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अर्बन कोविड सेंटर में वायुसेना के डॉक्टर करेंगे इलाज
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गुरुग्राम। जिले के कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए राहत की खबर है। एम-3-एम फाउंडेशन ने गुरुग्राम के सेक्टर-67 में 150 बेड का अर्बन कोविड सेंटर तैयार किया है जिसे वायु सेना की मेडिकल टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है। इसमें वायु सेना के डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ मरीजों का उपचार करेगा। सेना और फाउंडेशन दोनों की ओर से कहा गया है कि हमारी तैयारी पूरी है, अब तो जिला प्रशासन को तय करना है कि यहां पर कब से मरीज इलाज के लिए भेजे जाएंगे।
पिछले महीने मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों के साथ बैठक करके 700 बेड का अस्थायी अस्पताल बनाने की घोषणा की थी जिसमें सरकारी के साथ-साथ निजी और सामाजिक संस्थाओं की ओर से सहयोग प्रदान करने की बात कही थी। सरकारी और निजी स्तर पर तो अस्पताल की व्यवस्था नहीं हो पाई लेकिन एम-3-एम हाउसिंग ग्रुप के फाउंडेशन ने 20 दिन के अंदर तैयार कर दिया है।
एम-3-एम फाउंडेशन के ट्रस्टी रूप बंसल का कहना है कि फेज-1 में यहां 150 बेड की व्यवस्था की गई है। सभी बेड के साथ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगाया गया है। मेडिकल स्टाफ के लिए आवासीय व्यवस्था इसी परिसर में की गई है। मरीजों के लिए खाने की व्यवस्था भी परिसर में है लेकिन तीमारदारों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। जब सरकार की ओर से दूसरे फेज के लिए कहा जाएगा, तब 150 बेड की व्यवस्था भी करा दी जाएगी।
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जिला प्रशासन और वायु सेना की मेडिकल टीम को देखना है कि यहां पर मेदांता जैसे दूसरे अस्पतालों के सामान्य मरीजों का इलाज होगा या फिर नए कोरोना संक्रमित मरीजों को इलाज के लिए भर्ती किया जाना है। फाउंडेशन को ढांचा तैयार करना था, उसे तैयार कर दिया है। खानपान की व्यवस्था भी फाउंडेशन को करनी है।
आधुनिक एंबुलेंस तथा चिकित्सा उपकरण इस अस्पताल में रहेंगे जिससे कि इमरजेंसी में किसी मरीज की तबियत खराब हो तो उन्हें यह सुविधा प्रदान की जा सके। मेडिकल स्टाफ के लिए इसी परिसर में अस्पताल से हटकर फ्लैटों में रहने की व्यवस्था कराई गई है जिनमें एसी भी लगे हुए हैं। उनके लिए जरूरत के अनुसार वाहन भी उपलब्ध रहेंगे। सेना के चिकित्सकों की टीम ने शनिवार दोपहर को अस्पताल का जायजा लिया। टीम ने कुछ बदलाव के लिए सुझाव दिए थे। उन्हें भी रविवार की सुबह तक एम-3-एम की टीम पूरा कर लेगी।
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पिछले महीने मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों के साथ बैठक करके 700 बेड का अस्थायी अस्पताल बनाने की घोषणा की थी जिसमें सरकारी के साथ-साथ निजी और सामाजिक संस्थाओं की ओर से सहयोग प्रदान करने की बात कही थी। सरकारी और निजी स्तर पर तो अस्पताल की व्यवस्था नहीं हो पाई लेकिन एम-3-एम हाउसिंग ग्रुप के फाउंडेशन ने 20 दिन के अंदर तैयार कर दिया है।
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एम-3-एम फाउंडेशन के ट्रस्टी रूप बंसल का कहना है कि फेज-1 में यहां 150 बेड की व्यवस्था की गई है। सभी बेड के साथ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगाया गया है। मेडिकल स्टाफ के लिए आवासीय व्यवस्था इसी परिसर में की गई है। मरीजों के लिए खाने की व्यवस्था भी परिसर में है लेकिन तीमारदारों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। जब सरकार की ओर से दूसरे फेज के लिए कहा जाएगा, तब 150 बेड की व्यवस्था भी करा दी जाएगी।
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जिला प्रशासन और वायु सेना की मेडिकल टीम को देखना है कि यहां पर मेदांता जैसे दूसरे अस्पतालों के सामान्य मरीजों का इलाज होगा या फिर नए कोरोना संक्रमित मरीजों को इलाज के लिए भर्ती किया जाना है। फाउंडेशन को ढांचा तैयार करना था, उसे तैयार कर दिया है। खानपान की व्यवस्था भी फाउंडेशन को करनी है।
आधुनिक एंबुलेंस तथा चिकित्सा उपकरण इस अस्पताल में रहेंगे जिससे कि इमरजेंसी में किसी मरीज की तबियत खराब हो तो उन्हें यह सुविधा प्रदान की जा सके। मेडिकल स्टाफ के लिए इसी परिसर में अस्पताल से हटकर फ्लैटों में रहने की व्यवस्था कराई गई है जिनमें एसी भी लगे हुए हैं। उनके लिए जरूरत के अनुसार वाहन भी उपलब्ध रहेंगे। सेना के चिकित्सकों की टीम ने शनिवार दोपहर को अस्पताल का जायजा लिया। टीम ने कुछ बदलाव के लिए सुझाव दिए थे। उन्हें भी रविवार की सुबह तक एम-3-एम की टीम पूरा कर लेगी।