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Gurugram News: मां सरस्वती की मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुटा कलाकार
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माता सरस्वती की मूर्तियों से सजा एमजी रोड, 23 जनवरी को की जाएगी पूजा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बसंत पंचमी के दिन 23 जनवरी को मां सरस्वती की पूजा की जाएगी। एमजी रोड से लेकर बस स्टैंड, सिकंदरपुर आदि इलाकों में काफी संख्या में माता सरस्वती की मूर्तियां बिक रही हैं। मूर्तियों को अंतिम रूप देने में कलाकार जुटे हैं। काफी संख्या में लोग घरों में भी मूर्तियां स्थापित करते हैं। इस कारण मूर्तियों की मांग ज्यादा है।
विसर्जन के लिए बनेंगे कृत्रिम तालाब
शहर के सरस्वती पूजा पंडालों में कच्ची मिट्टी से बनी इको फ्रेंडली मूर्तियां सजाई जाएंगी। पूजा पंडालों में बिहार और बंगाल के मूर्तिकारों की ओर से बनाई गई मूर्तियां आने वाली हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित सेक्टर-109 स्थित पीतांबरा सूर्यनारायण मंदिर में शुक्रवार को सरस्वती पूजा की तैयारी है। यहां शुक्रवार को सुबह 9.30 बजे पूजा शुरू हो जाएगी। आयोजकों में शामिल कविता चौधरी ने बताया कि इस कार्यक्रम में आस-पास की सोसाइटियों के लोग हिस्सा लेंगे। बंगाली समुदाय की संयुक्त पूजा कमेटी के संयोजक अतीक चट्टोपाध्याय ने बताया कि बंगाल के पंडालों में माता सरस्वती की जो मूर्ति स्थापित होगी वह विशेष रूप से दिल्ली के सीआर पार्क और गुरुग्राम में साउथ सिटी टू के पास टिकरी गांव में बंगाली कलाकार कच्ची मिट्टी से तैयार कर रहे हैं।
पूजा के बाद मूर्तियों को विसर्जन भी इको फ्रेंडली तरीके से सेक्टर-55 में प्राकृतिक तालाब बनाकर सामूहिक रूप से किया जाएगा। संयुक्त पूजा कमेटी से जुड़े करीब 25 पंडालों और व्यक्तिगत रूप से स्थापित मूर्तियां यहां विसर्जन के लिए लाई जाएंगी। बाजार में उपलब्ध पीओपी से बनी मूर्ति पंडालों में प्रयोग नहीं की जाएगी क्योंकि विसर्जन के बाद यह पानी में नहीं घुलती हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बसंत पंचमी के दिन 23 जनवरी को मां सरस्वती की पूजा की जाएगी। एमजी रोड से लेकर बस स्टैंड, सिकंदरपुर आदि इलाकों में काफी संख्या में माता सरस्वती की मूर्तियां बिक रही हैं। मूर्तियों को अंतिम रूप देने में कलाकार जुटे हैं। काफी संख्या में लोग घरों में भी मूर्तियां स्थापित करते हैं। इस कारण मूर्तियों की मांग ज्यादा है।
विसर्जन के लिए बनेंगे कृत्रिम तालाब
शहर के सरस्वती पूजा पंडालों में कच्ची मिट्टी से बनी इको फ्रेंडली मूर्तियां सजाई जाएंगी। पूजा पंडालों में बिहार और बंगाल के मूर्तिकारों की ओर से बनाई गई मूर्तियां आने वाली हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित सेक्टर-109 स्थित पीतांबरा सूर्यनारायण मंदिर में शुक्रवार को सरस्वती पूजा की तैयारी है। यहां शुक्रवार को सुबह 9.30 बजे पूजा शुरू हो जाएगी। आयोजकों में शामिल कविता चौधरी ने बताया कि इस कार्यक्रम में आस-पास की सोसाइटियों के लोग हिस्सा लेंगे। बंगाली समुदाय की संयुक्त पूजा कमेटी के संयोजक अतीक चट्टोपाध्याय ने बताया कि बंगाल के पंडालों में माता सरस्वती की जो मूर्ति स्थापित होगी वह विशेष रूप से दिल्ली के सीआर पार्क और गुरुग्राम में साउथ सिटी टू के पास टिकरी गांव में बंगाली कलाकार कच्ची मिट्टी से तैयार कर रहे हैं।
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पूजा के बाद मूर्तियों को विसर्जन भी इको फ्रेंडली तरीके से सेक्टर-55 में प्राकृतिक तालाब बनाकर सामूहिक रूप से किया जाएगा। संयुक्त पूजा कमेटी से जुड़े करीब 25 पंडालों और व्यक्तिगत रूप से स्थापित मूर्तियां यहां विसर्जन के लिए लाई जाएंगी। बाजार में उपलब्ध पीओपी से बनी मूर्ति पंडालों में प्रयोग नहीं की जाएगी क्योंकि विसर्जन के बाद यह पानी में नहीं घुलती हैं।
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