{"_id":"6599919e18ab3331b70a83f8","slug":"chintels-paradiso-fare-will-be-decided-in-collaboration-with-the-administration-gurgaon-news-c-24-1-noi1094-22882-2024-01-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिंटेल्स पैराडाइसो : प्रशासन के साथ मिलकर तय होगा किराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिंटेल्स पैराडाइसो : प्रशासन के साथ मिलकर तय होगा किराया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
असुरक्षित घोषित टावरों को तोड़ने की प्रक्रिया में जुटा बिल्डर
अमर उजाला ब्यूरो
गुुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में असुरक्षित घोषित टावरों की बैरिकेडिंग के बाद सोमवार तक सीवर और पानी के कनेक्शन काटे जा सकते हैं। इसके लिए बिल्डर ने एच टावर में रह रहे लोगों को नोटिस देकर आठ जनवरी तक खाली करने को कहा है। हालांकि लोगों ने 15 जनवरी तक का समय मांगा है। दूसरी ओर पीड़ितों को किराया देने का मामला प्रशासन, बिल्डर और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर तय होगा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार निर्माण शुरू होने के दिन से पीड़ितों को बिल्डर किराया देगा।
चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के उपाध्यक्ष जेएन यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर की कापी मिल गई है। कोर्ट ने जल्द निर्माण कार्य शुरू करने को कहा है। यादव ने बताया कि टावरों के निर्माण कार्य शुरू होने के दिन से पीड़ितों को रेंट देना होगा। उन्होंने बताया कि असुरक्षित टावरों में अभी छह परिवार रहे हैं। इन लोगों को कई नोटिस देकर फ्लैट खाली करने को कहा गया है। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद असुरक्षित घोषित टावरों के सीवर और पानी का कनेक्शन काटकर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। ऐसे में इन लोगों को सोमवार तक फ्लैट खाली करने को कहा गया है। इसके लिए सभी को ई-मेल पर नोटिस भेज दिया गया है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राकेश हुड्डा ने बताया कि लोगों ने बिल्डर से कुछ समय मांगा है। उन्होंने बताया कि सोसाइटी के असुरक्षित घोषित टावरों को खाली करवाने, गिराने और नए सिरे से बनाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उपायुक्त निशांत कुमार यादव और एडीसी हितेश कुमार मीणा से मिले थे। उन्होंने बताया कि अब बिल्डर को निवासियों को किराया देना होगा और दूसरे विकल्प में पैसे देने होंगे। यह राशि प्रशासन द्वारा तय की जानी है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राकेश हुड्डा ने बताया कि प्रशासन ने उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
एच ब्लॉक का प्लास्टर गिरा
असुरक्षित घोषित एच टावर का शुक्रवार की शाम फिर से प्लास्टर गिर गया। इससे पहले एच टावर की बालकनी दो-तीन बार गिर चुकी है। ऐसे में बिल्डर ने लोगों से जल्द फ्लैट खाली करने को कहा है। उसका कहना है कि इस बारे में जिला प्रशासन और डीटीपी को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। इसके बाद भी अभी एच टावर में छह परिवार फ्लैट में रह रहे हैं। बता दें कि 10 फरवरी 2022 को डी टावर में हुए हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी थी। कमेटी ने रिपोर्ट नवंबर 2022 में सौंप दी थी। इसमें पांच टावरों को अनसेफ घोषित कर दिया गया था। वहीं, चार टावरों को आईआईटी की टीम ने रहने योग्य घोषित किया था।
विज्ञापन
असुरक्षित टावरों को तोड़ने के संबंध में पत्र लिखा
चिंटेल्स पैराडाइसो बिल्डर ने नगर एवं योजनाकार विभाग के निदेशक को असुरक्षित टावरों को तोड़ने के संबंध में पत्र लिखा है। बिल्डर का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय ने एक आदेश पारित कर निर्देश किया है कि जितनी जल्दी हो सके चिंटेल्स पैराडाइसो सेक्टर 109 में असुरक्षित टावरों डी, ई, एफ, जी और एच को ध्वस्त करें। इसे ध्वस्त करने के कार्य को तुरंत आगे बढ़ाना चाहते हैं।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में असुरक्षित घोषित टावरों की बैरिकेडिंग के बाद सोमवार तक सीवर और पानी के कनेक्शन काटे जा सकते हैं। इसके लिए बिल्डर ने एच टावर में रह रहे लोगों को नोटिस देकर आठ जनवरी तक खाली करने को कहा है। हालांकि लोगों ने 15 जनवरी तक का समय मांगा है। दूसरी ओर पीड़ितों को किराया देने का मामला प्रशासन, बिल्डर और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर तय होगा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार निर्माण शुरू होने के दिन से पीड़ितों को बिल्डर किराया देगा।
चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के उपाध्यक्ष जेएन यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर की कापी मिल गई है। कोर्ट ने जल्द निर्माण कार्य शुरू करने को कहा है। यादव ने बताया कि टावरों के निर्माण कार्य शुरू होने के दिन से पीड़ितों को रेंट देना होगा। उन्होंने बताया कि असुरक्षित टावरों में अभी छह परिवार रहे हैं। इन लोगों को कई नोटिस देकर फ्लैट खाली करने को कहा गया है। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद असुरक्षित घोषित टावरों के सीवर और पानी का कनेक्शन काटकर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। ऐसे में इन लोगों को सोमवार तक फ्लैट खाली करने को कहा गया है। इसके लिए सभी को ई-मेल पर नोटिस भेज दिया गया है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राकेश हुड्डा ने बताया कि लोगों ने बिल्डर से कुछ समय मांगा है। उन्होंने बताया कि सोसाइटी के असुरक्षित घोषित टावरों को खाली करवाने, गिराने और नए सिरे से बनाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उपायुक्त निशांत कुमार यादव और एडीसी हितेश कुमार मीणा से मिले थे। उन्होंने बताया कि अब बिल्डर को निवासियों को किराया देना होगा और दूसरे विकल्प में पैसे देने होंगे। यह राशि प्रशासन द्वारा तय की जानी है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राकेश हुड्डा ने बताया कि प्रशासन ने उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
एच ब्लॉक का प्लास्टर गिरा
असुरक्षित घोषित एच टावर का शुक्रवार की शाम फिर से प्लास्टर गिर गया। इससे पहले एच टावर की बालकनी दो-तीन बार गिर चुकी है। ऐसे में बिल्डर ने लोगों से जल्द फ्लैट खाली करने को कहा है। उसका कहना है कि इस बारे में जिला प्रशासन और डीटीपी को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। इसके बाद भी अभी एच टावर में छह परिवार फ्लैट में रह रहे हैं। बता दें कि 10 फरवरी 2022 को डी टावर में हुए हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी थी। कमेटी ने रिपोर्ट नवंबर 2022 में सौंप दी थी। इसमें पांच टावरों को अनसेफ घोषित कर दिया गया था। वहीं, चार टावरों को आईआईटी की टीम ने रहने योग्य घोषित किया था।
विज्ञापन
असुरक्षित टावरों को तोड़ने के संबंध में पत्र लिखा
चिंटेल्स पैराडाइसो बिल्डर ने नगर एवं योजनाकार विभाग के निदेशक को असुरक्षित टावरों को तोड़ने के संबंध में पत्र लिखा है। बिल्डर का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय ने एक आदेश पारित कर निर्देश किया है कि जितनी जल्दी हो सके चिंटेल्स पैराडाइसो सेक्टर 109 में असुरक्षित टावरों डी, ई, एफ, जी और एच को ध्वस्त करें। इसे ध्वस्त करने के कार्य को तुरंत आगे बढ़ाना चाहते हैं।