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Gurugram News: सीएम विंडो पर झूठी जांच रिपोर्ट जारी करने का आरोप
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-आय सुधार की शिकायत को बंद करने के लिए तथ्यों से की गई छेड़छाड़
-बेरोजगार युवक को बताया मकान मालिक और कंपनी का फोरमैन
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। मुख्यमंत्री कार्यालय की सीएम विंडो पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। नूंह जिले के एक युवक ने आरोप लगाया है कि उसकी शिकायत को हल करने के बजाय अधिकारियों ने कथित तौर पर झूठी जांच रिपोर्ट तैयार कर उसे बंद करने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री तथा भारत सरकार के लोक शिकायत मंत्रालय को लिखित शिकायत भेजकर संबंधित अधिकारियों एवं जांच समिति के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता मोहम्मद असद के अनुसार उन्होंने 21 सितंबर 2025 को सीएम विंडो पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने परिवार पहचान पत्र में दर्ज अपनी वार्षिक आय के आंकड़ों में हुई कथित गलत वृद्धि को ठीक कराने की मांग की थी। उनका कहना है कि वास्तविक आय के विपरीत आय बढ़ाकर दर्ज किए जाने के कारण उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही थी। 26 नवंबर 2025 को सीआरआईडी के जोनल मैनेजर, नूंह की ओर से शिकायत पर जवाब दिया गया। जवाब में कहा गया कि स्थानीय और सेक्टर समितियों द्वारा की गई जांच में परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से 3 लाख रुपये के बीच पाई गई है तथा आय सत्यापन को सही माना गया है।
इसी आधार पर शिकायत को बंद करने की सिफारिश कर दी गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में नागरिक संसाधन सूचना विभाग के प्रशासनिक सचिव द्वारा मामले में कार्रवाई रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश जारी किए गए थे। निर्देशों के अनुसार रिपोर्ट पर संबंधित नागरिक के हस्ताक्षर भी आवश्यक थे। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब सवा तीन महीने बाद एक रिपोर्ट अपलोड की गई, जिसमें उन्हें दो मंजिला मकान का मालिक और एक निजी कंपनी में फोरमैन के पद पर कार्यरत बताया गया। रिपोर्ट के साथ एक दो मंजिला मकान की तस्वीर भी संलग्न की गई। उनका कहना है कि वह किसी भी निजी कंपनी में कार्यरत नहीं हैं और न ही उनके पास कोई दो मंजिला मकान है।
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-बेरोजगार युवक को बताया मकान मालिक और कंपनी का फोरमैन
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। मुख्यमंत्री कार्यालय की सीएम विंडो पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। नूंह जिले के एक युवक ने आरोप लगाया है कि उसकी शिकायत को हल करने के बजाय अधिकारियों ने कथित तौर पर झूठी जांच रिपोर्ट तैयार कर उसे बंद करने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री तथा भारत सरकार के लोक शिकायत मंत्रालय को लिखित शिकायत भेजकर संबंधित अधिकारियों एवं जांच समिति के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता मोहम्मद असद के अनुसार उन्होंने 21 सितंबर 2025 को सीएम विंडो पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने परिवार पहचान पत्र में दर्ज अपनी वार्षिक आय के आंकड़ों में हुई कथित गलत वृद्धि को ठीक कराने की मांग की थी। उनका कहना है कि वास्तविक आय के विपरीत आय बढ़ाकर दर्ज किए जाने के कारण उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही थी। 26 नवंबर 2025 को सीआरआईडी के जोनल मैनेजर, नूंह की ओर से शिकायत पर जवाब दिया गया। जवाब में कहा गया कि स्थानीय और सेक्टर समितियों द्वारा की गई जांच में परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से 3 लाख रुपये के बीच पाई गई है तथा आय सत्यापन को सही माना गया है।
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इसी आधार पर शिकायत को बंद करने की सिफारिश कर दी गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में नागरिक संसाधन सूचना विभाग के प्रशासनिक सचिव द्वारा मामले में कार्रवाई रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश जारी किए गए थे। निर्देशों के अनुसार रिपोर्ट पर संबंधित नागरिक के हस्ताक्षर भी आवश्यक थे। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब सवा तीन महीने बाद एक रिपोर्ट अपलोड की गई, जिसमें उन्हें दो मंजिला मकान का मालिक और एक निजी कंपनी में फोरमैन के पद पर कार्यरत बताया गया। रिपोर्ट के साथ एक दो मंजिला मकान की तस्वीर भी संलग्न की गई। उनका कहना है कि वह किसी भी निजी कंपनी में कार्यरत नहीं हैं और न ही उनके पास कोई दो मंजिला मकान है।
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