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बुलडोजर की जद में अरावली : सोहना वन विभाग ने कब्जाधारियों को थमाए नोटिस

Mon, 27 Jul 2026 05:28 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 05:28 PM IST
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Aravallis in Bulldozer's Crosshairs: Sohna Forest Department Serves Notices to Encroachers
कोर्ट जाने की तैयारी, शुरुआती चरण में अभयपुर और रोजका गूजर गांवों में भेजे गए नोटिस
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। अरावली वन क्षेत्र को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए सोहना वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली है। विभाग जल्द ही वन संरक्षित भूमि पर अवैध रूप से बने मकानों, चहारदीवारी और कोठड़ों को ढहाने के लिए बुलडोजर चलाएगा। इसके तहत प्रशासन ने पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम (पीएलपीए) के नियमों का उल्लंघन करने वाले करीब डेढ़ दर्जन लोगों को नोटिस जारी कर दिए हैं।
शुरुआती चरण में नोटिस भेजने की कार्रवाई अभयपुर और रोजका गूजर गांवों में की गई है। सोहना क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांव पीएलपीए कानून के दायरे में आते हैं, जहां किसी भी तरह का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। वन विभाग की इस सख्त कार्रवाई से भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है। नोटिस मिलने के बाद लोग अदालत का दरवाजा खटखटाने की रणनीति बना रहे हैं। वन विभाग ने साफ कर दिया है कि पर्यावरण संरक्षण के हित में वन भूमि को हर हाल में खाली कराया जाएगा।
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क्या है पीएलपीए कानून
पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम (पीएलपीए), 1900 ब्रिटिश काल का कानून है। इसके तहत सरकार ने वर्ष 1970 में एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इसकी अवधि 25 वर्ष थी, जो वर्ष 1995 में समाप्त हो गई। बाद में, वर्ष 2004 में इसे दोबारा रिन्यू किया गया। वर्तमान में, क्षेत्र के लगभग दो दर्जन गांव इस कानून के दायरे में आते हैं। इसके अंतर्गत कुल 1257 एकड़ भूमि शामिल है, जिसे स्थानीय पंचायतों ने पेड़-पौधे लगाने और पर्यावरण सुधार के लिए वन विभाग को सौंपा था।
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विभाग ने पीएलपीए एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। अभयपुर व रोजका गूजर गांवों में करीब डेढ़ दर्जन नोटिस सेक्शन 4 व 5 के तहत अवैध कब्जाधारियों को दिए हैं। इसके अलावा भूमि को चिन्हित करके नोटिस दिए जाने की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग की समस्त भूमि को खाली कराया जाएगा। -खजान सिंह, रेंज अधिकारी, वन विभाग, सोहना

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एक दिन में खाली करें सरकारी जमीन
मानेसर। हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को अंतिम चेतावनी जारी की है। यह कार्रवाई दिल्ली-जयपुर हाईवे के पास रामपुरा फ्लाईओवर, नखडौला और नाहरपुर कासन क्षेत्र में की जाएगी। एचएसआईआईडीसी ने अवैध कब्जाधारियों को एक दिन का समय दिया है, ताकि वे खुद ही सरकारी जमीन खाली कर दें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के बाद मंगलवार से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू कर दिया जाएगा। एचएसआईआईडीसी के अनुसार, कुछ लोगों ने निगम की जमीन पर खेती कर रखी है। वहीं, कई जगहों पर कबाड़ रखा गया है, झुग्गी-झोपड़ियां बनाई गई हैं और अस्थायी निर्माण भी किए गए हैं। विभाग ने सभी कब्जाधारियों से कहा है कि वे बिना देरी किए जमीन खाली कर दें, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का नुकसान न हो। एचएसआईआईडीसी ने लोगों से अपील की है कि वे विभाग की जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा न करें और निर्धारित समय के भीतर खुद ही जमीन खाली कर दें, ताकि नुकसान और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। संवाद
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