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स्टांप ड्यूटी घोटाला में 7 तहसीलदार, 14 बिल्डर, पटवारी सहित 31 के खिलाफ केस

Sun, 02 Dec 2018 06:47 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Sun, 02 Dec 2018 06:47 AM IST
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स्टांप ड्यूटी घोटाला में 7 तहसीलदार, 14 बिल्डर, पटवारी सहित 31 के खिलाफ केस

मानेसर में वर्ष 2009 से 2013 के बीच हुई रजिस्ट्री से जुड़े स्टांप ड्यूटी घोटाले में जेएमआईसी नवीन कुमार की अदालत ने शनिवार को सात तहसीलदारों, 14 बिल्डर, कंप्यूटर ऑपरेटर व रजिस्ट्री क्लर्क समेत 31 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस को सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच करनी होगी। मामला 2014 से जुड़ा है, लेकिन सरकार से विजिलेंस जांच की अनुमति नहीं मिलने पर शिकायतकर्ता ने अदालत में याचिका दायर की।

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मानेसर निवासी रमेश यादव ने वर्ष 2014 में इस मामले की पुलिस को शिकायत की थी। सहायक पुलिस आयुक्त मानेसर की जांच में स्पष्ट हुआ कि 14 बिल्डरों की रजिस्ट्री में 2 फीसदी स्टांप ड्यूटी कम वसूली गई है। इससे हरियाणा सरकार को करीब 5 करोड़ 9 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। यह रिपोर्ट सहायक पुलिस आयुक्त ने 28 अप्रैल 2016 को पुलिस उपायुक्त को भेजी। उन्होंने भी जांच में रिपोर्ट को सही पाया और 18 जून 2016 को तत्कालीन पुलिस आयुक्त नवदीप सिंह विर्क को सौंप दी। उन्होंने इसे विजिलेंस को सौंप दिया। विजिलेंस ने जांच के लिए हरियाणा सरकार से अनुमति मांगी, जो नहीं दी गई। इसके बाद 20 जुलाई 2017 को शिकायतर्का ने अदालत में याचिका दायर की, जिस पर शनिवार को सुनवाई के बाद अदालत ने संबंधित अधिकारियों-कर्मियों व बिल्डरों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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आरटीआई से मिली जानकारी
यादव ने याचिका में बताया था कि बिल्डरों को बेची गई जमीन पर 2 फीसदी स्टांप ड्यूटी कम ली गई थी। उन्होंने आरटीआई दायर कर इस संबंध में विभाग से जवाब मांगा। पता लगा कि वर्ष 2009 से 2013 के बीच मानेसर तहसील में तैनात तहसीलदारों ने 53 लोगों की जमीन को नगर निगम क्षेत्र से बाहर दिखाया है, जिसके कारण उनसे 2 फीसदी स्टांप ड्यूटी कम वसूली गई। इसमें 34 रजिस्ट्री 14 बिल्डरों के नाम पर है।
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इनको बनाया गया था पार्टी
शिकायतकर्ता ने तत्कालीन तहसीलदार हरिओम अत्री (डीआरओ गुरुग्राम), पंकज सेतिया, केएस ढाका, बलराज सिंह, ललित गुप्ता, रणविजय व एक अन्य, बिल्डर मैसर्स वाटिका, एस्पो डेवलेपर्स, मराठन प्रमोटर्स, मेंडेल डेवलेपर्स, बेंडेक डेवलेपर्स, फेमिना डेवलेपर्स, केस्पर डेवलेपर्स, नॉर्थ स्टार अपार्टमेंट, ब्ल्यू चिप प्रॉपर्टीज, निनेक्स डेवलेपर्स, ब्ल्यूजेज रियलटेक, लीला लेस इस्टेट, ग्रोमोर बिल्डटेक, सिरियटिम लैंड एंड हाउसिंग सहित रजिस्ट्री क्लर्क मानेसर तहसील अशोक कुमार-1, जगमाल, विकास, देवेंद्र, अशोक कुमार-2, कंप्यूटर ऑपरेटर सुनीता, रॉबिन, सरबजीत को इस मामले में पार्टी बनाया था।

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