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Gurugram News: नौ फीसदी ब्याज के साथ रकम वापिस करे कंपनी

Fri, 27 Oct 2023 11:28 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 27 Oct 2023 11:28 PM IST
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Company should return the amount with nine percent interest
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दिया आदेश
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45 दिन में नहीं किया भुगतान तो देना होगा 12 फीसदी ब्याज



अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। बीमा से संबंधित मामले में शिकायत की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने नेशनल इंश्योरेंश कंपनी को जोर का झटका दिया है। फोरम ने कंपनी को आदेश दिए हैं कि बीमांकित व्यक्ति को कम दी गई सवा लाख रुपये की राशि का भुगतान 9 फीसदी ब्याज के साथ करे। इसके साथ ही पीड़ित को हर्जाने के रूप में 30 हजार, कानूनी खर्चे के लिए 11 हजार रुपयों का भी भुगतान किया जाए। यदि 45 दिन के अंदर कंपनी भुगतान नहीं करती है, तो यह ब्याज दर 9 प्रतिशत से बढ़कर 12 प्रतिशत हो जाएगी। इसके बाद भी यदि आदेश की पालना नहीं की जाती है तो कंपनी को जुर्माने व सजा भी भुगतनी होगी।


डीएलएफ क्षेत्र के बीमांकित नवीन अग्रवाल के अधिवक्ता क्षितिज मेहता से प्राप्त जानकारी के अनुसार नवीन अग्रवाल ने दो जून 2020 को गुरुग्राम के मैक्स अस्पताल में भर्ती होकर अपना उपचार कराया था। जिस पर 3.78 लाख रुपये का खर्चा आया था। इंश्योरेंश कंपनी ने उसे एक लाख 25 हजार 548 रुपये कम का भुगतान किया था। अधिवक्ता का कहना है कि नवीन अग्रवाल ने 18 नवंबर 2020 को बीमा कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में केस दायर कर दिया था। यह मामला करीब तीन साल चला। उपभोक्ता व बीमा कंपनियों ने अपने अपने पक्ष में तर्क दिए।
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जिला उपभोक्ता आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना निर्णय दिया कि इंश्योरेंश कंपनी उपभोक्ता को एक लाख 25 हजार 548 रुपये 10 जून 2020 से सालाना ब्याज के साथ भुगतान करे और ह्रासमेंट के लिए उपभोक्ता को 30 हजार रुपये भी दिए जाएं। 11 हजार रुपये का भुगतान कानूनी खर्चे के रूप में भी उपभोक्ता को दिए जाएं। आयोग ने अपने निर्णय में यह भी लिखा है कि यदि 45 दिन में भुगतान नहीं किया गया तो ब्याज 9 प्रतिशत से 12 प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा।
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आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि बीमा कंपनी आदेश का पालन नहीं करती है तो उसे सजा के साथ ही जुर्माने का भुगतान भी करना पड़ सकता है। यह सजा एक से तीन माह तक और जुर्माना 25 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक भी हो सकता है। उक्त फैसला जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल व पदेन सदस्य ज्योति सिवाच व खुशविंद्र कौर ने सुनाया है।
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