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Gurugram News: बिजली के लिए दस दिनों में फूंक दिया दस लाख का डीजल

Sat, 06 Jan 2024 11:17 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jan 2024 11:17 PM IST
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Diesel worth one million burnt in ten days for electricity
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ग्रैप नियमों की उड़ रही धज्जियां,
सब स्टेशन के लिए सिक्योरिटी मनी जमा न कराने पर एटीएस ट्रायंफ सोसाइटी का कटा हुआ है विद्युत कनेक्शन

संवाद न्यूज एजेंसी

गुरुग्राम। एक ओर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सोसाइटियों को डीजल आधारित जेनसेट में सीएनजी किट लगवाने या सीएनजी जेनसेट के प्रयोग करने के निर्देश दे रहा है। दूसरी ओर एटीएस ट्रायंस सोसाइटी पिछले दस दिनों से डीजल आधारित जेनसेट से ही रोशन हो रही है। सब स्टेशन के लिए करीब 6 करोड़ की बैंक गारंटी न देने के कारण विद्युत निगम ने दस दिन पहले इस सोसाइटी के अस्थाई कनेक्शन को काट दिया था। तभी से यहां डीजल जेनसेट चलाया जा रहा है। बीते दस दिनों के दौरान बिल्डर यहां दस लाख रुपये का डीजल इस जेनरेटर में फूंक चुका है।
बिल्डर और बिजली निगम की रस्साकशी के बीच सेक्टर 104 स्थित एटीएस ट्रायंफ सोसाइटी में पिछले 10 दिनों से जेनसेट से बिजली व्यवस्था चल रही है। 28 दिसंबर को यहां की बिजली काट दी गई थी। सोसाइटी में प्रतिदिन एक लाख रुपये का डीजल बिजली बनाने के लिए जलाया जा रहा है। इसका धुआं प्रदूषित शहर को और प्रदूषित कर रहा है। बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बैंक गारंटी की बकाया राशि करीब तीन करोड़ 84 लाख रुपये बिजली निगम के पास जमा नहीं किए जाने के कारण बिजली निगम ने यहां की बिजली काट दी है। जेनसेट के सहारे सोसाइटी का काम चल रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बिल्डर प्रबंधन बिजली निगम पर दबाव बनाने के लिए उन्हें प्रदर्शन के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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डीएचबीवीएन के स्थानीय एसडीओ विक्रम सिंह परमार ने बताया कि बगैर बैंक का गारंटी दिए निगम बिजली का कनेक्शन दोबारा नहीं जोड़ सकता है। इससे अगर प्रदूषण बढ़ रहा है तो इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कार्रवाई करनी चाहिए। बैंक गारंटी वह राशि है जो 33 केवीए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के पहले बिजली निगम को जमा की जाती है। जब सोसाइटी 33 केवीए इंफ्रास्ट्रक्चर बना लेगी या इसकी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी तो बिजली निगम यह राशि बिल्डर को लौटा देगी। कई बिल्डरों ने इंफ्रास्ट्रक्चर बना लिया है और यह राशि उन्हें वापस मिल चुकी है।
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