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Gurugram News: रखरखाव शुल्क में हुई वृद्धि के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान
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वाटिका सोसाइटी के निवासियों ने मासिक शुल्क बढ़ने पर जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सेक्टर-82 स्थित वाटिका सोसाइटी के निवासियों और वाटिका एनवायरो प्रबंधन के बीच रखरखाव शुल्क को लेकर बातचीत जारी है। प्रबंधन द्वारा रखरखाव शुल्क में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ जागरूक निवासियों की ओर से एक विशेष अपील जारी की गई है, जिसमें सभी से एकजुट होकर इस फैसले का विरोध करने का आग्रह किया गया है।
निवासियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, वर्तमान में मासिक रखरखाव शुल्क बढ़ाकर 5770 कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि हर परिवार पर अब लगभग 190 प्रतिदिन का भारी-भरकम बोझ पड़ रहा है। बिना किसी ठोस कारण और सुविधाओं में सुधार के इस तरह शुल्क बढ़ाए जाने से मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
सोसाइटी के जागरूक नागरिकों का कहना है कि शुल्क बढ़ाने से पहले किसी भी स्तर पर आम निवासियों की सहमति नहीं ली गई। उनका कहना है कि जो सेवाएं दी जा रही हैं उनकी गुणवत्ता वैसी ही हैं जबकि शुल्क बढ़ा दिया गया है।निवासियों का कहना है कि अब चुप बैठने का समय निकल चुका है। उन्होंने सभी सम्मानित नागरिकों से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर एक साथ आएं और अपनी लिखित आपत्तियां दर्ज कराएं। निवासियों के समूह ने चेतावनी दी है कि जब तक प्रबंधन इस बढ़ोतरी का स्पष्ट आधार नहीं देता तब तक यह विरोध जारी रहेगा। आने वाले दिनों में इस विषय पर निवासियों की एक बड़ी बैठक भी बुलाई जा सकती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सेक्टर-82 स्थित वाटिका सोसाइटी के निवासियों और वाटिका एनवायरो प्रबंधन के बीच रखरखाव शुल्क को लेकर बातचीत जारी है। प्रबंधन द्वारा रखरखाव शुल्क में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ जागरूक निवासियों की ओर से एक विशेष अपील जारी की गई है, जिसमें सभी से एकजुट होकर इस फैसले का विरोध करने का आग्रह किया गया है।
निवासियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, वर्तमान में मासिक रखरखाव शुल्क बढ़ाकर 5770 कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि हर परिवार पर अब लगभग 190 प्रतिदिन का भारी-भरकम बोझ पड़ रहा है। बिना किसी ठोस कारण और सुविधाओं में सुधार के इस तरह शुल्क बढ़ाए जाने से मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
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सोसाइटी के जागरूक नागरिकों का कहना है कि शुल्क बढ़ाने से पहले किसी भी स्तर पर आम निवासियों की सहमति नहीं ली गई। उनका कहना है कि जो सेवाएं दी जा रही हैं उनकी गुणवत्ता वैसी ही हैं जबकि शुल्क बढ़ा दिया गया है।निवासियों का कहना है कि अब चुप बैठने का समय निकल चुका है। उन्होंने सभी सम्मानित नागरिकों से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर एक साथ आएं और अपनी लिखित आपत्तियां दर्ज कराएं। निवासियों के समूह ने चेतावनी दी है कि जब तक प्रबंधन इस बढ़ोतरी का स्पष्ट आधार नहीं देता तब तक यह विरोध जारी रहेगा। आने वाले दिनों में इस विषय पर निवासियों की एक बड़ी बैठक भी बुलाई जा सकती है।
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