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Gurugram News: एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों को ऑनलाइन तबादला नीति से छूट देने की मांग
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- फोटो
- बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर नीति वापस लेने की अपील की
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा ने एमपीएचडब्ल्यू (बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता) कर्मचारियों को मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (एमओटीपी) से छूट देने की मांग की है। एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को सीएमओ की माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन को सौंपा। ज्ञापन में एमओटीपी का विरोध जताया और इसे वापस लेने की अपील की। एसोसिएशन का कहना है कि बड़े पैमाने पर ऑनलाइन तबादले होने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसका असर टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, मलेरिया और डेंगू नियंत्रण जैसे अभियानों पर भी पड़ सकता है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों का काम केवल स्वास्थ्य केंद्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समुदाय के बीच रहकर गर्भवती महिलाओं, बच्चों और टीबी, बीपी व मधुमेह जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की निगरानी और देखभाल करते हैं। उन्हें अपने क्षेत्र के मरीजों और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की जानकारी होती है। ऐसे में अचानक तबादला होने से मरीजों के नियमित फॉलोअप और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता पर असर पड़ सकता है।
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- बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर नीति वापस लेने की अपील की
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा ने एमपीएचडब्ल्यू (बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता) कर्मचारियों को मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (एमओटीपी) से छूट देने की मांग की है। एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को सीएमओ की माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन को सौंपा। ज्ञापन में एमओटीपी का विरोध जताया और इसे वापस लेने की अपील की। एसोसिएशन का कहना है कि बड़े पैमाने पर ऑनलाइन तबादले होने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसका असर टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, मलेरिया और डेंगू नियंत्रण जैसे अभियानों पर भी पड़ सकता है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों का काम केवल स्वास्थ्य केंद्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समुदाय के बीच रहकर गर्भवती महिलाओं, बच्चों और टीबी, बीपी व मधुमेह जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की निगरानी और देखभाल करते हैं। उन्हें अपने क्षेत्र के मरीजों और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की जानकारी होती है। ऐसे में अचानक तबादला होने से मरीजों के नियमित फॉलोअप और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता पर असर पड़ सकता है।
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