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Gurugram News: दो आरएमसी संयंत्रों की सील तोड़ने पर केस दर्ज
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जीएमडीए और एचएसपीसीबी की प्रवर्तन टीमों ने अगस्त में किए थे सील
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने खेड़की दौला थाने में दो रेडी-मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) संयंत्र मालिकों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कराई हैं। दोनों पर आरोप है कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) की ओर से सील किए जाने और जीएमडीए द्वारा अवैध प्रवेश बिंदुओं को बंद किए जाने के बावजूद दोबारा से संचालन शुरू किया। दोनों संयंत्रों का सेक्टर 78/79ए की सेक्टर डिवाइडिंग रोड पर अवैध रूप से संचालन शुरू कर दिया था।
जीएमडीए और एचएसपीसीबी की प्रवर्तन टीमों ने इन संयंत्रों को अगस्त में सील कर दिया था और अवैध सड़क मार्ग को अवरुद्ध कर दिया था। आरएमसी संयंत्र संचालित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनिवार्य भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) और एचएसपीसीबी से वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं लिया था। सील करने के बावजूद दोनों संयंत्रों के मालिकों ने जानबूझकर संचालन फिर से शुरू कर दिया, जिससे कई उल्लंघन हुए। अवैध गतिविधियों से न केवल जीएमडीए के सड़क ढांचे को नुकसान पहुंचा, बल्कि सार्वजनिक उपद्रव, स्वास्थ्य संबंधी खतरे और वैध प्राधिकार की अवज्ञा भी हुई। खेड़कीदौला थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा तीन सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 के तहत शरारत करने और जीएमडीए की सड़कों जैसे सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। इस अपराध के लिए जुर्माने के साथ पांच साल तक की कैद का प्रावधान है।
जीएमडीए के डीटीपी आरएस बाठ ने कहा कि जीएमडीए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर किसी भी दुरुपयोग या अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करता रहेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने खेड़की दौला थाने में दो रेडी-मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) संयंत्र मालिकों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कराई हैं। दोनों पर आरोप है कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) की ओर से सील किए जाने और जीएमडीए द्वारा अवैध प्रवेश बिंदुओं को बंद किए जाने के बावजूद दोबारा से संचालन शुरू किया। दोनों संयंत्रों का सेक्टर 78/79ए की सेक्टर डिवाइडिंग रोड पर अवैध रूप से संचालन शुरू कर दिया था।
जीएमडीए और एचएसपीसीबी की प्रवर्तन टीमों ने इन संयंत्रों को अगस्त में सील कर दिया था और अवैध सड़क मार्ग को अवरुद्ध कर दिया था। आरएमसी संयंत्र संचालित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनिवार्य भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) और एचएसपीसीबी से वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं लिया था। सील करने के बावजूद दोनों संयंत्रों के मालिकों ने जानबूझकर संचालन फिर से शुरू कर दिया, जिससे कई उल्लंघन हुए। अवैध गतिविधियों से न केवल जीएमडीए के सड़क ढांचे को नुकसान पहुंचा, बल्कि सार्वजनिक उपद्रव, स्वास्थ्य संबंधी खतरे और वैध प्राधिकार की अवज्ञा भी हुई। खेड़कीदौला थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा तीन सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 के तहत शरारत करने और जीएमडीए की सड़कों जैसे सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। इस अपराध के लिए जुर्माने के साथ पांच साल तक की कैद का प्रावधान है।
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जीएमडीए के डीटीपी आरएस बाठ ने कहा कि जीएमडीए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर किसी भी दुरुपयोग या अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करता रहेगा।
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