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समय के साथ ही तेल भी बचाएगा दिल्ली-मुंबई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

Wed, 15 Sep 2021 11:16 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 15 Sep 2021 11:16 PM IST
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Delhi-Mumbai Greenfield Expressway will also save oil over time
गुरुग्राम। दिल्ली-मुंबई के बीच बनने वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे आपका समय ही नहीं बचाएगा, बल्कि सालाना 32 करोड़ लीटर ईंधन की बचत भी करेगा। अनुमान के मुताबिक, इससे 85 करोड़ किलो कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन कम होगा। यह देश का पहला डेडिकेटिड इलेक्ट्रिक व्हीकल एक्सप्रेसवे भी होगा। इसकी चार लेन इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए आरक्षित होंगी। इस तरह यह ईको फ्रेंडली भी होगा।
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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बृहस्पतिवार को दिल्ली से दौसा तक इसकी निर्माण प्रगति का निरीक्षण करेंगे। 1350 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के 350 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है। इस पर एक तरफ 8 लेन बनाई जा रही हैं। जरूरत होने पर भविष्य में चार लेन और बढ़ाई जा सकेंगी। दो जाने और दो आने की। ये चार लेन ही इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए होंगी। इसका काम जनवरी 2023 तक पूरा होना है। हालांकि कोरोना माहमारी के कारण इसके निर्माण में देरी की आशंका जताई जा रही है।
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कई हैं खासियत
- 5 राज्यों से होकर गुजरेगा
- दिल्ली-एनसीआर में 137 किलोमीटर होगी इसकी लंबाई
- गुजरात में सबसे अधिक 423 तो महाराष्ट्र में सबसे कम 171 किलोमीटर हिस्सा होगा।
- राजस्थान में 374 तो मध्य प्रदेश में 245 किलोमीटर होगा एक्सप्रेसवे
- 25 की बजाय महज 13 घंटे में पूरा हो जाएगा दिल्ली से मुंबई तक का सफर।
- इसके निर्माण के बाद एनएच-8 पर वाहनों का दबाव कम होगा।
अन्य विशेषताएं
- एक्सप्रेसवे पर हर 50 मीटर पर दोनों ओर फेसलिटी सेंटर बनेंगे। यहां रेस्तरां, फूड कोर्ट, सुविधा स्टोर, प्रसाधन, पेट्रोल, डीजल सीएनजी पंप और इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाइंट होंगे।
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- वाहनों के लिए गति सीमा 120 किमी/घंटा तय होगी।
- सड़क के दोनों ओर 1.5 मीटर ऊंची दीवार होगी, ताकि सड़क पर कोई जानवर या अवांछित चीज न आ सके।
- टोल प्लाजा स्लिप लेन में बनेंगे। जितने किलोमीटर सफर किया है, उतना ही टोल अदा करना होगा।
- हर 2.5 किमी पर पशुओं के ओवरपास बनेगा। हर 500 मीटर पर एक अंडरपास होगा।
- एक्सप्रेसवे की लाइट सोलर पावर से जलेंगी। बरसाती पानी के संचयन के लिए हार्वेस्टिंग सिस्टम बन रहा है।
- एक्सप्रेसवे पर सालाना 32 करोड़ लीटर तेल बचेगा। इससे हर साल 85 करोड़ किलो कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन कम होगा।
इंडस्ट्रियल टाउनशिप और स्मार्ट सिटी भी प्रोजेक्ट का हिस्सा
केंद्रीय योजना राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि पूरे प्रोजेक्ट पर नितिन गडकरी से पहले ही गहन चर्चा हो चुकी है। इसे देश ही नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे नायाब एक्सप्रेसवे बनाने की दिशा में काम हो रहा है। एक्सप्रेसवे के किनारे मॉडर्न औद्योगिक टाउनशिप के साथ ही स्मार्ट सिटी बनाने का भी प्रस्ताव है। पूरे रूट पर इंटरवल स्पॉट विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ‘सड़क से समृद्धि’ की अवधारणा पर काम करते हुए गडकरी सड़कों का नया जाल बुन रहे हैं। छोटे शहरों को महानगरों से जोड़ने में ये सड़कें कारगर साबित होंगी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया में सबसे अधिक और तेजी से सड़क निर्माण करने वाला देश बन गया है। इससे प्रगति के नए द्वार खुलेंगे। इससे आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुखद होगा।
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