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गर्मी शुरू होते ही 40 एमएलडी पीने के पानी की मांग बढ़ी
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गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रोपोलिटिन डवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) गर्मी के मौसम में शहर के नागरिकों के लिए 80 एमएलडी अतिरिक्त पानी की व्यवस्था करेगा। पहली अप्रैल से ही 40 एमएलडी पानी की मांग बढ़ गई है। मई और जून के महीने में 80 एमएलडी अतिरिक्त हो सकती है। इसके लिए बसई स्थित ट्रीटमेंट प्लांट में पीने योग्य पानी तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
पुराने और नए शहर के करीब 100 सेक्टरों के निवासियों के लिए सामान्य दिनों में प्रतिदिन 400 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है। जबकि बसई स्थित सभी ट्रीटमेंट प्लांट के चालू करने पर यहां प्रतिदिन 570 एमएलडी पानी की व्यवस्था की जा सकती है। पिछले साल कोरोना के कारण काफी लोग पलायन कर गए थे। इसलिए उस समय गर्मी के मौसम में मात्र 15 एमएलडी पानी अतिरिक्त इस्तेमाल हुआ था। इस बार गुरुग्राम शहर में सब कुछ खुला हुआ है। इसलिए अभी से 40 एमएलडीए और ज्यादा पानी की मांग होने लगी है।
जिस तरह से आबादी बढ़ रही है, उस दृष्टि से ट्रीटमेंट प्लांट में पानी को शुद्ध करने की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए जीएमडीए की हर साल 40 से 50 एमएलडी अतिरिक्त पानी शुद्ध करने की योजना है। जिससे कि नागरिकों को पीने के पानी की कमी न रहे। यह प्रस्ताव नौ अप्रैल को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में स्वीकृति के लिए रखा जा सकता है। साथ में इस पर खर्च होने वाली राशि का भी जिक्र होगा। इसमें नहर तथा सीवरेज दोनों के पानी को ट्रीट करके साफ करने की योजना शामिल है।
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सीवरेज का पानी नए निर्माणाधीन सेक्टर, खेती, बागवानी, पार्क आदि के लिए भविष्य में ट्रीट करके पाइपलाइन के माध्यम से भेजा जाना है। इसके लिए नई पाइपलाइन का प्रस्ताव भी नौ अप्रैल की बोर्ड बैठक के लिए रखा जा सकता है। अगले साल 2022 तक 25 फीसदी पानी को साफ करके इन कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने की योजना है।
तेजी से गिर रहा है जल स्तर
भूगर्भ विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम पहले से ही डार्क जोन में है। यहां के शहरी और ग्रामीण इलाकों के जल स्तर में तेजी से गिरावट आ रही है। इन दिनों शहर का औसत भूजल स्तर 39 मीटर है। पिछले दस साल के आंकड़ों के अनुसार जल स्तर में आठ फीसदी की गिरावट आई है। प्रशासन के प्रयास के बावजूद भूजल की निकासी औसत से तीन गुना तक अधिक है। हालांकि भूजल दोहन करने वालों के खिलाफ प्रशासन की ओर से कार्रवाई भी की जा रही है।
न्यू गुरुग्राम के 30 सेक्टरों में डलेगी पाइप लाइन
जीएमडीए ने फैसला लिया है कि न्यू गुरुग्राम में सीवरेज के उपचारित जल के इस्तेमाल के लिए पाइप लाइन डाली जाएगी। इस क्षेत्र को पहले फेज में इसलिए लिया है कि यहां पर सड़के चौड़ी हैं और पाइपलाइन बिछाने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होगी। पुराना शहर सकरा होने के कारण वहां पर बाद में इस योजना को शुरू किया जा सकेगा।
गर्मी और बढ़ती आबादी को देखते हुए अतिरिक्त पानी की व्यवस्था कराई जा रही है। इसके अलावा बागवानी, खेती आदि के लिए सीवरेज के पानी को उपचारित करने की भी योजना है। जिसके लिए न्यू गुरुग्राम के सेक्टरों में पाइपलाइन भी बिछाई जानी है।
- प्रदीप कुमार, मुख्य अभियंता, जीएमडीए
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पुराने और नए शहर के करीब 100 सेक्टरों के निवासियों के लिए सामान्य दिनों में प्रतिदिन 400 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है। जबकि बसई स्थित सभी ट्रीटमेंट प्लांट के चालू करने पर यहां प्रतिदिन 570 एमएलडी पानी की व्यवस्था की जा सकती है। पिछले साल कोरोना के कारण काफी लोग पलायन कर गए थे। इसलिए उस समय गर्मी के मौसम में मात्र 15 एमएलडी पानी अतिरिक्त इस्तेमाल हुआ था। इस बार गुरुग्राम शहर में सब कुछ खुला हुआ है। इसलिए अभी से 40 एमएलडीए और ज्यादा पानी की मांग होने लगी है।
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जिस तरह से आबादी बढ़ रही है, उस दृष्टि से ट्रीटमेंट प्लांट में पानी को शुद्ध करने की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए जीएमडीए की हर साल 40 से 50 एमएलडी अतिरिक्त पानी शुद्ध करने की योजना है। जिससे कि नागरिकों को पीने के पानी की कमी न रहे। यह प्रस्ताव नौ अप्रैल को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में स्वीकृति के लिए रखा जा सकता है। साथ में इस पर खर्च होने वाली राशि का भी जिक्र होगा। इसमें नहर तथा सीवरेज दोनों के पानी को ट्रीट करके साफ करने की योजना शामिल है।
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सीवरेज का पानी नए निर्माणाधीन सेक्टर, खेती, बागवानी, पार्क आदि के लिए भविष्य में ट्रीट करके पाइपलाइन के माध्यम से भेजा जाना है। इसके लिए नई पाइपलाइन का प्रस्ताव भी नौ अप्रैल की बोर्ड बैठक के लिए रखा जा सकता है। अगले साल 2022 तक 25 फीसदी पानी को साफ करके इन कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने की योजना है।
तेजी से गिर रहा है जल स्तर
भूगर्भ विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम पहले से ही डार्क जोन में है। यहां के शहरी और ग्रामीण इलाकों के जल स्तर में तेजी से गिरावट आ रही है। इन दिनों शहर का औसत भूजल स्तर 39 मीटर है। पिछले दस साल के आंकड़ों के अनुसार जल स्तर में आठ फीसदी की गिरावट आई है। प्रशासन के प्रयास के बावजूद भूजल की निकासी औसत से तीन गुना तक अधिक है। हालांकि भूजल दोहन करने वालों के खिलाफ प्रशासन की ओर से कार्रवाई भी की जा रही है।
न्यू गुरुग्राम के 30 सेक्टरों में डलेगी पाइप लाइन
जीएमडीए ने फैसला लिया है कि न्यू गुरुग्राम में सीवरेज के उपचारित जल के इस्तेमाल के लिए पाइप लाइन डाली जाएगी। इस क्षेत्र को पहले फेज में इसलिए लिया है कि यहां पर सड़के चौड़ी हैं और पाइपलाइन बिछाने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होगी। पुराना शहर सकरा होने के कारण वहां पर बाद में इस योजना को शुरू किया जा सकेगा।
गर्मी और बढ़ती आबादी को देखते हुए अतिरिक्त पानी की व्यवस्था कराई जा रही है। इसके अलावा बागवानी, खेती आदि के लिए सीवरेज के पानी को उपचारित करने की भी योजना है। जिसके लिए न्यू गुरुग्राम के सेक्टरों में पाइपलाइन भी बिछाई जानी है।
- प्रदीप कुमार, मुख्य अभियंता, जीएमडीए