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Gurugram News: एक ही आईपी एड्रेस पर ट्रेस हुआ था 37 करोड़ का सीजीएसटी फ्रॉड
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- सीजीएसटी ने कार्रवाई को लेकर महाराष्ट्र के सीजीएसटी अधिकारियों को लिखा पत्र
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। सीजीएसटी ने एक ही आईपी एड्रेस पर हो रही बिलिंग व एक ही मोबाइल नंबर पर आ रही ओटीपी पर संदेश के आधार पर करोड़ों की ठगी का खुलासा हुआ। गिरोह का मास्टर माइंड जेल में है। कंपनियों पर शिकंजा कसने के लिए सीजीएसटी अधिकारी ने महाराष्ट्र के सीजीएसटी अधिकारियों को पत्र लिखा है।
37 करोड़ 54 लाख रुपये की ई-वे बिल के आधार पर ठगी के मामले में यह खुलासा हुआ है कि कोरोना काल के दौरान अलग-अलग कंपनी व फर्म रजिस्टर्ड कर उसे साइंलेट रखा गया। रजिस्ट्रेशन के दो साल बाद इन कंपनियों को एक्टिव किया गया है। इस पूरे मामले में महाराष्ट्र के एक गिरोह का हाथ है। जिसकी ओर से मास्टर माइंड को एक मोबाइल उपलब्ध कराया गया। उस पर आने वाले ओटीपी व गुरुग्राम में एक आईपी एड्रेस पर चल रहे सिस्टम व बिलिंग पर यह मामला सर्विलांस पर आया था। सीजीएसटी ने सरगना को गिरफ्तार किया है।
मास्टर माइंड की जमानत पर 14 को सुनवाई
फर्जी तरीके से 243 करोड़ के ई-वे बिल के आधार पर सरकार को 37 करोड़ 54 लाख का चूना लगाने वाले सरगना की जमानत पर अदालत में सुनवाई चल रही है। अदालत की ओर से आरोपी को 19 तक न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज रखा है। उसकी जमानत पर 14 फरवरी को सुनवाई है।
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वर्जन
फर्जी ई-वे बिल के आधार पर करोड़ों की ठगी की जांच चल रही है। संबंधित कंपनी व फर्म संचालकों को नोटिस देने के साथ महाराष्ट्र के विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। - कर्ण सिंह, सहायक आयुक्त, सीजीएसटी, गुरुग्राम।
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मयंक तिवारी
गुरुग्राम। सीजीएसटी ने एक ही आईपी एड्रेस पर हो रही बिलिंग व एक ही मोबाइल नंबर पर आ रही ओटीपी पर संदेश के आधार पर करोड़ों की ठगी का खुलासा हुआ। गिरोह का मास्टर माइंड जेल में है। कंपनियों पर शिकंजा कसने के लिए सीजीएसटी अधिकारी ने महाराष्ट्र के सीजीएसटी अधिकारियों को पत्र लिखा है।
37 करोड़ 54 लाख रुपये की ई-वे बिल के आधार पर ठगी के मामले में यह खुलासा हुआ है कि कोरोना काल के दौरान अलग-अलग कंपनी व फर्म रजिस्टर्ड कर उसे साइंलेट रखा गया। रजिस्ट्रेशन के दो साल बाद इन कंपनियों को एक्टिव किया गया है। इस पूरे मामले में महाराष्ट्र के एक गिरोह का हाथ है। जिसकी ओर से मास्टर माइंड को एक मोबाइल उपलब्ध कराया गया। उस पर आने वाले ओटीपी व गुरुग्राम में एक आईपी एड्रेस पर चल रहे सिस्टम व बिलिंग पर यह मामला सर्विलांस पर आया था। सीजीएसटी ने सरगना को गिरफ्तार किया है।
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मास्टर माइंड की जमानत पर 14 को सुनवाई
फर्जी तरीके से 243 करोड़ के ई-वे बिल के आधार पर सरकार को 37 करोड़ 54 लाख का चूना लगाने वाले सरगना की जमानत पर अदालत में सुनवाई चल रही है। अदालत की ओर से आरोपी को 19 तक न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज रखा है। उसकी जमानत पर 14 फरवरी को सुनवाई है।
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फर्जी ई-वे बिल के आधार पर करोड़ों की ठगी की जांच चल रही है। संबंधित कंपनी व फर्म संचालकों को नोटिस देने के साथ महाराष्ट्र के विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। - कर्ण सिंह, सहायक आयुक्त, सीजीएसटी, गुरुग्राम।