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Gurugram News: महिला व उसके दो बच्चों का मतांतरण कराने वाले आजम को रिमांड के बाद भेजा जेल
Mon, 15 Sep 2025 11:07 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Updated Mon, 15 Sep 2025 11:07 PM IST
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रिमांड अवधि में घर में तोड़ी गई मूर्ति व मंदिर बरामद, दो अन्य लोगों की भूमिका भी आई सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में महिला व उसके दो नाबालिग बच्चों का मतांतरण कराने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मुख्य आरोपी आजम को पुलिस ने तीन दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद सोमवार को पुन: अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। रिमांड अवधि में हुई पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिन्होंने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया है।
वहीं सोमवार को आजम को जेजे एक्ट में दर्ज हुए मुकदमे में भी जेजे बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, वहां से भी आजम को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश किया गया। बता दें कि मालब गांव के आजम पर नूंह शहर में किराये पर रह रही उत्तर प्रदेश की एक महिला व उसके दो नाबालिग बच्चों का धर्मांतरण कराने का मुकदमा दर्ज हुआ था, इस मामले में महिला थाना पुलिस ने आजम के अलावा उसकी पत्नी, बेटे, दो साले व एक मौलवी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया था। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी आजम ने एक विवाहित महिला को बहला-फुसलाकर और दबाव डालकर जबरन धर्म परिवर्तन कराया। इतना ही नहीं, आरोपी ने धर्म परिवर्तन के बाद महिला से निकाह भी कर लिया। पुलिस ने रिमांड अवधि के दौरान आरोपी के घर से निकाहनामा, शादी का एफिडेविट और महिला व बच्चों द्वारा पूजा के लिए रखी गई भगवान की टूटी हुई मूर्ति भी बरामद की है। धार्मिक आस्था से जुड़े प्रतीकों को नुकसान पहुंचाने की यह घटना न सिर्फ आपराधिक है, बल्कि बेहद संवेदनशील भी है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा के प्रधान नत्थूराम गुर्जर, रणजीत नंबरदार, मास्टर गंगादान डागर, जगदीश भाटी, टेकचंद सैनी आदि का कहना है कि इस तरह के मामले समाज की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे को तार-तार कर रही है। यह घटनाएं सामाजिक शांति और सौहार्द्र के लिए बेहद खतरनाक हैं।
दो अन्य नाम भी है संदिग्ध
इस पूरे मामले में अब तक छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। लेकिन जांच के दौरान दो और नए नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इन व्यक्तियों को भी नामजद कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो भी आरोपी अभी फरार है, उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
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जेजे एक्ट में भी है मुकदमा दर्ज
महिला थाना पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि आरोपी आजम के खिलाफ पहले से ही सिटी थाना नूंह में फरवरी माह में जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इससे साफ है कि आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति का है और पहले भी कानून के शिकंजे में आ चुका है।
आजम की पत्नी को मिली जमानत
वहीं पुलिस इस मुकदमे में नामजद आजम की पत्नी जमशीदा को भी गिरफ्तार किया। उस पर धर्मांतरित की गई महिला व उसके बच्चों के साथ मारपीट का आरोप था। जिसे पुलिस जमानत पर छोड़ दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार का कहना है कि किसी भी हालत में जबरन धर्म परिवर्तन या महिलाओं को बहलाने-फुसलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट अदालत में पेश की जाएगी और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में महिला व उसके दो नाबालिग बच्चों का मतांतरण कराने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मुख्य आरोपी आजम को पुलिस ने तीन दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद सोमवार को पुन: अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। रिमांड अवधि में हुई पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिन्होंने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया है।
वहीं सोमवार को आजम को जेजे एक्ट में दर्ज हुए मुकदमे में भी जेजे बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, वहां से भी आजम को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश किया गया। बता दें कि मालब गांव के आजम पर नूंह शहर में किराये पर रह रही उत्तर प्रदेश की एक महिला व उसके दो नाबालिग बच्चों का धर्मांतरण कराने का मुकदमा दर्ज हुआ था, इस मामले में महिला थाना पुलिस ने आजम के अलावा उसकी पत्नी, बेटे, दो साले व एक मौलवी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया था। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी आजम ने एक विवाहित महिला को बहला-फुसलाकर और दबाव डालकर जबरन धर्म परिवर्तन कराया। इतना ही नहीं, आरोपी ने धर्म परिवर्तन के बाद महिला से निकाह भी कर लिया। पुलिस ने रिमांड अवधि के दौरान आरोपी के घर से निकाहनामा, शादी का एफिडेविट और महिला व बच्चों द्वारा पूजा के लिए रखी गई भगवान की टूटी हुई मूर्ति भी बरामद की है। धार्मिक आस्था से जुड़े प्रतीकों को नुकसान पहुंचाने की यह घटना न सिर्फ आपराधिक है, बल्कि बेहद संवेदनशील भी है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा के प्रधान नत्थूराम गुर्जर, रणजीत नंबरदार, मास्टर गंगादान डागर, जगदीश भाटी, टेकचंद सैनी आदि का कहना है कि इस तरह के मामले समाज की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे को तार-तार कर रही है। यह घटनाएं सामाजिक शांति और सौहार्द्र के लिए बेहद खतरनाक हैं।
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दो अन्य नाम भी है संदिग्ध
इस पूरे मामले में अब तक छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। लेकिन जांच के दौरान दो और नए नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इन व्यक्तियों को भी नामजद कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो भी आरोपी अभी फरार है, उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
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जेजे एक्ट में भी है मुकदमा दर्ज
महिला थाना पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि आरोपी आजम के खिलाफ पहले से ही सिटी थाना नूंह में फरवरी माह में जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इससे साफ है कि आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति का है और पहले भी कानून के शिकंजे में आ चुका है।
आजम की पत्नी को मिली जमानत
वहीं पुलिस इस मुकदमे में नामजद आजम की पत्नी जमशीदा को भी गिरफ्तार किया। उस पर धर्मांतरित की गई महिला व उसके बच्चों के साथ मारपीट का आरोप था। जिसे पुलिस जमानत पर छोड़ दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार का कहना है कि किसी भी हालत में जबरन धर्म परिवर्तन या महिलाओं को बहलाने-फुसलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट अदालत में पेश की जाएगी और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।