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Gurugram News: महिला खरीदार को बड़ी राहत, बिल्डर नहीं वसूल सकेगा मनमाना पीएलसी चार्ज

Tue, 20 Oct 2026 11:07 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2026 11:07 PM IST
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Big relief for female homebuyers: Builders will no longer be able to levy arbitrary PLC charges.
बिना अनुमति के बढ़ाया फ्लैट का क्षेत्रफल, हरेरा ने नमानी पर लगाई रोक
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महिला खरीदार को यूनिट बहाल करने के साथ देना होगा एश्योर्ड रिटर्न

संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बिना अनुमति के यूनिट (फ्लैट) का क्षेत्रफल बढ़ाकर अतिरिक्त रुपये न देने वाले बिल्डर को अब खारिज की गई यूनिट को सिर्फ बहाल नहीं करना पड़ेगा, बल्कि बहाल करने के साथ ही महिला खरीदार को अब एश्योर्ड रिटर्न भी देना होगा। इसके साथ ही अतिरिक्त चार्ज के साथ ही यूनिट का क्षेत्रफल बढ़ाने पर भी हरेरा की तरफ से रोक लगा दी गई है।
यह आदेश हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) गुरुग्राम के चेयरमैन अरुण कुमार ने दिया है। सेक्टर-89 निवासी कोमल गुलिया ने अथॉरिटी में दायर की याचिका में बताया कि उन्होंने बिल्डर मेसर्स केएस प्रोपमार्ट प्राइवेट लिमिटेड के सेक्टर-85 स्थित पार्क स्ट्रीट (पहले इसका नाम 85 एवेन्यू था) परियोजना में 30 नवंबर 2020 को यूनिट बुक की थी। यूनिट का सुपर एरिया 405 वर्ग फीट और बेसिक सेल प्राइस 22.45 लाख रुपये तय हुआ था। उन्होंने 2023 तक करीब 16.76 लाख रुपये का भुगतान कंपनी को कर दिया था। इसके बाद बिल्डर ने यूनिट का क्षेत्रफल बढ़ाकर 545.62 वर्ग फीट कर दिया। इसके साथ ही 8.18 लाख रुपये के प्रेफरेंस लोकेशन चार्ज (पीएलसी) समेत अतिरिक्त रकम की मांग की गई।
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बिल्डर ने बकाया राशि और ब्याज का हवाला देते हुए कुल 81.92 लाख रुपये की खरीदार से मांग की थी। रुपये का भुगतान न करने पर बिल्डर ने 28 फरवरी 2025 को यूनिट का आवंटन रद कर दिया। अथॉरिटी ने अपने आदेश में हरियाणा रियल एस्टेट नियम, 2017 के नियम का हवाला देते हुए कहा कि क्षेत्रफल में बदलाव की अधिकतम सीमा पांच प्रतिशत तक ही मान्य है। ऐसे में मूल क्षेत्रफल 405 वर्ग फीट से बढ़ाकर 545.62 वर्ग फीट करना, यानी करीब 34.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी, नियमों के दायरे में स्वीकार्य नहीं है। हरेरा ने बिल्डर की ओर से की गई एकतरफा यूनिट रद की कार्रवाई को भी निरस्त कर दिया।
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समझौते में प्रावधान नहीं तो पीएलसी चार्ज भी नहीं
अथॉरिटी ने इस मामले में बिल्डर की ओर से मांगे गए 8.18 लाख रुपये के पीएलसी चार्ज पर सख्त रुख अपनाया। बायर्स एग्रीमेंट में इस शुल्क का प्रावधान नहीं होने के कारण इसकी वसूली की मांग खारिज कर दी गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि बिल्डर समझौते में शामिल नहीं किए गए अतिरिक्त शुल्क के नाम पर खरीदार से मनमानी वसूली नहीं कर सकता।



78.84 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से देना होगा एश्योर्ड रिटर्न
महिला खरीदार से हुए करार के अनुसार बिल्डर को 20 नवंबर 2020 से ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) के लिए आवेदन करने की तारीख तक 78.84 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से एश्योर्ड रिटर्न यानी कब्जे से पहले का लीज रेंटल देने का निर्देश दिया है। एश्योर्ड रिटर्न की बकाया राशि को खरीदार के वैध बकाया भुगतान के साथ समायोजित किया जाएगा। इसके बाद बची हुई राशि 90 दिन के भीतर चुकानी होगी। तय अवधि में भुगतान नहीं करने पर आठ प्रतिशत वार्षिक ब्याज लागू होगा।
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