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Gurugram News: एक करोड़ से अधिक का काम करने वाले ठेकेदार को तीन साल से 10 तक करना होगा रख रखाव
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फोटो..
पेज दो की प्रस्तावित लीड..
एक करोड़ से अधिक का काम करने वाले ठेकेदार को तीन साल से 10 तक करना होगा रख रखाव
- सुरक्षा राशि का नहीं करा सकेंगे भुगतान, काम के नाम पर खाना पूर्ति रोकने की कवायद
- ठेकेदार को गुणवत्ता का रखना होगा खयाल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रदेश सरकार की ओर से नगर निगम क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों पर शिंकजा कसा है। किसी काम के आवंटन से पहले पोर्टल की ओर से काम और काम की राशि को देखते हुए उसे मानक के हिसाब से दो साल से लेकर 10 तक काम के रखरखाव के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इतना ही नहीं काम के लिए जमा री सुरक्षा राशि भी समय पूरा होने तक जब्त रहेगी। विभागीय लोग ठेकेदार के साथ मिली भगत करके इस राशि के साथ हेर-फेर नहीं कर सकेंगे।
नगर निगम क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों पर नकेल कसने के लिए पोर्टल पर ही जवाब देही तय की गई है। नगर निगम के ठेकेदारों पर आरोप है कि काम की गुणवत्ता ठीक नहीं रखते थे। नई गाइड लाइन के बाद ठेकेदार की मजबूरी है कि वह काम को ठीक रखे। अन्यथा उनको उसके रखरखाव पर खर्च करना होगा।
डिफेक्ट लायबिलटी पीरियड..
: नई सड़क - तीन साल
: पुरानी सड़क - दो साल
: आरएमसी -10 साल
: भवन व अन्य निर्माण राशि के हिसाब
नोट: एक करोड़ से अधिक के काम में तीन साल से लेकर 10 साल तक करा रखरखाव का समय तय की गई है। पोर्टल की ओर से काम आवंटन के दौरान ही ऑटोमेटिक तय हाे जाता है। काम की राशि का पांच प्रतिशत सुरक्षा राशि के रूप में जमा होता है। जिसे समय सीमा पूरा होने से पहले रिलीज नहीं किया जा सकता है।
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एक काम को दो-दो बार हो चुका है आवंटन
ठेकेदार की ओर से गोल-माल करने या किसी भी तरह की की लापरवाही से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। अब जाे भी काम जिसे आवंटित होगा। पोर्टल बताएगा कि उसका जिम्मेवार कौन है। कब किसने और कितने पैसे में किया गया है। सब नजर आएगा।
सड़क की होगी प्रापर्टी आईडी
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया के आदेश के बाद नगर निगम क्षेत्र की सड़कों की आईडी तैयार की जा रही है। इस आईडी से यह पता रहेगा कि इस पर कब और कितने का काम हुआ है। साथ हीर उसमें सड़क की लंबाई-चौड़ाई से लेकर अन्य ब्योरा मौजूद होगा। नगर निगम की ओर से किसी तरह का टेंडर आवंटित किए जाने से पहले उसकी प्रापर्टी आईडी का जिक्र होगा।
इसे भी जाने..
: नगर निगम क्षेत्र गुरुग्राम 36 वार्ड हैं।
: गली व सड़कों की दूरी 1620 किमी दूरी है।
: औसतन हर वार्ड में 45 किमी लंबी सड़क व गली है।
वर्जन
नगर निगम क्षेत्र में काम की गुणवत्रा ठीक रखने के साथ ही पारदर्शिता को लेकर यह नियम बनाए गए हैं। जिसके आधार पर ही नए टेंडर का आवंटन किया जा रहा है। पोर्टल की ओर से ही सब कुछ तय किया जाता है। - विजय ढाका, चीफ इंजीनियर, नगर निगम,गुरुग्राम।
.................मयंक
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एक करोड़ से अधिक का काम करने वाले ठेकेदार को तीन साल से 10 तक करना होगा रख रखाव
- सुरक्षा राशि का नहीं करा सकेंगे भुगतान, काम के नाम पर खाना पूर्ति रोकने की कवायद
- ठेकेदार को गुणवत्ता का रखना होगा खयाल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रदेश सरकार की ओर से नगर निगम क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों पर शिंकजा कसा है। किसी काम के आवंटन से पहले पोर्टल की ओर से काम और काम की राशि को देखते हुए उसे मानक के हिसाब से दो साल से लेकर 10 तक काम के रखरखाव के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इतना ही नहीं काम के लिए जमा री सुरक्षा राशि भी समय पूरा होने तक जब्त रहेगी। विभागीय लोग ठेकेदार के साथ मिली भगत करके इस राशि के साथ हेर-फेर नहीं कर सकेंगे।
नगर निगम क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों पर नकेल कसने के लिए पोर्टल पर ही जवाब देही तय की गई है। नगर निगम के ठेकेदारों पर आरोप है कि काम की गुणवत्ता ठीक नहीं रखते थे। नई गाइड लाइन के बाद ठेकेदार की मजबूरी है कि वह काम को ठीक रखे। अन्यथा उनको उसके रखरखाव पर खर्च करना होगा।
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डिफेक्ट लायबिलटी पीरियड..
: नई सड़क - तीन साल
: पुरानी सड़क - दो साल
: आरएमसी -10 साल
: भवन व अन्य निर्माण राशि के हिसाब
नोट: एक करोड़ से अधिक के काम में तीन साल से लेकर 10 साल तक करा रखरखाव का समय तय की गई है। पोर्टल की ओर से काम आवंटन के दौरान ही ऑटोमेटिक तय हाे जाता है। काम की राशि का पांच प्रतिशत सुरक्षा राशि के रूप में जमा होता है। जिसे समय सीमा पूरा होने से पहले रिलीज नहीं किया जा सकता है।
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एक काम को दो-दो बार हो चुका है आवंटन
ठेकेदार की ओर से गोल-माल करने या किसी भी तरह की की लापरवाही से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। अब जाे भी काम जिसे आवंटित होगा। पोर्टल बताएगा कि उसका जिम्मेवार कौन है। कब किसने और कितने पैसे में किया गया है। सब नजर आएगा।
सड़क की होगी प्रापर्टी आईडी
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया के आदेश के बाद नगर निगम क्षेत्र की सड़कों की आईडी तैयार की जा रही है। इस आईडी से यह पता रहेगा कि इस पर कब और कितने का काम हुआ है। साथ हीर उसमें सड़क की लंबाई-चौड़ाई से लेकर अन्य ब्योरा मौजूद होगा। नगर निगम की ओर से किसी तरह का टेंडर आवंटित किए जाने से पहले उसकी प्रापर्टी आईडी का जिक्र होगा।
इसे भी जाने..
: नगर निगम क्षेत्र गुरुग्राम 36 वार्ड हैं।
: गली व सड़कों की दूरी 1620 किमी दूरी है।
: औसतन हर वार्ड में 45 किमी लंबी सड़क व गली है।
वर्जन
नगर निगम क्षेत्र में काम की गुणवत्रा ठीक रखने के साथ ही पारदर्शिता को लेकर यह नियम बनाए गए हैं। जिसके आधार पर ही नए टेंडर का आवंटन किया जा रहा है। पोर्टल की ओर से ही सब कुछ तय किया जाता है। - विजय ढाका, चीफ इंजीनियर, नगर निगम,गुरुग्राम।
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