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कांग्रेसियों ने कृषि विधेयकों के खिलाफ मोर्चा खोला
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गुरुग्राम। राज्य में किसानों के बाद अब कांग्रेस के नेताओं ने भी तीन कृषि विधेयकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को ज्ञापन देकर आपत्ति जताई।
पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया, कांग्रेस नेता राव कमलवीर, सतबीर खटाना, सुनीता सहरावत, गजेंद्र चौहान, सतबीर गुर्जर, अशोक भास्कर समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसियों ने लघु सचिवालय में केंद्र सरकार के तीनों विधेयकों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की ओर से लाए गए तीन कृषि विधेयक पूरी तरह से किसान, मजदूर और आढ़ती विरोधी हैं। इससे किसान अपनी फसल बेचने के लिए पूंजीपतियों पर निर्भर होंगे। उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिल पाएगा। किसान खेतीबाड़ी के लिए पूंजीपतियों से बंध जाएगा, जिससे किसानों का वजूद समाप्त हो जाएगा। वहीं, यह विधेयक आढ़तियों के लिए भी साजिश भरे हैं। सरकार बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए मंडी व्यवस्था को खत्म कर रही है।
उन्होंने मांग की कि तीनों विधेयक तुरंत पुनर्विचार के लिए वापस भेजे जाए। किसानों की फसल के एक-एक दाने की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद की गारंटी दी जाए। कुरुक्षेत्र में लाठीचार्ज के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए और घायलों को मुआवजा दिया जाए।
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पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया, कांग्रेस नेता राव कमलवीर, सतबीर खटाना, सुनीता सहरावत, गजेंद्र चौहान, सतबीर गुर्जर, अशोक भास्कर समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसियों ने लघु सचिवालय में केंद्र सरकार के तीनों विधेयकों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की ओर से लाए गए तीन कृषि विधेयक पूरी तरह से किसान, मजदूर और आढ़ती विरोधी हैं। इससे किसान अपनी फसल बेचने के लिए पूंजीपतियों पर निर्भर होंगे। उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिल पाएगा। किसान खेतीबाड़ी के लिए पूंजीपतियों से बंध जाएगा, जिससे किसानों का वजूद समाप्त हो जाएगा। वहीं, यह विधेयक आढ़तियों के लिए भी साजिश भरे हैं। सरकार बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए मंडी व्यवस्था को खत्म कर रही है।
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उन्होंने मांग की कि तीनों विधेयक तुरंत पुनर्विचार के लिए वापस भेजे जाए। किसानों की फसल के एक-एक दाने की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद की गारंटी दी जाए। कुरुक्षेत्र में लाठीचार्ज के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए और घायलों को मुआवजा दिया जाए।
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