{"_id":"63ce61eb7fbb6d38d05b3e04","slug":"bharat-milap-in-ram-leelas-gurgaon-news-c-1-1-64547-2023-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामलीला : प्रभु करि कृपा पांवरी दीन्ही सादर भरत सीस धरि लीन्ही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामलीला : प्रभु करि कृपा पांवरी दीन्ही सादर भरत सीस धरि लीन्ही
विज्ञापन
राम लीलाओं में भरत मिलाप, शूर्पनखा की नाक काटे जाने का दृश्य दर्शाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। प्रभु करि कृपा पांवरी दीन्हीं सादर भरत सीस धरि लीन्ही.। वन में भरत, शत्रुघ्न परिजनों के साथ श्री राम, लक्ष्मण, सीता से अयोध्या लौटने की मनुहार करने लगे। जब राम ने अपने वचनों की रक्षा की याद दिलाई। राम और भरत गले मिले। भाइयों के बीच यह प्यार देखकर दर्शकों की आंखें भर आई। प्रभु से उनकी पादुका लेकर उसे अपने माथे पर रखकर भरत आयोध्या लौट चले।
मानस की पंक्तियां गूंजी प्रभु करि कृपा पांवरी दीन्हीं...। रामलीला में सस्वर संगीत बजने लगा राम भक्त ले चला है राम की निशानी, .. अब इसकी छांव में चलेगी राजधानी।
रामलीलाओं में शुक्रवार को मुख्य रूप से भरत मिलाप का दृश्य दर्शाया गया। जैकबपुरा की श्री दुर्गा रामलीला कमेटी के मंच पर दोनों भाइयों की अविरल बहती अश्रुधारा के साथ मंच पर मौजूद विभिन्न किरदार ही नहीं बल्कि दर्शक भी रो पड़े।
विज्ञापन
तेउ बिलोकि रघुबर भरत प्रीति अनूप अपार भए मगन मन बचन सहित बिराग विचार... मानस की इन पंक्तियों के बाद यहां चारों भाइयों ने अपने पिता दशरथ को विधि विधान से श्रद्धांजलि दी। यहां शूर्पणखा के नाक काटे जाने का तक दृश्य दर्शाया गया।
भीम नगर की श्री कृष्ण मंदिर रामलीला में काफी संख्या में दर्शकों ने राम भरत मिलाप के दृश्यों और बीच-बीच में बज रहे भजनों के बीच ध्वनि के साथ आनंद लिया। लीला का कार्यकारी प्रधान भारत भूषण ने दृश्यों को विश्लेषण किया। यहां लक्ष्मण ने शूर्पणखा की नाक काटी। इसके शूर्पणखा का संवाद दर्शाया गया। शूर्पणखा की भूमिका में मंच पर निकिता शर्मा, राम की भूमिका में कुश तनेजा, लक्ष्मण की भूमिका में पंकज पाहूजा और सीता की भूमिका में पारुल थीं।
गुड़गांव गांव की नवोदित रामलीला कमेटी 6 वर्ष बाद एक बार फिर से इस बार रामलीला आयोजित कर रही है। इस रामलीला को लेकर स्थानीय लोगों में बहुत उत्साह है। यहां राम वनवास के दृश्य का मंचन किया गया। रामलीला में मुख्य अतिथि के तौर पर गुरुग्राम बार एसोसिएशन के मुख्य सचिव राहुल भारद्वाज ने हिस्सा लिया। उन्होंने रामलीला मंच पर कविताएं पढ़ी और समां बांध दिया।
आज देख सकेंगे सोने की लंका का दहन
पुरानी जेल कांप्लेक्स में श्री सिद्धेश्वर रामलीला कमेटी की लीला में चित्रकूट में राम-भरत मिलाप का दृश्य दर्शाया गया। यहां इसके पहले राम केवट संवाद, सुमंत की भूमिका, भरत कैकयी संवाद और दशरथ मरण का दृश्य भी दर्शाया गया। केवट की भूमिका में अक्षत अग्रवाल, सीता की भूमिका में अनुभव कुमार, सुमंत की भूमिका में हेमंत गर्ग और निषाद राज की भूमिका में अनुज गर्ग थे। राम की भूमिका में अरूण कुमार और लक्ष्मण की भूमिका में अमन मंगला थे। इस रामलीला में सोने की लंका का प्रारूप तैयार किया गया है। इसे लंबे समय से तैयार किया जा रहा है। रविवार की शाम लंका दहन की लीला में इसे देखा जा सकेगा।
हो गई तैयार राम रावण युद्ध की पृष्ठभूमि
न्यू कॉलोनी गीता भवन की रामलीला में दशरथ मरण, भरत मिलाप, शूर्पणखा की नाक काटे जाने और राम खरदूषण युद्ध दर्शाया गया। शूर्पणखा के नाक काटे जाने से पहले यहां शूर्पणखा का नृत्य का कार्यक्रम दर्शाया गया। इस बार यह रामलीला गीता भवन परिसर में हो रही है। दशरथ मरण और भरत मिलाप के दृश्य में विह्वल हुए दर्शकों के लिए शूर्पणखा के मंच पर आने के बाद चुटीले संवाद और नृत्य से माहौल मंच का माहौल बदल गया।
इस बार यह रामलीला राम लीला ग्राउंड की जगह गीता भवन मंदिर परिसर में हो रही है। काफी संख्या में दर्शक इसमें हिस्सा ले रहे हैं। खरदूषण वध के साथ यहां राम रावण युद्ध की पृष्ठभूमि तैयार हो गई है। यहां राम की भूमिका में रजत गुगलानी, लक्ष्मण की भूमिका में राजेश खरबंदा, सीता की भूमिका में सानिया सईद, भरत की भूमिका में पंकज कुमार और शत्रुघ्न की भूमिका में अर्जुन खुल्लर थे। कौशल्या की भूमिका में सुहानी,कैकयी की भूमिका में अंजू शर्मा और सुमित्रा की भूमिका में मुस्कान मजीद, सुमंत की भूमिका में नीरज कुमार और शूर्पणखा की भूमिका में मोनू थे।
रामलीला के लिए विशेष कविताएं लिखतें हैं रावण
झाड़सा की श्रीकृष्ण मंदिर रामलीला में रावण की भूमिका संजय कौशिक निभाते हैं। संजय कौशिक भजन और कविताएं लिखते एवं गाते हैं। कई कैसेट में इन्होंने अपने गीत दर्ज किए हैं। संजय जब रावण वेश में डायलॉग बोलते हैं तो उनकी अपनी कविताएं होती है और इनमें से कई में समाज को संदेश होता है। वे कहते हैं- अपनी ताकत और वीरता का ना गुमान होना चाहिए। अपने धन, दौलत, वैभव का ना अभिमान होना चाहिए। औरत सीता हो या शूर्पणखा सम्मान होना चाहिए, और जो करे अपमान उस कायर से युद्ध घमासान होना चाहिए। जब-जब लक्ष्मण जैसे भाई होंगे राम के साथ, ऐसे राम को कोई हरा नहीं पाएगा। जब-जब विभीषण जैसा भाई होगा रावण के साथ। ऐसे रावण को विधाता भी न जीता पाएगा। लेकिन ये पक्का है, जब-जब जन्म लेगा धरती पर राम, रावण खुद ब खुद चला आएगा। राम के हाथों मरने का सौभाग्य रावण पाएगा। संजय कौशिक ने राम, लक्ष्मण, दशरथ, कैकयी पर 109 भजन लिखे और गाए हैं। जो सीडी और यू ट्यूब में दर्ज हैं। संजय ने कई गीत भी लिखे हैं। समर्पण नामक संगठन बनाकर हर एकादशी को मंदिर में श्याम बाबा के भजनों का कार्यक्रम करते हैं। इनके साथ इस रामलीला में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले कुलभूषण कौशिक भी शामिल हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। प्रभु करि कृपा पांवरी दीन्हीं सादर भरत सीस धरि लीन्ही.। वन में भरत, शत्रुघ्न परिजनों के साथ श्री राम, लक्ष्मण, सीता से अयोध्या लौटने की मनुहार करने लगे। जब राम ने अपने वचनों की रक्षा की याद दिलाई। राम और भरत गले मिले। भाइयों के बीच यह प्यार देखकर दर्शकों की आंखें भर आई। प्रभु से उनकी पादुका लेकर उसे अपने माथे पर रखकर भरत आयोध्या लौट चले।
मानस की पंक्तियां गूंजी प्रभु करि कृपा पांवरी दीन्हीं...। रामलीला में सस्वर संगीत बजने लगा राम भक्त ले चला है राम की निशानी, .. अब इसकी छांव में चलेगी राजधानी।
विज्ञापन
रामलीलाओं में शुक्रवार को मुख्य रूप से भरत मिलाप का दृश्य दर्शाया गया। जैकबपुरा की श्री दुर्गा रामलीला कमेटी के मंच पर दोनों भाइयों की अविरल बहती अश्रुधारा के साथ मंच पर मौजूद विभिन्न किरदार ही नहीं बल्कि दर्शक भी रो पड़े।
विज्ञापन
तेउ बिलोकि रघुबर भरत प्रीति अनूप अपार भए मगन मन बचन सहित बिराग विचार... मानस की इन पंक्तियों के बाद यहां चारों भाइयों ने अपने पिता दशरथ को विधि विधान से श्रद्धांजलि दी। यहां शूर्पणखा के नाक काटे जाने का तक दृश्य दर्शाया गया।
भीम नगर की श्री कृष्ण मंदिर रामलीला में काफी संख्या में दर्शकों ने राम भरत मिलाप के दृश्यों और बीच-बीच में बज रहे भजनों के बीच ध्वनि के साथ आनंद लिया। लीला का कार्यकारी प्रधान भारत भूषण ने दृश्यों को विश्लेषण किया। यहां लक्ष्मण ने शूर्पणखा की नाक काटी। इसके शूर्पणखा का संवाद दर्शाया गया। शूर्पणखा की भूमिका में मंच पर निकिता शर्मा, राम की भूमिका में कुश तनेजा, लक्ष्मण की भूमिका में पंकज पाहूजा और सीता की भूमिका में पारुल थीं।
गुड़गांव गांव की नवोदित रामलीला कमेटी 6 वर्ष बाद एक बार फिर से इस बार रामलीला आयोजित कर रही है। इस रामलीला को लेकर स्थानीय लोगों में बहुत उत्साह है। यहां राम वनवास के दृश्य का मंचन किया गया। रामलीला में मुख्य अतिथि के तौर पर गुरुग्राम बार एसोसिएशन के मुख्य सचिव राहुल भारद्वाज ने हिस्सा लिया। उन्होंने रामलीला मंच पर कविताएं पढ़ी और समां बांध दिया।
आज देख सकेंगे सोने की लंका का दहन
पुरानी जेल कांप्लेक्स में श्री सिद्धेश्वर रामलीला कमेटी की लीला में चित्रकूट में राम-भरत मिलाप का दृश्य दर्शाया गया। यहां इसके पहले राम केवट संवाद, सुमंत की भूमिका, भरत कैकयी संवाद और दशरथ मरण का दृश्य भी दर्शाया गया। केवट की भूमिका में अक्षत अग्रवाल, सीता की भूमिका में अनुभव कुमार, सुमंत की भूमिका में हेमंत गर्ग और निषाद राज की भूमिका में अनुज गर्ग थे। राम की भूमिका में अरूण कुमार और लक्ष्मण की भूमिका में अमन मंगला थे। इस रामलीला में सोने की लंका का प्रारूप तैयार किया गया है। इसे लंबे समय से तैयार किया जा रहा है। रविवार की शाम लंका दहन की लीला में इसे देखा जा सकेगा।
हो गई तैयार राम रावण युद्ध की पृष्ठभूमि
न्यू कॉलोनी गीता भवन की रामलीला में दशरथ मरण, भरत मिलाप, शूर्पणखा की नाक काटे जाने और राम खरदूषण युद्ध दर्शाया गया। शूर्पणखा के नाक काटे जाने से पहले यहां शूर्पणखा का नृत्य का कार्यक्रम दर्शाया गया। इस बार यह रामलीला गीता भवन परिसर में हो रही है। दशरथ मरण और भरत मिलाप के दृश्य में विह्वल हुए दर्शकों के लिए शूर्पणखा के मंच पर आने के बाद चुटीले संवाद और नृत्य से माहौल मंच का माहौल बदल गया।
इस बार यह रामलीला राम लीला ग्राउंड की जगह गीता भवन मंदिर परिसर में हो रही है। काफी संख्या में दर्शक इसमें हिस्सा ले रहे हैं। खरदूषण वध के साथ यहां राम रावण युद्ध की पृष्ठभूमि तैयार हो गई है। यहां राम की भूमिका में रजत गुगलानी, लक्ष्मण की भूमिका में राजेश खरबंदा, सीता की भूमिका में सानिया सईद, भरत की भूमिका में पंकज कुमार और शत्रुघ्न की भूमिका में अर्जुन खुल्लर थे। कौशल्या की भूमिका में सुहानी,कैकयी की भूमिका में अंजू शर्मा और सुमित्रा की भूमिका में मुस्कान मजीद, सुमंत की भूमिका में नीरज कुमार और शूर्पणखा की भूमिका में मोनू थे।
रामलीला के लिए विशेष कविताएं लिखतें हैं रावण
झाड़सा की श्रीकृष्ण मंदिर रामलीला में रावण की भूमिका संजय कौशिक निभाते हैं। संजय कौशिक भजन और कविताएं लिखते एवं गाते हैं। कई कैसेट में इन्होंने अपने गीत दर्ज किए हैं। संजय जब रावण वेश में डायलॉग बोलते हैं तो उनकी अपनी कविताएं होती है और इनमें से कई में समाज को संदेश होता है। वे कहते हैं- अपनी ताकत और वीरता का ना गुमान होना चाहिए। अपने धन, दौलत, वैभव का ना अभिमान होना चाहिए। औरत सीता हो या शूर्पणखा सम्मान होना चाहिए, और जो करे अपमान उस कायर से युद्ध घमासान होना चाहिए। जब-जब लक्ष्मण जैसे भाई होंगे राम के साथ, ऐसे राम को कोई हरा नहीं पाएगा। जब-जब विभीषण जैसा भाई होगा रावण के साथ। ऐसे रावण को विधाता भी न जीता पाएगा। लेकिन ये पक्का है, जब-जब जन्म लेगा धरती पर राम, रावण खुद ब खुद चला आएगा। राम के हाथों मरने का सौभाग्य रावण पाएगा। संजय कौशिक ने राम, लक्ष्मण, दशरथ, कैकयी पर 109 भजन लिखे और गाए हैं। जो सीडी और यू ट्यूब में दर्ज हैं। संजय ने कई गीत भी लिखे हैं। समर्पण नामक संगठन बनाकर हर एकादशी को मंदिर में श्याम बाबा के भजनों का कार्यक्रम करते हैं। इनके साथ इस रामलीला में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले कुलभूषण कौशिक भी शामिल हैं।