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Gurugram News: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बनाए जाएंगे कट, मेवात के विकास को लगेंगे पंख
Tue, 24 Jun 2025 10:44 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Updated Tue, 24 Jun 2025 10:44 PM IST
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नूंह। हरियाणा सहित कई राज्यों से निकाले गए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जरिये मेवात के विकास को पंख लगेंगे। मेवात के लिए एक्सप्रेसवे से दो नए कट (उतार-चढ़ाव) दिए जाने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ये कट उजीना व मरोड़ा गांव के पास बनाए जाएंगे। इससे मेवात के साथ-साथ पलवल जिले को भी बड़ा फायदा होगा। क्योंकि इन कटों से पलवल जिले की सीमा दस से बीस किलोमीटर है।
मिंडकोला में कट खुलने के बाद यह क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि व विकास को पंख लगाने की राह में बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस बारे में आदेश जारी किए हैं कि वो इन दोनों कटों के लिए योजना बनाकर भेजें ताकि उन पर आगामी कार्रवाई की जा सके। इस संदर्भ में कट संबंधित प्लान बनाया जा चुका है और नेशनल हाईवे अथॉरिटी से बातचीत भी हो गई है।
बता दें, दिल्ली-मुंबई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के पहले फेज को गुरुग्राम के सोहना से राजस्थान के दौसा जिले (बड़ का पाड़ा) शुरू किया गया है। लिहाजा ये हाईवे हरियाणा के गुरुग्राम, नूंह व पलवल जिले सहित कई राज्यों के विकास की इबारत लिखेगा।
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ये हाईवे नूंह जिले के 47 गांवों के बीच से निकाला गया है। इससे न केवल किसानों को भारी भरकम मुआवजा मिला, बल्कि यहां भविष्य में कई बड़े औद्योगिक हब खोले जाने की योजना है। करीब 1380 किलोमीटर लंबे इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर वर्ष 2019 में काम शुरू हुआ था और तेजी से चल रहा है। बहुत जल्द यह पूरा होगा। अभी इसे राजस्थान के दौसा जिले तक पूरी तरह से तैयार कर दिया गया है। भारत माला परियोजना के तहत नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की देखरेख में इसे आठ लेन का बनाया गया है।
कहां से गुजरा एक्सप्रेसवे :
यह एक्सप्रेसवे नूंह जिले के चार खंड इंडरी, नूंह, नगीना, फिरोजपुर झिरका के करीब 47 गांवों के बीच से निकला है। जिनमें नूंह व इंडरी तहसील के 15 गांव, फिरोजपुर झिरका तहसील के 20 गांव, नगीना सब तहसील के 12 गांव शामिल हैं। इसके अलावा हरियाणा के तीन जिले, राजस्थान के सात जिले, मध्यप्रदेश के तीन जिले, गुजरात के तीन जिलों सहित कुल 16 जिलों से निकाला जा रहा है।
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ये हैं विकास की संभावनाएं :
एक्सप्रेसवे मेवात के विकास की नई इबारत लिखेगा। आने वाले समय में यहां काफी उद्योग धंधे, वेयरहाउस सहित तरह-तरह की इंडस्ट्री शुरू होंगी। यह पूरे नूंह जिले को पार करता हुआ निकल रहा है। उजीना व फिरोजपुर झिरका में इस पर उतार-चढ़ाव के कारण कई कंपनियां शुरू हो चुकी हैं। वहीं वेयरहाउसों के निर्माण चल रहे हैं। पलवल व नूंह जिले की सीमा से सटे मिंडकोला गांव के पास जहां केएमपी, फरीदाबाद हाईवे तथा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे आपस में मिलते हैं, वहां कट यानी (उतार-चढ़ाव) लंबी मांग के बाद बना दिया गया है। जिससे यहां विकास की और बेहतर संभावना बन गई है।
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मुख्यमंत्री ने उजीना व मरोड़ा गांव में कट बनाए जाने की कार्रवाई को आगे बढ़ाने के आदेश दिए हैं। जिस पर काम चल रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों से बात हुई है। इन कटों से मेवात के विकास को गति मिलेगी। ये दोनों कट महत्वपूर्ण हैं। इनसे मेवात के साथ पलवल जिले को भी फायदा होगा। -विश्राम मीणा, डीसी, नूंह
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मिंडकोला में कट खुलने के बाद यह क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि व विकास को पंख लगाने की राह में बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस बारे में आदेश जारी किए हैं कि वो इन दोनों कटों के लिए योजना बनाकर भेजें ताकि उन पर आगामी कार्रवाई की जा सके। इस संदर्भ में कट संबंधित प्लान बनाया जा चुका है और नेशनल हाईवे अथॉरिटी से बातचीत भी हो गई है।
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बता दें, दिल्ली-मुंबई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के पहले फेज को गुरुग्राम के सोहना से राजस्थान के दौसा जिले (बड़ का पाड़ा) शुरू किया गया है। लिहाजा ये हाईवे हरियाणा के गुरुग्राम, नूंह व पलवल जिले सहित कई राज्यों के विकास की इबारत लिखेगा।
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ये हाईवे नूंह जिले के 47 गांवों के बीच से निकाला गया है। इससे न केवल किसानों को भारी भरकम मुआवजा मिला, बल्कि यहां भविष्य में कई बड़े औद्योगिक हब खोले जाने की योजना है। करीब 1380 किलोमीटर लंबे इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर वर्ष 2019 में काम शुरू हुआ था और तेजी से चल रहा है। बहुत जल्द यह पूरा होगा। अभी इसे राजस्थान के दौसा जिले तक पूरी तरह से तैयार कर दिया गया है। भारत माला परियोजना के तहत नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की देखरेख में इसे आठ लेन का बनाया गया है।
कहां से गुजरा एक्सप्रेसवे :
यह एक्सप्रेसवे नूंह जिले के चार खंड इंडरी, नूंह, नगीना, फिरोजपुर झिरका के करीब 47 गांवों के बीच से निकला है। जिनमें नूंह व इंडरी तहसील के 15 गांव, फिरोजपुर झिरका तहसील के 20 गांव, नगीना सब तहसील के 12 गांव शामिल हैं। इसके अलावा हरियाणा के तीन जिले, राजस्थान के सात जिले, मध्यप्रदेश के तीन जिले, गुजरात के तीन जिलों सहित कुल 16 जिलों से निकाला जा रहा है।
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ये हैं विकास की संभावनाएं :
एक्सप्रेसवे मेवात के विकास की नई इबारत लिखेगा। आने वाले समय में यहां काफी उद्योग धंधे, वेयरहाउस सहित तरह-तरह की इंडस्ट्री शुरू होंगी। यह पूरे नूंह जिले को पार करता हुआ निकल रहा है। उजीना व फिरोजपुर झिरका में इस पर उतार-चढ़ाव के कारण कई कंपनियां शुरू हो चुकी हैं। वहीं वेयरहाउसों के निर्माण चल रहे हैं। पलवल व नूंह जिले की सीमा से सटे मिंडकोला गांव के पास जहां केएमपी, फरीदाबाद हाईवे तथा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे आपस में मिलते हैं, वहां कट यानी (उतार-चढ़ाव) लंबी मांग के बाद बना दिया गया है। जिससे यहां विकास की और बेहतर संभावना बन गई है।
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मुख्यमंत्री ने उजीना व मरोड़ा गांव में कट बनाए जाने की कार्रवाई को आगे बढ़ाने के आदेश दिए हैं। जिस पर काम चल रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों से बात हुई है। इन कटों से मेवात के विकास को गति मिलेगी। ये दोनों कट महत्वपूर्ण हैं। इनसे मेवात के साथ पलवल जिले को भी फायदा होगा। -विश्राम मीणा, डीसी, नूंह