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Gurugram News: नई आवासीय व व्यावसायिक परियोजनाओं को पानी-सीवर कनेक्शन देने पर मंथन
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स बैठक में क्षेत्रों की बुनियादी ढांचे की कमी दूर करने और सेक्टर-एक से 57 तक बढ़ती मांग पर विस्तृत चर्चा की गई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा की अध्यक्षता में एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी व नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्रों की बुनियादी ढांचे की कमी दूर करने और सेक्टर-एक से 57 तक बढ़ती मांग पर विस्तृत चर्चा की गई। नई ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों, बड़े अस्पतालों, व्यावसायिक स्थलों व सीएलयू साइटों को पानी, सीवरेज व स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज कनेक्शन उपलब्ध कराने की चुनौतियों पर विचार किया गया।
बैठक में बताया गया कि एचएसवीपी की ओर से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटित की गई है, लेकिन कई साइटें मूल सेक्टर प्लान का हिस्सा नहीं हैं। मौजूदा बुनियादी ढांचा इनकी अतिरिक्त जल-सीवर मांग पूरा करने में सक्षम नहीं है, जिससे सेक्टर-एक से 57 तक जल आपूर्ति व सीवरेज नेटवर्क पर दबाव बढ़ रहा है। छोटे प्लॉटेड पॉकेट्स में बूस्टिंग स्टेशन प्रस्तावित नहीं हैं तथा मास्टर लाइन से अनधिकृत कनेक्शन के मामले भी सामने आए हैं।
एचएसवीपी व एचएसआईआईडीसी द्वारा आवंटित बड़े अस्पतालों व व्यावसायिक भूखंडों के लिए आवश्यक जल, सीवर व ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर की पूर्व योजना नहीं बनी। सेक्टर-65 जैसे क्षेत्रों में भविष्य में गंभीर जल दबाव की आशंका जताई गई। कॉमर्शियल एससीओ साइटों पर भी अग्रिम जल आपूर्ति योजना का अभाव है।
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जीएमडीए के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना समुचित ढांचा योजना के नई परियोजनाओं को स्वीकृति देने से जल संकट, सीवर ओवरफ्लो व जलभराव जैसी समस्याएं बढ़ेंगी। एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, पूर्व स्वीकृति प्रणाली मजबूत करने व इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग को अनिवार्य जोड़ने पर बल दिया गया। बल्क कनेक्शन गाइडलाइंस के लिए जीएमडीए, एचएसआईआईडीसी, एचएसवीपी व एमसीजी अधिकारियों की कमेटी गठित की गई, जो एक सप्ताह में ड्राफ्ट तैयार करेगी।
सीईओ पीसी मीणा ने कहा कि नई परियोजनाओं को सेवाओं से जोड़ने से पूर्व इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता का वैज्ञानिक आकलन अनिवार्य होगा। चरणबद्ध योजना से नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी न झेलनी पड़े। बैठक में निगमायुक्त प्रदीप दहिया, एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह, एडिशनल सीईओ विश्वजीत, जीएमडीए चीफ इंजीनियर आरएस जांगड़ा व एमसीजी चीफ इंजीनियर विजय ढाका उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा की अध्यक्षता में एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी व नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्रों की बुनियादी ढांचे की कमी दूर करने और सेक्टर-एक से 57 तक बढ़ती मांग पर विस्तृत चर्चा की गई। नई ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों, बड़े अस्पतालों, व्यावसायिक स्थलों व सीएलयू साइटों को पानी, सीवरेज व स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज कनेक्शन उपलब्ध कराने की चुनौतियों पर विचार किया गया।
बैठक में बताया गया कि एचएसवीपी की ओर से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटित की गई है, लेकिन कई साइटें मूल सेक्टर प्लान का हिस्सा नहीं हैं। मौजूदा बुनियादी ढांचा इनकी अतिरिक्त जल-सीवर मांग पूरा करने में सक्षम नहीं है, जिससे सेक्टर-एक से 57 तक जल आपूर्ति व सीवरेज नेटवर्क पर दबाव बढ़ रहा है। छोटे प्लॉटेड पॉकेट्स में बूस्टिंग स्टेशन प्रस्तावित नहीं हैं तथा मास्टर लाइन से अनधिकृत कनेक्शन के मामले भी सामने आए हैं।
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एचएसवीपी व एचएसआईआईडीसी द्वारा आवंटित बड़े अस्पतालों व व्यावसायिक भूखंडों के लिए आवश्यक जल, सीवर व ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर की पूर्व योजना नहीं बनी। सेक्टर-65 जैसे क्षेत्रों में भविष्य में गंभीर जल दबाव की आशंका जताई गई। कॉमर्शियल एससीओ साइटों पर भी अग्रिम जल आपूर्ति योजना का अभाव है।
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जीएमडीए के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना समुचित ढांचा योजना के नई परियोजनाओं को स्वीकृति देने से जल संकट, सीवर ओवरफ्लो व जलभराव जैसी समस्याएं बढ़ेंगी। एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, पूर्व स्वीकृति प्रणाली मजबूत करने व इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग को अनिवार्य जोड़ने पर बल दिया गया। बल्क कनेक्शन गाइडलाइंस के लिए जीएमडीए, एचएसआईआईडीसी, एचएसवीपी व एमसीजी अधिकारियों की कमेटी गठित की गई, जो एक सप्ताह में ड्राफ्ट तैयार करेगी।
सीईओ पीसी मीणा ने कहा कि नई परियोजनाओं को सेवाओं से जोड़ने से पूर्व इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता का वैज्ञानिक आकलन अनिवार्य होगा। चरणबद्ध योजना से नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी न झेलनी पड़े। बैठक में निगमायुक्त प्रदीप दहिया, एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह, एडिशनल सीईओ विश्वजीत, जीएमडीए चीफ इंजीनियर आरएस जांगड़ा व एमसीजी चीफ इंजीनियर विजय ढाका उपस्थित रहे।