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Gurugram News: ऑरिस सोसाइटी के खरीदारों ने किया हरेरा कार्यालय पर प्रदर्शन
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बिल्डर पर हरेरा के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप
दिसंबर 2022 में निर्माण जल्द पूरा करने के दिए थे आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-89 स्थित ऑरिस ग्रीनोपॉलिस सोसाइटी के निवासियों को घर नहीं मिलने और हरियाणा भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (हरेरा) के आदेशों का उल्लंघन करने पर सोमवार को खरीदारों ने बिल्डर के खिलाफ हरेरा कार्यालय पहुंच कर प्रदर्शन किया। 7 दिसंबर 2022 को हरेरा ने प्रोजेक्ट से जुड़ी एजेंसियों को जल्द से जल्द निर्माण पूरा करने के आदेश दिए थे।
खरीदारों की मांग है कि फेज-1 के सभी आवंटियों को मकान सौंपे जाएं। साथ ही फेज-2 और फेज-3 का निर्माण भी जल्द पूरा किया जाए। खरीदारों का कहना है कि घर खरीदने वाले ज्यादातर मध्यम वर्ग के लोग हैं, जो इस परियोजना में निवेश के बाद परेशानी में हैं। कई खरीदारों को किराए के साथ-साथ होम लोन की ईएमआई का भुगतान करने की दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों की शिक्षा और कुछ परिवार में गंभीर बीमारी के चलते और भी संकटपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है।
2011 को, डीटीसीपी ने गांव हयातपुर तहसील में 47.218 एकड़ जमीन पर हाउसिंग प्रोजेक्ट में एक आवासीय समूह आवास कॉलोनी स्थापित करने के लिए ओरिस और भूमि मालिकों को 2011 का लाइसेंस दिया था। यह परियोजना 2012 में शुरू की गई थी, जिसमें 37.218 एकड़ जमीन पर 28 टावरों में 1862 यूनिट थीं। 10 एकड़ जमीन भविष्य में किए जाने वाले विकास के लिए आरक्षित थी।
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दिसंबर 2022 में निर्माण जल्द पूरा करने के दिए थे आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-89 स्थित ऑरिस ग्रीनोपॉलिस सोसाइटी के निवासियों को घर नहीं मिलने और हरियाणा भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (हरेरा) के आदेशों का उल्लंघन करने पर सोमवार को खरीदारों ने बिल्डर के खिलाफ हरेरा कार्यालय पहुंच कर प्रदर्शन किया। 7 दिसंबर 2022 को हरेरा ने प्रोजेक्ट से जुड़ी एजेंसियों को जल्द से जल्द निर्माण पूरा करने के आदेश दिए थे।
खरीदारों की मांग है कि फेज-1 के सभी आवंटियों को मकान सौंपे जाएं। साथ ही फेज-2 और फेज-3 का निर्माण भी जल्द पूरा किया जाए। खरीदारों का कहना है कि घर खरीदने वाले ज्यादातर मध्यम वर्ग के लोग हैं, जो इस परियोजना में निवेश के बाद परेशानी में हैं। कई खरीदारों को किराए के साथ-साथ होम लोन की ईएमआई का भुगतान करने की दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों की शिक्षा और कुछ परिवार में गंभीर बीमारी के चलते और भी संकटपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है।
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2011 को, डीटीसीपी ने गांव हयातपुर तहसील में 47.218 एकड़ जमीन पर हाउसिंग प्रोजेक्ट में एक आवासीय समूह आवास कॉलोनी स्थापित करने के लिए ओरिस और भूमि मालिकों को 2011 का लाइसेंस दिया था। यह परियोजना 2012 में शुरू की गई थी, जिसमें 37.218 एकड़ जमीन पर 28 टावरों में 1862 यूनिट थीं। 10 एकड़ जमीन भविष्य में किए जाने वाले विकास के लिए आरक्षित थी।
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