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Faridabad News: केवाईसी का झांसा देकर चाय विक्रेता से पांच लाख ठगे
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पीड़ित से ओटीपी लेकर लोन दिलाया और खाते में करा लिया ट्रांसफर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पल्ला इलाके में एक चाय विक्रेता का केवाईसी अपडेट करने के नाम पर साइबर ठगों ने पांच लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पहले पीड़ित को लोन दिलाया उसके बाद में सारी रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
इस्माइलपुर पल्ला निवासी शिव कुमार गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया वह चाय की छोटी सी दुकान चलाता है। 21 मई को उनके पास एक अंजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को ई-वॉलेट कंपनी का कर्मचारी बताया और केवाईसी अपडेट कराने को कहा। आरोपी ने कहा अपडेट नहीं होने पर कभी भी खाता बंद हो सकता है। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित के मोबाइल पर एक ऐप डाउनलोड कराया। इसके बाद पीड़ित के ई-वॉलेट में लॉग-इन कराकर बैंक संबंधित जानकारी भरने के लिए कही।
आरोपी ने ऐप की सहायता से ई-वॉलेट से पांच लाख का लोन दिलाकर पहले पीड़ित के खाते में ट्रांसफर किया और बाद में अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। पीड़ित के मोबाइल पर संदेश आने पर मामले का पता लगा। अगले दिन पीड़ित ने पुलिस को मामले की शिकायत दी। करीब साढे़ छह महीने की शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पल्ला इलाके में एक चाय विक्रेता का केवाईसी अपडेट करने के नाम पर साइबर ठगों ने पांच लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पहले पीड़ित को लोन दिलाया उसके बाद में सारी रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
इस्माइलपुर पल्ला निवासी शिव कुमार गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया वह चाय की छोटी सी दुकान चलाता है। 21 मई को उनके पास एक अंजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को ई-वॉलेट कंपनी का कर्मचारी बताया और केवाईसी अपडेट कराने को कहा। आरोपी ने कहा अपडेट नहीं होने पर कभी भी खाता बंद हो सकता है। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित के मोबाइल पर एक ऐप डाउनलोड कराया। इसके बाद पीड़ित के ई-वॉलेट में लॉग-इन कराकर बैंक संबंधित जानकारी भरने के लिए कही।
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आरोपी ने ऐप की सहायता से ई-वॉलेट से पांच लाख का लोन दिलाकर पहले पीड़ित के खाते में ट्रांसफर किया और बाद में अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। पीड़ित के मोबाइल पर संदेश आने पर मामले का पता लगा। अगले दिन पीड़ित ने पुलिस को मामले की शिकायत दी। करीब साढे़ छह महीने की शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
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