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Gurugram News: खुले में कूड़ा जलाने के प्रशासन के दावे फेल
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-अब निजामपुर गांव में अवैध कबाड़ जलाने का मामला आया सामने, ग्रामीण परेशान।
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। अब क्षेत्र के निजामपुर गांव में रात के अंधेरे में भिवाड़ी (राजस्थान) से ट्रैक्टर-ट्रॉली में अवैध रूप से वेस्ट कबाड़ लाकर खेतों में फेंकने और जलाने का सिलसिला शुरू हुआ है। इससे वातावरण प्रदूषित हो रहा है, स्थानीय लोग बदबू से परेशान हैं। खेतों का पानी दूषित होने से पालतू पशुओं के लिए खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों आकिब और जाबिर के अनुसार, कबाड़ को रात में चोरी-छिपे लाया जाता है और आबादी के नजदीक जलाया जाता है, जिससे बदबू और प्रदूषण की समस्या गंभीर हो गई है। किसान जाबिर अली ने बताया कि उनके खेतों में बिना अनुमति कबाड़ फेंका गया, जिसकी शिकायत वे प्रदूषण नियंत्रण विभाग से करेंगे। हाल ही में खोरी कला में कबाड़ जलाने का मामला सुर्खियों में रहा था, जिसके बाद नूंह जिला प्रशासन ने कमेटी गठित कर जांच की और कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। प्रशासन ने दावा किया था कि भिवाड़ी से कबाड़ लाने पर रोक लगाई गई है और वाहनों पर निगरानी की जा रही है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह दावा पूरी तरह विफल रहा है। कबाड़ माफिया अब खोरी कला की बजाय निजामपुर के खेतों को निशाना बना रहे हैं।
इस मामले में प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी मनीष यादव ने बताया कि निजामपुर में कबाड़ जलाने का मामला उनके संज्ञान में अभी आया है। मौके का निरीक्षण किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि भिवाड़ी की औद्योगिक इकाइयों को चिह्नित करने और कबाड़ लाने की रोकथाम के लिए राजस्थान प्रशासन को पत्र लिखा गया है।
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भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में नही हो रहा कबाड़ का निस्तारण
जानकारी के मुताबिक, भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में वेस्ट कबाड़ का नियमित निस्तारण नहीं हो रहा। कुछ कबाड़ माफिया अवैध कमाई के लिए इसे हरियाणा सीमा में लाकर जलवा रहे हैं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य भी खतरे में है। निजामपुर और खोरी कला जैसे गांवों में अवैध कबाड़ जलाने की घटनाएं प्रशासन की लापरवाही और कबाड़ माफियाओं की सक्रियता को दर्शाती हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि सख्त कार्रवाई के साथ-साथ भिवाड़ी में कबाड़ निस्तारण की उचित व्यवस्था की जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। अब क्षेत्र के निजामपुर गांव में रात के अंधेरे में भिवाड़ी (राजस्थान) से ट्रैक्टर-ट्रॉली में अवैध रूप से वेस्ट कबाड़ लाकर खेतों में फेंकने और जलाने का सिलसिला शुरू हुआ है। इससे वातावरण प्रदूषित हो रहा है, स्थानीय लोग बदबू से परेशान हैं। खेतों का पानी दूषित होने से पालतू पशुओं के लिए खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों आकिब और जाबिर के अनुसार, कबाड़ को रात में चोरी-छिपे लाया जाता है और आबादी के नजदीक जलाया जाता है, जिससे बदबू और प्रदूषण की समस्या गंभीर हो गई है। किसान जाबिर अली ने बताया कि उनके खेतों में बिना अनुमति कबाड़ फेंका गया, जिसकी शिकायत वे प्रदूषण नियंत्रण विभाग से करेंगे। हाल ही में खोरी कला में कबाड़ जलाने का मामला सुर्खियों में रहा था, जिसके बाद नूंह जिला प्रशासन ने कमेटी गठित कर जांच की और कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। प्रशासन ने दावा किया था कि भिवाड़ी से कबाड़ लाने पर रोक लगाई गई है और वाहनों पर निगरानी की जा रही है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह दावा पूरी तरह विफल रहा है। कबाड़ माफिया अब खोरी कला की बजाय निजामपुर के खेतों को निशाना बना रहे हैं।
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इस मामले में प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी मनीष यादव ने बताया कि निजामपुर में कबाड़ जलाने का मामला उनके संज्ञान में अभी आया है। मौके का निरीक्षण किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि भिवाड़ी की औद्योगिक इकाइयों को चिह्नित करने और कबाड़ लाने की रोकथाम के लिए राजस्थान प्रशासन को पत्र लिखा गया है।
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भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में नही हो रहा कबाड़ का निस्तारण
जानकारी के मुताबिक, भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में वेस्ट कबाड़ का नियमित निस्तारण नहीं हो रहा। कुछ कबाड़ माफिया अवैध कमाई के लिए इसे हरियाणा सीमा में लाकर जलवा रहे हैं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य भी खतरे में है। निजामपुर और खोरी कला जैसे गांवों में अवैध कबाड़ जलाने की घटनाएं प्रशासन की लापरवाही और कबाड़ माफियाओं की सक्रियता को दर्शाती हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि सख्त कार्रवाई के साथ-साथ भिवाड़ी में कबाड़ निस्तारण की उचित व्यवस्था की जाए।