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जल संरक्षण के लिए लाएं दिनचर्या में बदलाव : दत्तात्रेय
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गुरुग्राम विश्विद्यालय में जल संरक्षण के राष्ट्रीय सम्मेलन में जल संरक्षण पर लगाई प्रदर्शनी का
राज्यपाल ने गुरुग्राम विश्वविद्यालय में जल संरक्षण के राष्ट्रीय सम्मेलन में की शिरकत
गुरुग्राम। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा है कि हम सभी को जल संरक्षण के साथ-साथ जल प्रबंधन पर भी विचार करना होगा। जिसके लिए हमें अपनी दिनचर्या की आदतों में भी बदलाव लाना होगा।
राज्यपाल सोमवार को गुरुग्राम विश्वविद्यालय में जल संरक्षण के राष्ट्रीय सम्मेलन व महाजल मेला कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में जिस प्रकार से जल का दुरुपयोग हो रहा है, वह हमारे लिए निश्चित रूप से चिंता का विषय है। इसके लिए हमें पानी के अनुकूल फसलों को उगाने की जरूरत है, जिसमें पानी का बेहतर उपयोग हो।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में भूजल के व्यापक प्रबंधन और विकास के लिए हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण और हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण भी स्थापित किया है। यह राज्य में आठ हजार से अधिक पारंपरिक जल निकायों के कायाकल्प के मिशन पर काम कर रहा है, जो स्थानीय समुदायों के साथ-साथ पूरे राज्य में भूजल पुनर्भरण के लिए एक बड़ा कदम होगा। प्राधिकरण ने सिंचाई और जल संसाधन विभाग को जल संरक्षण योजनाओं, जल निकायों और अभिनव परियोजनाओं के लिए 59.75 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
राज्यपाल ने हरियाणा प्रदेश में स्थायी जल संरक्षण और प्रबंधन के लिए किए गए सर्वाेत्तम प्रयासों की एक पुस्तिका का भी विमोचन किया। यह कार्यक्रम जल संरक्षण के लिए कार्य कर रही संस्था वसंता लक्ष्मी चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित था।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वीसी दिनेश कुमार, आरएसएस के पर्यावरण विभाग के राष्ट्रीय संयोजक गोपाल आर्य, वसंता लक्ष्मी चेरिटेबल ट्रस्ट से टी. वसंता आदि मौजूद थे।
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गुरुग्राम। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा है कि हम सभी को जल संरक्षण के साथ-साथ जल प्रबंधन पर भी विचार करना होगा। जिसके लिए हमें अपनी दिनचर्या की आदतों में भी बदलाव लाना होगा।
राज्यपाल सोमवार को गुरुग्राम विश्वविद्यालय में जल संरक्षण के राष्ट्रीय सम्मेलन व महाजल मेला कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई।
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राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में जिस प्रकार से जल का दुरुपयोग हो रहा है, वह हमारे लिए निश्चित रूप से चिंता का विषय है। इसके लिए हमें पानी के अनुकूल फसलों को उगाने की जरूरत है, जिसमें पानी का बेहतर उपयोग हो।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में भूजल के व्यापक प्रबंधन और विकास के लिए हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण और हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण भी स्थापित किया है। यह राज्य में आठ हजार से अधिक पारंपरिक जल निकायों के कायाकल्प के मिशन पर काम कर रहा है, जो स्थानीय समुदायों के साथ-साथ पूरे राज्य में भूजल पुनर्भरण के लिए एक बड़ा कदम होगा। प्राधिकरण ने सिंचाई और जल संसाधन विभाग को जल संरक्षण योजनाओं, जल निकायों और अभिनव परियोजनाओं के लिए 59.75 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
राज्यपाल ने हरियाणा प्रदेश में स्थायी जल संरक्षण और प्रबंधन के लिए किए गए सर्वाेत्तम प्रयासों की एक पुस्तिका का भी विमोचन किया। यह कार्यक्रम जल संरक्षण के लिए कार्य कर रही संस्था वसंता लक्ष्मी चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित था।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वीसी दिनेश कुमार, आरएसएस के पर्यावरण विभाग के राष्ट्रीय संयोजक गोपाल आर्य, वसंता लक्ष्मी चेरिटेबल ट्रस्ट से टी. वसंता आदि मौजूद थे।

गुरुग्राम विश्विद्यालय में जल संरक्षण के राष्ट्रीय सम्मेलन में जल संरक्षण पर लगाई प्रदर्शनी का

गुरुग्राम विश्विद्यालय में जल संरक्षण के राष्ट्रीय सम्मेलन में जल संरक्षण पर लगाई प्रदर्शनी का