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Gurugram News: सीएनजी शवदाह मशीन बनी शो पीस
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एक साल से ऑपरेटर नहीं होने से नहीं हुआ इस्तेमाल, 67 लाख रुपये हुए थे खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखनगर। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से सरकार की ओर से लाखों रुपये खर्च कर स्थापित की गई सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) शवदाह मशीन अक्सर रखरखाव के अभाव, ऑपरेटर नहीं होने सहित कई कारणों से शो-पीस बनकर रह गई है।
23 जनवरी 2025 को मिनी बाईपास स्थित शवदाह गृह में 67 लाख रुपये की लागत से मशीन लगाई गई थी। सीएनजी संचालित शव दाह मशीन का एक साल से प्रयोग नहीं हो रहा है। लोग भी इस दाह संस्कार के लिए मशीन का प्रयोग करने में आना-कानी करते हैं। सरकार ने वैसे तो यह मशीन कोविड-19 में मुहैया कराई थी किन्तु यह चालू नहीं हो सकी थी। इसी माह पिछले साल कांता इलेक्ट्रिक एजेंसी की ओर से विधिवत उद्घाटन कर नगरपालिका प्रशासन के हवाले कर दिया गया था। नगरपालिका अधिकारियों की मौजूदगी में श्मशान घाट चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारियों को इसके संचालन व देखरेख की जिम्मेवारी सौंपी गई थी, किन्तु मशीन संचालन के लिए ऑपरेटर उपलब्ध नहीं कराया।
श्मशान घाट में सरकार ने कोविड-19 के दौरान सीएनजी संचालित मशीन उपलब्ध करा दी थी, किन्तु इसका उद्घाटन पिछले साल हुआ और मशीन चलाकर दिखाई थी। देखरेख की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन को दी थी, किन्तु आपरेटर उपलब्ध नहीं कराया। - डॉ. विजय कुमार गोयल, प्रधान, श्मशान घाट ट्रस्ट फर्रुखनगर
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कोई व्यक्ति नपा प्रशासन के पास सीएनजी शव दाह मशीन के प्रयोग हेतु नहीं आया, उनकी तरफ से कोई कोताही नहीं है अगर कोई प्रयोग करना चाहेगा तो वे साधन जुटाने को तैयार हैं। - योगेश राठी, एमई नगरपालिका फर्रुखनगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखनगर। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से सरकार की ओर से लाखों रुपये खर्च कर स्थापित की गई सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) शवदाह मशीन अक्सर रखरखाव के अभाव, ऑपरेटर नहीं होने सहित कई कारणों से शो-पीस बनकर रह गई है।
23 जनवरी 2025 को मिनी बाईपास स्थित शवदाह गृह में 67 लाख रुपये की लागत से मशीन लगाई गई थी। सीएनजी संचालित शव दाह मशीन का एक साल से प्रयोग नहीं हो रहा है। लोग भी इस दाह संस्कार के लिए मशीन का प्रयोग करने में आना-कानी करते हैं। सरकार ने वैसे तो यह मशीन कोविड-19 में मुहैया कराई थी किन्तु यह चालू नहीं हो सकी थी। इसी माह पिछले साल कांता इलेक्ट्रिक एजेंसी की ओर से विधिवत उद्घाटन कर नगरपालिका प्रशासन के हवाले कर दिया गया था। नगरपालिका अधिकारियों की मौजूदगी में श्मशान घाट चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारियों को इसके संचालन व देखरेख की जिम्मेवारी सौंपी गई थी, किन्तु मशीन संचालन के लिए ऑपरेटर उपलब्ध नहीं कराया।
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श्मशान घाट में सरकार ने कोविड-19 के दौरान सीएनजी संचालित मशीन उपलब्ध करा दी थी, किन्तु इसका उद्घाटन पिछले साल हुआ और मशीन चलाकर दिखाई थी। देखरेख की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन को दी थी, किन्तु आपरेटर उपलब्ध नहीं कराया। - डॉ. विजय कुमार गोयल, प्रधान, श्मशान घाट ट्रस्ट फर्रुखनगर
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कोई व्यक्ति नपा प्रशासन के पास सीएनजी शव दाह मशीन के प्रयोग हेतु नहीं आया, उनकी तरफ से कोई कोताही नहीं है अगर कोई प्रयोग करना चाहेगा तो वे साधन जुटाने को तैयार हैं। - योगेश राठी, एमई नगरपालिका फर्रुखनगर