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Gurugram News: नई लॉजिस्टिक, वेयरहाउसिंग व रिटेल पॉलिसी पर मंथन
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उप मुख्यमंत्री बोले, सोहना व फिरोजपुर झिरका क्षेत्र पोर्ट टू लैंड कनेक्टिविटी का बनेगा एपिसेंटर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ लगते सोहना व फिरोजपुर झिरका क्षेत्र आने वाले समय में पोर्ट टू लैंड कनेक्टिविटी का एपिसेंटर बनने जा रहा है। ऐसे में हरियाणा में लॉजिस्टिक क्षेत्र में निवेश करने के इच्छुक संस्थान इस क्षेत्र को बेहतर विकल्प के रूप में चुन सकते हैं। उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक इंडस्ट्री के लिए हरियाणा में सबसे बेहतर वातावरण है। जिसमे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के जरिए निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की सुविधा दी गई है।
उप मुख्यमंत्री शुक्रवार को गुरुग्राम के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हरियाणा की नई लॉजिस्टिक, वेयर हाउसिंग व रिटेल पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार करने में उद्योगों व कंपनियों के हितधारकों से सुझाव आमंत्रित करने को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि पूर्व में बनाई की विभिन्न नीतियों की तर्ज पर इस पॉलिसी को बनाते समय लॉजिस्टिक, वेयर हाउसिंग व रिटेल क्षेत्र के निवेशकों के भी सुझाव लिए जाएं। सरकार का प्रयास है कि लॉजिस्टिक, वेयर हाउसिंग व रिटेल क्षेत्र को प्रमोट करने के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर जो बदलाव किए गए हैं, उनको हरियाणा में भी प्राथमिकता के साथ लागू किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व में जहां लॉजिस्टिक व वेयर हाउसिंग के लिए न्यूनतम 10 एकड़ की नीति में बदलाव करते हुए इसे 5 एकड़ किया है। वहीं वेयर हाउस के रास्तों के लिए 60 फीट की सड़क की शर्तों में बदलाव करते हुए इसे 33 फीट किया गया है। भविष्य को देखते हुए केएमपी के साथ साथ पंचग्राम बसाने की योजना पर भी गंभीरता से कार्य हो रहा है। वहीं भविष्य में बसाए जाने वाले नए शहरों में लॉजिस्टिक क्षेत्र के लिए भी जगह चिन्हित की जाएगी।
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बैठक में उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण ने कहा कि सरकार ऐसी पॉलिसी बनाना चाहती है, जिसमें इससे जुड़े हितधारकों के महत्वपूर्ण सुझावों का ध्यान रखा गया हो। बैठक में अन्य राज्यों में बनाई गई पॉलिसी के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर डीआईसी गुरुग्राम संयुक्त निदेशक विजय लक्ष्मी, फर्म एवं सोसाइटी की डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार बेलिना, एमएसएमई गुरुग्राम के संयुक्त निदेशक सतीश कुमार, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग से सहायक निदेशक राहुल बामल आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ लगते सोहना व फिरोजपुर झिरका क्षेत्र आने वाले समय में पोर्ट टू लैंड कनेक्टिविटी का एपिसेंटर बनने जा रहा है। ऐसे में हरियाणा में लॉजिस्टिक क्षेत्र में निवेश करने के इच्छुक संस्थान इस क्षेत्र को बेहतर विकल्प के रूप में चुन सकते हैं। उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक इंडस्ट्री के लिए हरियाणा में सबसे बेहतर वातावरण है। जिसमे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के जरिए निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की सुविधा दी गई है।
उप मुख्यमंत्री शुक्रवार को गुरुग्राम के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हरियाणा की नई लॉजिस्टिक, वेयर हाउसिंग व रिटेल पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार करने में उद्योगों व कंपनियों के हितधारकों से सुझाव आमंत्रित करने को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि पूर्व में बनाई की विभिन्न नीतियों की तर्ज पर इस पॉलिसी को बनाते समय लॉजिस्टिक, वेयर हाउसिंग व रिटेल क्षेत्र के निवेशकों के भी सुझाव लिए जाएं। सरकार का प्रयास है कि लॉजिस्टिक, वेयर हाउसिंग व रिटेल क्षेत्र को प्रमोट करने के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर जो बदलाव किए गए हैं, उनको हरियाणा में भी प्राथमिकता के साथ लागू किया जाएगा।
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उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व में जहां लॉजिस्टिक व वेयर हाउसिंग के लिए न्यूनतम 10 एकड़ की नीति में बदलाव करते हुए इसे 5 एकड़ किया है। वहीं वेयर हाउस के रास्तों के लिए 60 फीट की सड़क की शर्तों में बदलाव करते हुए इसे 33 फीट किया गया है। भविष्य को देखते हुए केएमपी के साथ साथ पंचग्राम बसाने की योजना पर भी गंभीरता से कार्य हो रहा है। वहीं भविष्य में बसाए जाने वाले नए शहरों में लॉजिस्टिक क्षेत्र के लिए भी जगह चिन्हित की जाएगी।
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बैठक में उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण ने कहा कि सरकार ऐसी पॉलिसी बनाना चाहती है, जिसमें इससे जुड़े हितधारकों के महत्वपूर्ण सुझावों का ध्यान रखा गया हो। बैठक में अन्य राज्यों में बनाई गई पॉलिसी के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर डीआईसी गुरुग्राम संयुक्त निदेशक विजय लक्ष्मी, फर्म एवं सोसाइटी की डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार बेलिना, एमएसएमई गुरुग्राम के संयुक्त निदेशक सतीश कुमार, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग से सहायक निदेशक राहुल बामल आदि मौजूद रहे।