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अय्याशी करने के लिए देते थे लूट की वारदात को अंजाम
Updated Mon, 10 Dec 2018 05:35 PM IST
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अय्याशी करने के लिए करते थे लूटपाट
गुरुग्राम। साउथ सिटी-1 से उर्वशी गैस एजेंसी के मैनेजर सुशील से 37 लाख रुपये लूटने की वारदात को अंजाम देने के आरोपी अय्याशी के लिए लूटपाट करते थे। मामले का मास्टरमाइंड सोमवीर उर्फ सोनू पिछले 10 साल से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। गाड़ी लूट से उसने अपराध की काली दुनिया में कदम रखा और इस दलदल में फंसता गया।
अपराध शाखा सेक्टर-39 प्रभारी उपनिरीक्षक राज कुमार ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि 12वीं कक्षा तक पढ़ने के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी। स्कूल से ही वह अय्याश प्रवृति का था। करीब 10 साल पहले सोमवीर ने साथियों के साथ मिलकर गुरुग्राम में ही एक गाड़ी लूटी थी। गुरुग्राम के अलावा वह बहादुरगढ़, दिल्ली, झज्जर में सक्रिय था। वारदात में लूटे गए रुपये खत्म होने के बाद वह दूसरी वारदात को अंजाम देता था। लूट के एक मामले में गुरुग्राम पुलिस ने उसे दबोच लिया था। जिसके बाद वह जेल में था।
करीब 9 महीने पहले वह जेल से जमानत पर बाहर आया और सुरेंद्र से मुलाकात कर गैस एजेंसी चलाना चाहता था। रोजाना एजेंसी पर होने वाली ट्रांजेक्शन देखकर उसकी नीयत बदल गई। कुछ दिनों तक उसने अपने साथी संग यहां रेकी की जिसके बाद वारदात को अंजाम दिया। उधर, मामले में पकड़ा गया दूसरा आरोपी ईश्वर उर्फ दीपक 10वीं पास है। वह भी अय्याशी करने के लिए लूट की वारदात को अंजाम देने लगा। दीपक के खिलाफ राजेंद्रा पार्क थाने में गाड़ी लूटने का मामला दर्ज है। फिलहाल आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। अन्य साथियों का पता लगाया जा रहा है।
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गुरुग्राम। साउथ सिटी-1 से उर्वशी गैस एजेंसी के मैनेजर सुशील से 37 लाख रुपये लूटने की वारदात को अंजाम देने के आरोपी अय्याशी के लिए लूटपाट करते थे। मामले का मास्टरमाइंड सोमवीर उर्फ सोनू पिछले 10 साल से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। गाड़ी लूट से उसने अपराध की काली दुनिया में कदम रखा और इस दलदल में फंसता गया।
अपराध शाखा सेक्टर-39 प्रभारी उपनिरीक्षक राज कुमार ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि 12वीं कक्षा तक पढ़ने के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी। स्कूल से ही वह अय्याश प्रवृति का था। करीब 10 साल पहले सोमवीर ने साथियों के साथ मिलकर गुरुग्राम में ही एक गाड़ी लूटी थी। गुरुग्राम के अलावा वह बहादुरगढ़, दिल्ली, झज्जर में सक्रिय था। वारदात में लूटे गए रुपये खत्म होने के बाद वह दूसरी वारदात को अंजाम देता था। लूट के एक मामले में गुरुग्राम पुलिस ने उसे दबोच लिया था। जिसके बाद वह जेल में था।
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करीब 9 महीने पहले वह जेल से जमानत पर बाहर आया और सुरेंद्र से मुलाकात कर गैस एजेंसी चलाना चाहता था। रोजाना एजेंसी पर होने वाली ट्रांजेक्शन देखकर उसकी नीयत बदल गई। कुछ दिनों तक उसने अपने साथी संग यहां रेकी की जिसके बाद वारदात को अंजाम दिया। उधर, मामले में पकड़ा गया दूसरा आरोपी ईश्वर उर्फ दीपक 10वीं पास है। वह भी अय्याशी करने के लिए लूट की वारदात को अंजाम देने लगा। दीपक के खिलाफ राजेंद्रा पार्क थाने में गाड़ी लूटने का मामला दर्ज है। फिलहाल आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। अन्य साथियों का पता लगाया जा रहा है।
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