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अप्पू घर प्रकरण : जांच में शिथिलता पर अदालत ने जताई नाराजगी

Thu, 12 Oct 2023 11:22 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 12 Oct 2023 11:22 PM IST
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Appu Ghar case: Court expressed displeasure over laxity in investigation
एसआईटी को दिए आदेश, खुद चालान के साथ न्यायालय के समक्ष हाजिर हो
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अप्पू घर मनोरंजन पार्क के निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले में शिथिलता बरतने को लेकर सीजेएम अदालत ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने पुलिस को इस बात के लिए फटकार लगाई है कि आरोपियों के खिलाफ सामान्य धाराएं लगाकर चालान भेज दिए। अदालत ने मामले की जांच कर रही पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) से कहा है कि वह इस मामले में खुद सभी चालान लेकर न्यायालय के समक्ष हाजिर हो।
अप्पू घर प्रोजेक्ट के 1200 निवेशकों से 1500 करोड़ रुपये की ठगी के इस मामले में अब तक 37 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। पीड़ित पक्ष की ओर से अदालत में पैरवी कर रहे अधिवक्ता शैलेश नाथ सिंह कहते हैं कि सात अक्तूबर को इस मामले की सुनवाई अदालत में हुई। आरोपियों के खिलाफ धारा 409, 420, 467, 468, 471 आईपीसी के तहत मुकदमे दर्ज हैं। थाना सेक्टर-29 पुलिस ने दर्ज किए गए तीन मुकदमों में सामान्य धाराओं में आरोपियों को चालान भेज दिए जबकि इनमें गंभीर अपराधों को शामिल करना था। शैलेश नाथ सिंह कहते हैं कि मुकदमा दर्ज हुए तीन साल हो चुके हैं लेकिन एसआईटी ने न तो जांच पूरी की और न फाइनल रिपोर्ट प्रस्तुत की। अदालत ने कहा है कि अप्पू घर प्रकरण गंभीर आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है। साथ ही एसआईटी प्रमुख को आदेश दिया है कि वह खुद सभी चालान लेकर अदालत में हाजिर हों।
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2011 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट

2011 में इंटरनेशनल रिक्रिएशन एंड अम्यूजमेंट लिमिटेड कंपनी ने अप्पू घर का निर्माण शुरू किया। अप्पू घर के साथ में एक मॉल बनाया जाना था। इसके लिए निवेशकों को दुकानों को बेचा गया था। तीन साल में मॉल बनाकर उसमें दुकानों को निवेशकों को सौंपना था। आरोप है कि पूरे पैसे लेने के बाद भी कंपनी ने प्रोजेक्ट पूरा नहीं किया। इस पर निवेशकों ने मौके पर प्रदर्शन कर कंपनी से पैसे वापस मांगे, लेकिन कंपनी के अधिकारी उन्हें समय देकर गुमराह करने लगे। बाद में आरोपियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए।
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