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प्रदेश में स्टार्ट अप के लिए बेहतर माहौल : राज्यपाल
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प्रदेश में छह हजार पंजीकृत स्टार्ट अप : राज्यपाल
राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे राज्यपाल बंडारू
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने स्टार्ट अप इंडिया को आत्मनिर्भर व श्रेष्ठ भारत की नींव कहकर राष्ट्रीय स्टार्ट अप दिवस का जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि देश में स्टार्टअप के लिए हरियाणा पसंदीदा राज्य बना है। आईटी, कृषि, वित्त, हार्डवेयर, ऑटोमोटिव, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में छह हजार से अधिक स्टार्टअप हुए हैं। इसमें 45 प्रतिशत से अधिक महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप हैं।
राज्यपाल मंगलवार को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर हरियाणा के उद्योग और वाणिज्य विभाग की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का यह कार्यक्रम उद्योग विहार के फेज वन स्थित हारट्रोन इनोवेशन एंड स्टार्टअप हब में आयोजित किया गया।
राज्यपाल ने कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित किया। वैश्विक स्टार्टअप इकोसिस्टम और यूनिकार्न मामले में दुनियाभर में देश तीसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क में सौ प्रतिशत रीइंबर्समेंट, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में सौ प्रतिशत रियायत सहित एमसीडी टैक्स व इलेक्ट्रिसिटी चार्ज में भी आवश्यक छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में स्टार्टअप को एक बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2022 में बनी स्टार्टअप पालिसी से निश्चित रूप से प्रोत्साहन मिलने वाला है।
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उन्होंने बताया कि पॉलिसी में लीज सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है। इसमें लीज रेंटल का 30 प्रतिशत सब्सिडी (महिलाओं के लिए यह 45 प्रतिशत) रखी गई है। पेटेंट रीइंबर्समेंट में 25 लख रुपये तक 100 प्रतिशत, स्टेट जीएसटी रीइंबर्समेंट में सात साल के लिए 50 प्रतिशत, एक्सीलेटर प्रोग्राम में भागीदारी के लिए ढाई लाख राष्ट्रीय स्तर पर व पांच लाख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सीड फंड के तहत प्रत्येक स्टार्टअप पर 10 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसी प्रकार विश्वविद्यालयों में इन्क्यूबेशन सेंटर के लिए 50 लाख रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा में सात विश्वविद्यालयों को इन्क्यूबेशन सेंटर के लिए 30-30 लाख रुपये की राशि भी दी गई है। नए स्टार्टअप्स पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में स्टार्टअप करने वाले एंटरप्रेन्योर को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर उद्योग और वाणिज्य विभाग के सचिव एवं महानिदेशक सीजी रजनी कंथन, हारट्रॉन के प्रबंध निदेशक जे गणेशन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी नितिन बंसल, हारट्रॉन गुरुग्राम के सहायक महाप्रबंधक व प्रभारी इनोवेशन एवं स्टार्टअप नवीन चौधरी, नैस्कॉम से सुधांशु मित्तल और सिडबी से जीएम अर्जित दत्त सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
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शिक्षा स्वास्थ्य में नवाचार की ओर बढ़ें युवा
राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा स्टार्टअप्स, इंक्यूबेटर्स, निवेशकों और स्टार्टअप इकोसिस्टम में विभिन्न हितधारकों के लिए पसंदीदा राज्य है। चौदह से अधिक स्टार्टअप यूनिकॉर्न को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा में डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त छह हजार से अधिक स्टार्टअप प्रमुख क्षेत्रों में उत्साहपूर्वक काम कर रहे हैं। राज्यपाल ने प्रदेश की युवाशक्ति से आह्वान किया कि वह अपने स्टार्टअप में शिक्षा, स्वास्थ्य व एग्रीकल्चर को प्राथमिकता दे। प्रदेश की ग्रामीण आबादी को भी इसका लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि हमें स्टार्टअप की संख्या बढ़ाने में यह अवश्य ध्यान रखना होगा कि वह बहुसंख्यक लोगों के लिए उपयोगी हो।
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राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे राज्यपाल बंडारू
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने स्टार्ट अप इंडिया को आत्मनिर्भर व श्रेष्ठ भारत की नींव कहकर राष्ट्रीय स्टार्ट अप दिवस का जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि देश में स्टार्टअप के लिए हरियाणा पसंदीदा राज्य बना है। आईटी, कृषि, वित्त, हार्डवेयर, ऑटोमोटिव, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में छह हजार से अधिक स्टार्टअप हुए हैं। इसमें 45 प्रतिशत से अधिक महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप हैं।
राज्यपाल मंगलवार को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर हरियाणा के उद्योग और वाणिज्य विभाग की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का यह कार्यक्रम उद्योग विहार के फेज वन स्थित हारट्रोन इनोवेशन एंड स्टार्टअप हब में आयोजित किया गया।
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राज्यपाल ने कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित किया। वैश्विक स्टार्टअप इकोसिस्टम और यूनिकार्न मामले में दुनियाभर में देश तीसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क में सौ प्रतिशत रीइंबर्समेंट, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में सौ प्रतिशत रियायत सहित एमसीडी टैक्स व इलेक्ट्रिसिटी चार्ज में भी आवश्यक छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में स्टार्टअप को एक बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2022 में बनी स्टार्टअप पालिसी से निश्चित रूप से प्रोत्साहन मिलने वाला है।
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उन्होंने बताया कि पॉलिसी में लीज सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है। इसमें लीज रेंटल का 30 प्रतिशत सब्सिडी (महिलाओं के लिए यह 45 प्रतिशत) रखी गई है। पेटेंट रीइंबर्समेंट में 25 लख रुपये तक 100 प्रतिशत, स्टेट जीएसटी रीइंबर्समेंट में सात साल के लिए 50 प्रतिशत, एक्सीलेटर प्रोग्राम में भागीदारी के लिए ढाई लाख राष्ट्रीय स्तर पर व पांच लाख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सीड फंड के तहत प्रत्येक स्टार्टअप पर 10 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसी प्रकार विश्वविद्यालयों में इन्क्यूबेशन सेंटर के लिए 50 लाख रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा में सात विश्वविद्यालयों को इन्क्यूबेशन सेंटर के लिए 30-30 लाख रुपये की राशि भी दी गई है। नए स्टार्टअप्स पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में स्टार्टअप करने वाले एंटरप्रेन्योर को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर उद्योग और वाणिज्य विभाग के सचिव एवं महानिदेशक सीजी रजनी कंथन, हारट्रॉन के प्रबंध निदेशक जे गणेशन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी नितिन बंसल, हारट्रॉन गुरुग्राम के सहायक महाप्रबंधक व प्रभारी इनोवेशन एवं स्टार्टअप नवीन चौधरी, नैस्कॉम से सुधांशु मित्तल और सिडबी से जीएम अर्जित दत्त सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
शिक्षा स्वास्थ्य में नवाचार की ओर बढ़ें युवा
राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा स्टार्टअप्स, इंक्यूबेटर्स, निवेशकों और स्टार्टअप इकोसिस्टम में विभिन्न हितधारकों के लिए पसंदीदा राज्य है। चौदह से अधिक स्टार्टअप यूनिकॉर्न को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा में डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त छह हजार से अधिक स्टार्टअप प्रमुख क्षेत्रों में उत्साहपूर्वक काम कर रहे हैं। राज्यपाल ने प्रदेश की युवाशक्ति से आह्वान किया कि वह अपने स्टार्टअप में शिक्षा, स्वास्थ्य व एग्रीकल्चर को प्राथमिकता दे। प्रदेश की ग्रामीण आबादी को भी इसका लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि हमें स्टार्टअप की संख्या बढ़ाने में यह अवश्य ध्यान रखना होगा कि वह बहुसंख्यक लोगों के लिए उपयोगी हो।