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Gurugram News: दूषित हवा कर रही बीमार, बढ़ रहे सांस और फेफड़े के मरीज
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अस्थमा ग्रस्त लोगों, बच्चों और बुजुर्गाें को एन-95 मास्क के प्रयोग की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला अस्पताल में इस हफ्ते आने वाले मरीजों में सांस और फेफड़े संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल के छाती और सांस रोग विशेषज्ञ डाॅ. वरुण यादव कहते हैं कि पिछले हफ्ते 10 से 15 रोगी इसी के इलाज के लिए आ रहे थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 20 से 25 हो गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हवा के और ज्यादा प्रदूषित होने लोग बीमार हो रहे हैं। इस मौसम में लोगों को बहुत सावधान रहने की जरूरत है। अस्थमा ग्रस्त लोग, सीओपीडी और जिन्हें खांसी, सर्दी और एलर्जी की शिकायत हो वे पूरी सावधानी रखे। अस्थमा ग्रस्त बच्चों के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। सबसे अहम है कि लोग बाहर निकलते समय एन 95 मास्क का प्रयोग करे। जो अस्थमा ग्रस्त हैं वे ब्रेथ इन्हेलर का प्रयोग करें। इसे हमेशा अपने पास रखें। जितना संभव हो सके, प्रदूषण जब ज्यादा हो तो बाहर निकलने से बचे। डाक्टरों का कहना है कि प्रदूषण से न केवल बचाव की जरूरत है बल्कि हमारे सामूहिक प्रयास होने चाहिए कि हवा प्रदूषित न हो।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला अस्पताल में इस हफ्ते आने वाले मरीजों में सांस और फेफड़े संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल के छाती और सांस रोग विशेषज्ञ डाॅ. वरुण यादव कहते हैं कि पिछले हफ्ते 10 से 15 रोगी इसी के इलाज के लिए आ रहे थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 20 से 25 हो गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हवा के और ज्यादा प्रदूषित होने लोग बीमार हो रहे हैं। इस मौसम में लोगों को बहुत सावधान रहने की जरूरत है। अस्थमा ग्रस्त लोग, सीओपीडी और जिन्हें खांसी, सर्दी और एलर्जी की शिकायत हो वे पूरी सावधानी रखे। अस्थमा ग्रस्त बच्चों के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। सबसे अहम है कि लोग बाहर निकलते समय एन 95 मास्क का प्रयोग करे। जो अस्थमा ग्रस्त हैं वे ब्रेथ इन्हेलर का प्रयोग करें। इसे हमेशा अपने पास रखें। जितना संभव हो सके, प्रदूषण जब ज्यादा हो तो बाहर निकलने से बचे। डाक्टरों का कहना है कि प्रदूषण से न केवल बचाव की जरूरत है बल्कि हमारे सामूहिक प्रयास होने चाहिए कि हवा प्रदूषित न हो।
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