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जेजे बोर्ड में पीजीआई के डॉक्टर ने जानी भोलू की मानसिक स्थिति

Tue, 06 Nov 2018 06:28 PM IST
Updated Tue, 06 Nov 2018 06:28 PM IST
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जेजे बोर्ड में पीजीआई के डॉक्टर ने जानी भोलू की मानसिक स्थिति
पीजीआई के डॉक्टर ने जानी भोलू की मानसिक स्थिति
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गुरुग्राम। भोंडसी स्थित स्कूल में छात्र प्रिंस की हत्या मामले में मंगलवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में सुनवाई हुई। आरोपी भोलू को बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। यहां पीजीआई रोहतक से आए क्लीनिकल साइकलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव ने आरोपी का डेढ़ घंटे तक मानसिक मूल्यांकन किया। इस दौरान आरोपी के पिता, सीबीआई के वकील व जांच अधिकारी बोर्ड में मौजूद रहे। बोर्ड ने भोलू को बाल सुधार गृह में भेजते हुए 14 नवंबर को पेश होने के आदेश दिए हैं।
प्रिंस के पिता ने बताया, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से आरोपी के बालिग होने के फैसले को पुनर्विचार के लिए जेजे बोर्ड में भेजा गया है। बोर्ड ने पहले पूरे मामले को विस्तार से जाना। इसके बाद आरोपी की दोपहर करीब डेढ़ बजे पेशी हुई। इस दौरान बोर्ड ने पहले आरोपी की मानसिक स्थिति का आकलन किया। इसके बाद बोर्ड में पीजीआई रोहतक से बुलवाए गए क्लीनिकल साइकलॉजी विभागाध्यक्ष ने उसकी मानसिक स्थिति का मूल्यांकन किया। इसकी रिपोर्ट तैयार करवाई गई। मामले में बोर्ड ने सुनवाई के लिए 14 नवंबर की तारीख निश्चित की है।
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200 सवाल पूछे
सूत्रों की मानें तो जेजे बोर्ड में डॉक्टर व बोर्ड अध्यक्ष ने करीब 200 सवाल पूछे। इसमें आरोपी के दोस्त का नाम, कक्षा सहित वारदात के बारे में भी सवाल पूछे गए। इसके अलावा उस पर लगे आरोप के बारे में भी पूछताछ की। सूत्रों की मानें तो मंगलवार को डॉक्टर ने हाथ से लिखी रिपोर्ट को बोर्ड में जमा करवा दिया।
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आरोपी के पिता ने रिपोर्ट मांगी
आरोपी भोलू के पिता ने बोर्ड से उसकी सामाजिक जांच रिपोर्ट मांगी। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बोर्ड ने उन्हें बहस के लिए पहले भी सामाजिक जांच रिपोर्ट नहीं दी थी। जिस पर बोर्ड अध्यक्ष ने रिपोर्ट देने से इंकार कर दिया। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला केवल आरोपी के बालिग और नाबालिग होने की पुष्टि को लेकर चल रहा है। मामले का ट्रायल अभी तक शुरू नहीं हुआ है। जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
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