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Gurugram News: बीके अस्पताल में पीपीपी मोड से चल रहे हार्ट सेंटर में करोड़ों की हेराफेरी

Wed, 30 Oct 2024 11:14 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2024 11:14 PM IST
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Crores of rupees embezzled in the Heart Center running on PPP mode in BK Hospital
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने धोखाधड़ी, सबूत मिटाने समेत अन्य धाराओं में किया मामला दर्ज
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले के बादशाह खान अस्पताल में पीपीपी मोड में चल रहे मेडिट्रिना अस्पताल (हार्ट सेंटर) में करोड़ों रुपये के घपले का मामला सामने आया है। आरोप है कि हार्ट सेंटर ने न सिर्फ मुफ्त इलाज पाने वाले मरीजों (आयुष्मान भारत कार्ड होल्डर, हरियाणा सरकार के कर्मचारी, अनुसूचित जाति और बीपीएल कार्ड धार) से इलाज के बदले पूरा पैसा वसूला बल्कि उनके बिलों का भुगतान सरकार से भी करवाकर डबल मुनाफा ले लिया। हेराफेरी का पता चलते ही इसकी शिकायत की गई।
मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्य सचिव हरियाणा सरकार ने विजिलेंस जांच के आदेश दे दिए। बाद में केस की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को सौंप दी गई। जांच हुई तो करोड़ों की हेराफेरी का पता चला। छानबीन के बाद एसीबी थाने में मंगलवार को इस संबंध में धोखाधड़ी, सबूत मिटाने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया। फिलहाल मामले में डॉ. प्रताप कुमार, सीएमडी, प्रवीण कुमार तिवारी सीनियर मैनेजर फाइनेंस और पीयूष श्रीवास्तव, फाइनेंस अधिकारी को आरोपी बनाया गया है। मामले की छानबीन जारी है। जांच के बाद जो भी इसमें शामिल पाया जाएगा, उनको आरोपी बनाया जाएगा।
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वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिसंबर 2022 में मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार को बीके अस्पताल में पीपीपी मोड में चल रहे मेडिट्रिना हार्ट सेंटर में घपले की शिकायत मिली थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि हार्ट सेंटर मुफ्त इलाज पाने वाले मरीजों से न सिर्फ मोटी रकम वसूल रहा है बल्कि सरकार से भी बिलों का भुगतान कराकर डबल पैसा वसूला जा रहा है। शिकायत में सात मरीजों की सूची दी गई। इसके अलावा 39 मरीजों की एक और लिस्ट दी गई, जिनकी सर्जरी (एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी) के दौरान पुराने उपकरणों (कई बार इस्तेमाल किए जा चुके उपकरणों) का इस्तेमाल किया गया। इसके लिए भी सरकार से हर बार सर्जरी के लिए नए उपकरणों की खरीद के पैसे वसूले गए।
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मुख्य सचिव की ओर से मामला एसीबी, फरीदाबाद को सौंप दिया गया। इसकी पड़ताल हुई। जांच में चार बीपीएल और तीन आयुषमान कार्ड धारकों से पैसे वसूलने के अलावा सरकार से भी रुपये लेने की बात का पता चला। मरीजों के इलाज का खर्च दिखाकर पीएमओ कार्यालय से 13.29 लाख रुपये और मरीजों से 2.57 करोड़ रुपये वसूले जाने का पता चला। जांच के दौरान मरीज के परिजनों ने इन आरोपों की पुष्टि की। हार्ट सेंटर से इस संबंध में बार-बार इसके दस्तावेज मांगे गए जो उपलब्ध नहीं करवाए गए। अन्य आरोप में 39 मरीजों के इलाज के लिए पुराने उपकरणों के इस्तेमाल का पता चला।

हार्ट सेंटर से इस संबंध में दस्तावेज मांगे गए तो उन्होंने चार रजिस्टर उपलब्ध करवा दिए। जिनमें 39 में से आठ मरीजों का ही रिकॉर्ड मिला, जिनके इलाज में पुराने सामान के इस्तेमाल करने की पुष्टि हुई। जांच के दौरान पता चला है कि हार्ट सेंटर की ओर से एक-एक उपकरण को कई-कई बार इस्तेमाल कर हर बार उसकी नई की कीमत सरकार से वसूली गई। यह सारी हेराफेरी वर्ष 2018 से 2024 के बीच हुई। एसीबी ने जांच के बाद अब मंगलवार को आईपीसी की धारा-201, 203, 406, 420, 467, 468 और 120 बी के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है।
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