Amar Ujala Samwad: अभिनेता वरुण शर्मा बोले- अखबार का अनुभव सबसे अलग, दूसरा माध्यम नहीं ले सकता जगह
अमर उजाला संवाद के मंच पर अभिनेता वरुण शर्मा ने कहा कि अखबार की फीलिंग सबसे अलग है, कोई दूसरा माध्यम इसकी जगह नहीं ले सकता है। इस मौके पर अभिनेत्री शालिनी पांडे और अभिनेता पुलकित सम्राट भी मंच पर मौजूद रहे।
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सिनेमा हर भारतीय के रगों में दौड़ता है लेकिन ओटीटी भी बेहतर प्लेटफॉर्म है। यह बातें आने वाली फिल्म राहु केतु के अभिनेता पुलकित सम्राट ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में कहीं। इस मौके पर मंच पर मौजूद अभिनेता वरुण शर्मा और अभिनेत्री शालिनी पांडे ने भारतीय फिल्म को लेकर चर्चा की। इस दौरान वरुण ने कहा कि अखबार की फीलिंग सबसे अलग है, कोई दूसरा माध्यम इसकी जगह नहीं ले सकता है।
पुलकित ने आने वाली फिल्म को लेकर बताया कि इसकी स्क्रिप्ट बहुत अच्छी है और इसमें कहानी, एक्शन ड्रामा सब कुछ है। शालिनी ने कहा कि हर एक्टर हाइप के लिए जीता है। मैंने अर्जुन रेड्डी के टाइम यह बहुत किया है। यह बहुत खूबसूरत अहसास है।
मैं अपनी पहली फिल्म मम्मी और बहन के साथ देखने गया था: वरुण शर्मा
वहीं, वरुण शर्मा ने कहा कि मैं अपनी पहली फिल्म मम्मी और बहन के साथ देखने गया था। पिक्चर खत्म हुई तो दीदी रोने लगी। मैंने कहा दीदी यार कॉमेडी फिल्म थी। सब हंस रहे हैं और आप रो रहे हो। उन्होंने कहा, वरुण मैं पिछले ढाई घंटे से पिक्चर नहीं देख रही थी। मैं ये देख रही थी कि यहां से पर्दे तक के सफर में क्या हुआ है? मैं मम्मी के साथ थियेटर में हर फिल्म देखने जाता हूं।
वहीं, पुलकित ने कहा कि अपनी वाइफ का बेस्ट फ्रेंड बनकर रहिए। यकीन मानिए आप जिंदगीभर फुकरे ही बने रहेंगे। जब तक आप एक-दूसरे के बेस्ट फ्रेंड हैं तो उससे बेहतर कुछ नहीं। उसमें भी प्यार तो सोने पर सुहागा है। आप अपने बेस्ट फ्रेंड से प्यार कर रहे हैं।
फिल्म का नाम राहु केतू रखने पर कहा कि मैं ज्योतिष में यकीन रखता हूं या नहीं मुझे नहीं पता लेकिन मां में बहुत यकीन करता हूं। वह जो बोलती हैं, मैं कर लेता हूं। वहीं, वरुण शर्मा ने कहा कि मैं ज्योतिष में यकीन रखता हूं। विश्वास ही है जिससे हर लक्ष्य को पूरा करने की ताकत मिलती है। ओटीटी पर बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत सारे नए माध्यम आ गए हैं। हर जगह फ्यूचर है। बहुत सारे ओटीटी प्लेटफॉर्म बहुत सारा कंटेंट बना रहे हैं। टीवी, माइक्रो ड्रामा, मूवीज, कंटेंट क्रिएशन...इतना सारा कंटेंट है कंज्यूम करने के लिए तो उतना ही रोजगार भी है। मुझे याद है कि हम या तो फिल्मों के ऑडिशन देते थे, एड के देते या टेली फिल्म्स और टेलीविजन के। ओटीटी के आने से कितने सारे क्रू, टेक्नीशियन और एक्टर्स, कितने सारे लोगों को काम करने का मौका मिला है।
'सोशल मीडिया बहुत विशाल दुनिया'
हम उम्मीद करते हैं कि फुकरे 4 जल्दी बने। वह अब फिल्म से ज्यादा इमोशन है। संवाद के मंच पर तीनों ने कहा कि सोशल मीडिया बहुत विशाल दुनिया है। बहुत जल्दी आपको सारी चीजें पता चल जाती हैं। प्रेशर फील होता है। सोशल मीडिया के जितने फायदे हैं उतने नुकसान भी हैं। वरूण ने कहा कि मेरे जीवन, परिवार और दोस्तों के साथ एक नियम है कि जब मैं छुट्टी पर जाता हूं तो फोन ही नहीं लेकर जाता हूं। अगर मैं छुट्टियों पर गया हूं तो घर पर केवल सुबह और शाम को फोन करता हूं कि मैं ठीक हूं।
सोशल मीडिया और मोबाइल के साथ रिलेशनशिप अलग चीज है। मेरा और स्क्रीन का रिलेशन वहीं तक है, जहां तक मेरा काम है। मैं अपने दर्शकों से रूबरू होती हैं सोशल मीडिया से, लेकिन मैंने अपना दायरा बना रखा है। मेरा रिश्ता सोशल मीडिया से बहुत अच्छा है।