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चिंटेल्स पैराडाइसो : ए, बी और सी टॉवर के पुनर्मूल्यांकन की मांग
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-सीबीआरआई ने तीनों टावरों को बताया है असुरक्षित, उपायुक्त ने लोगों से मांगी थी राय
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। चिंटेल्स पैराडाइसो रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (सीपीआरडब्ल्यूए) ने स्थानीय निवासियों से बात कर संबंधित समस्याओं, किराया, टावरों के निर्माण के अलावा ए, बी और सी टॉवर के पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग संबंधी पत्र को उपायुक्त और डीटीपीई को भेज दिया है। अब इस पर बिल्डर को जवाब देना है। इसके बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा। सीबीआरआई ने अपनी रिपोर्ट में ए, बी व सी टावर को असुरक्षित बताया है।
सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के प्रतिनिधियों और विभिन्न टावरों के मकान मालिकों के साथ 16 जनवरी को आयोजित बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई थी। इसी आधार पर रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त को भेजी गई है। उपायुक्त को भेजे गए पत्र में इसी माह से मिलने वाले किराये भत्ते पर सवाल उठाया गया है। कुछ लोगों ने किराया भत्ता नहीं मिलने की शिकायत दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार पीड़ितों को किराया दिया जाना है।
लोगों ने बताया कि चिटेल्स को सभी गृहस्वामियों को किराया देना चाहिए। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बिल्डर को उन सभी गृहस्वामियों को किराया देने का निर्देश दिया जाए जिन्होंने पुनर्विकास समझौते पर हस्ताक्षर किए बिना पुनर्निर्माण का विकल्प चुना है। इसके अलावा सीबीआरआई रिपोर्ट की समीक्षा की जाए। सीपीआरडब्ल्यूए ने रिपोर्ट की समीक्षा के लिए एक सक्षम तकनीकी प्राधिकरण की भागीदारी का अनुरोध किया है।
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लोगों का का कहना है कि गुरुग्राम के रियल एस्टेट में पिछले तीन वर्षों में हुए महत्वपूर्ण बदलाव को ध्यान में रखते हुए पांच अपार्टमेंट बेचे गए थे। इसके लिए अतिरिक्त पैसे लिए गए थे। वह पैसे वापस किए जाएं। लोगों का कहना है कि बिल्डर पुनर्निर्माण योजना के साथ विवरण और लेआउट प्रस्तुत करें। चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के आरडब्ल्यूए प्रधान राकेश हुड्डा ने बताया कि रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी गई है।
बता दें कि चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के टावर डी में 10 फरवरी 2022 में हुए हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। आईआईटी दिल्ली की टीम को टावरों के संरचनात्मक ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच में डी, ई, एफ, जी, एच व जे को असुरक्षित घोषित किया गया है। बिल्डर ने ए, बी, सी टावर का मेसर्स सीएसआईआर-सीबीआरआई से संरचनात्क ऑडिट कराया था। कंपनी ने रिपोर्ट में चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के ए, बी और सी टावर असुरक्षित घोषित किया है।
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गुरुग्राम। चिंटेल्स पैराडाइसो रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (सीपीआरडब्ल्यूए) ने स्थानीय निवासियों से बात कर संबंधित समस्याओं, किराया, टावरों के निर्माण के अलावा ए, बी और सी टॉवर के पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग संबंधी पत्र को उपायुक्त और डीटीपीई को भेज दिया है। अब इस पर बिल्डर को जवाब देना है। इसके बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा। सीबीआरआई ने अपनी रिपोर्ट में ए, बी व सी टावर को असुरक्षित बताया है।
सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के प्रतिनिधियों और विभिन्न टावरों के मकान मालिकों के साथ 16 जनवरी को आयोजित बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई थी। इसी आधार पर रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त को भेजी गई है। उपायुक्त को भेजे गए पत्र में इसी माह से मिलने वाले किराये भत्ते पर सवाल उठाया गया है। कुछ लोगों ने किराया भत्ता नहीं मिलने की शिकायत दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार पीड़ितों को किराया दिया जाना है।
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लोगों ने बताया कि चिटेल्स को सभी गृहस्वामियों को किराया देना चाहिए। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बिल्डर को उन सभी गृहस्वामियों को किराया देने का निर्देश दिया जाए जिन्होंने पुनर्विकास समझौते पर हस्ताक्षर किए बिना पुनर्निर्माण का विकल्प चुना है। इसके अलावा सीबीआरआई रिपोर्ट की समीक्षा की जाए। सीपीआरडब्ल्यूए ने रिपोर्ट की समीक्षा के लिए एक सक्षम तकनीकी प्राधिकरण की भागीदारी का अनुरोध किया है।
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लोगों का का कहना है कि गुरुग्राम के रियल एस्टेट में पिछले तीन वर्षों में हुए महत्वपूर्ण बदलाव को ध्यान में रखते हुए पांच अपार्टमेंट बेचे गए थे। इसके लिए अतिरिक्त पैसे लिए गए थे। वह पैसे वापस किए जाएं। लोगों का कहना है कि बिल्डर पुनर्निर्माण योजना के साथ विवरण और लेआउट प्रस्तुत करें। चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के आरडब्ल्यूए प्रधान राकेश हुड्डा ने बताया कि रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी गई है।
बता दें कि चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के टावर डी में 10 फरवरी 2022 में हुए हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। आईआईटी दिल्ली की टीम को टावरों के संरचनात्मक ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच में डी, ई, एफ, जी, एच व जे को असुरक्षित घोषित किया गया है। बिल्डर ने ए, बी, सी टावर का मेसर्स सीएसआईआर-सीबीआरआई से संरचनात्क ऑडिट कराया था। कंपनी ने रिपोर्ट में चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के ए, बी और सी टावर असुरक्षित घोषित किया है।