पर जाकर तकनीकी, भूमि संबंधी और एलाइनमेंट से जुड़ी समस्याओं की पहचान करेंगे और समाधान तलाशेंगे। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-81 से 115 तक विभिन्न सेक्टरों से निकलने वाले सीवरेज को सेक्टर-107 में प्रस्तावित 100 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में पहुंचाया जाएगा। इसके निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं।
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सीवरेज सुधार के 41 में से 26 क्षेत्रों में काम पूरा
गुरुग्राम। शहर की सीवरेज व्यवस्था में सुधार के लिए नगर निगम गुरुग्राम की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत 41 चिन्हित क्षेत्रों में से 26 में काम पूरा हो चुका है। छह अन्य क्षेत्रों में सीवरेज सुधार कार्य अंतिम चरण में है। मंगलवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में हुई सीवरेज मैनेजमेंट सेल (एसएमसी) की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में विभिन्न कॉलोनियों और गांवों में चल रहे सीवरेज सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सीवरेज समस्याओं के तात्कालिक प्रबंधन के साथ उनके स्थायी समाधान के लिए एसएमसी का गठन कर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सीवरेज नेटवर्क का आकलन किया गया था। इसके आधार पर सफाई, डी-सिल्टिंग, नई सीवर लाइन और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्य शुरू किए गए। बैठक में सरस्वती एन्क्लेव, नाथूपुर, झाड़सा, प्रेमपुरी, घाटा और बहरामपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों में डीपीआर आधारित सीवरेज सुधार परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें नई सीवर लाइन डालने, ट्रंक सीवर लाइन बदलने और मौजूदा सीवरेज नेटवर्क को मजबूत करने के कार्य शामिल हैं। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी और यश जालुका, चीफ इंजीनियर विजय ढाका सहित कार्यकारी अभियंता और सहायक अभियंता मौजूद रहे। ब्यूरो
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नंबर गेम - 25 किमी बिछाई जानी है सीवरेज लाइन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जमीन के छोटे हिस्से पर चल रहे कोर्ट केस के कारण पूरे सीवरेज नेटवर्क का काम प्रभावित नहीं होना चाहिए। जहां राइट ऑफ वे उपलब्ध है, वहां सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य तत्काल आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि मिसिंग लिंक को जल्द दूर करने के लिए वैकल्पिक एलाइनमेंट समेत सभी संभावनाओं पर विचार किया जाए।
ढेसी मंगलवार को गुरुग्राम में सेक्टर-81 से 115 तक मास्टर सीवरेज लाइन बिछाने के कार्य की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नए विकसित हो रहे सेक्टरों में सीवरेज व्यवस्था को समयबद्ध तरीके से मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
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बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-81 से 87 तक एचएसवीपी की ओर से करीब 25 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन बिछाई जानी है। इसमें करीब 1700 मीटर लाइन का काम कुछ स्थानों पर चल रहे कोर्ट केस के कारण पूरा नहीं हो सका है। इससे सीवरेज नेटवर्क में मिसिंग लिंक बना हुआ है। ढेसी ने अधिकारियों को लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी करने और जल्द समाधान के प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोर्ट केस वाले हिस्सों में वैकल्पिक एलाइनमेंट की संभावनाएं भी तलाशें।
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एचएसवीपी-जीएमडीए करेंगे संयुक्त निरीक्षण
सीवरेज लाइन के मिसिंग लिंक को दूर करने में आ रही दिक्कतों के समाधान के लिए ढेसी ने एचएसवीपी और जीएमडीए के अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए। अधिकारी मौके पर जाकर तकनीकी, भूमि संबंधी और एलाइनमेंट से जुड़ी समस्याओं की पहचान करेंगे और समाधान तलाशेंगे। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-81 से 115 तक विभिन्न सेक्टरों से निकलने वाले सीवरेज को सेक्टर-107 में प्रस्तावित 100 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में पहुंचाया जाएगा। इसके निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं।
सीवरेज सुधार के 41 में से 26 क्षेत्रों में काम पूरा
गुरुग्राम। शहर की सीवरेज व्यवस्था में सुधार के लिए नगर निगम गुरुग्राम की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत 41 चिन्हित क्षेत्रों में से 26 में काम पूरा हो चुका है। छह अन्य क्षेत्रों में सीवरेज सुधार कार्य अंतिम चरण में है। मंगलवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में हुई सीवरेज मैनेजमेंट सेल (एसएमसी) की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में विभिन्न कॉलोनियों और गांवों में चल रहे सीवरेज सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सीवरेज समस्याओं के तात्कालिक प्रबंधन के साथ उनके स्थायी समाधान के लिए एसएमसी का गठन कर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सीवरेज नेटवर्क का आकलन किया गया था। इसके आधार पर सफाई, डी-सिल्टिंग, नई सीवर लाइन और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्य शुरू किए गए। बैठक में सरस्वती एन्क्लेव, नाथूपुर, झाड़सा, प्रेमपुरी, घाटा और बहरामपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों में डीपीआर आधारित सीवरेज सुधार परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें नई सीवर लाइन डालने, ट्रंक सीवर लाइन बदलने और मौजूदा सीवरेज नेटवर्क को मजबूत करने के कार्य शामिल हैं। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी और यश जालुका, चीफ इंजीनियर विजय ढाका सहित कार्यकारी अभियंता और सहायक अभियंता मौजूद रहे। ब्यूरो