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Gurugram News: जालसाज ने कजिन का बेटा बनकर बुजुर्ग से ठगे 2.68 लाख रुपये
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वीजा कैंसिल होने की बात कहकर एजेंट को रुपये भेजने का दिया झांसा
एजेंट बनकर एक अन्य युवक ने अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराई राशि
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जालसाज ने कजिन का बेटा बनकर एक बुजुर्ग से 2,68,500 रुपये की ठगी की। जालसाज ने वीजा कैंसिल होने की बात कहकर चंडीगढ़ में एजेंट को 2.70 लाख रुपये भेजने की कहानी गढ़ी थी। पीड़ित बुजुर्ग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने साइबर अपराध थाना दक्षिण में एफआईआर दर्ज कराई है।
सेक्टर-59 निवासी रतन लाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि तीन अक्तूबर को उनके मोबाइल पर अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आई थी। काॅल करने वाले ने बताया कि वह उसके चचेरे भाई का बेटा है, जो अमेरिका में रह रहा है। कॉलर ने रतन लाल को बताया कि वह भारत आ रहा है और वीजा से संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए रुपये ट्रांसफर करने हैं।
रतन लाल ने पुलिस को बताया कि जालसाज ने पहले उसकी पत्नी का बैंक विवरण मांगते हुए कहा कि वह अमेरिकी खाते से उनके खाते में रुपये ट्रांसफर कर देगा। इसके बाद पीड़ित बुजुर्ग के व्हाट्सएप पर अलग-अलग नंबरों से व्हाट्सएप मैसेज मिले। इनमें एक व्हाट्सएप मैसेज में फर्जी एचएसबीसी बैंक ट्रांसफर स्लिप भेजी गई और मैसेज में लिखा था कि यूएसए से रुपये ट्रांसफर होने की प्रक्रिया चल रही है व 24 घंटे में अकाउंट में रुपये आ जाएंगे। कॉल करने वाले रतन लाल से कहा कि उसे अपना वीजा रद्द होने से बचाने के लिए चंडीगढ़ में एक एजेंट को तुरंत 2.70 लाख रुपये देने हैं। इसकी कुछ देर बाद ही एक अनजान नंबर से कॉल आई और कॉल करने वाले ने खुद को वीजा एजेंट बताते हुए रुपये जमा करने के लिए अलग-अलग बैंक खाते दिए।
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रतन लाल ने जालसाजों की बातों में आकर उनके बताए खातों में कई बार में 2,68,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। रुपये ट्रांसफर करते ही एक जालसाज ने कॉल करके रतन लाल को धन्यवाद कहा। इसके साथ ही कॉल करने वाले ने बताया कि उसका वीजा रद्द हो गया है और ट्रांसफर किए गए रुपये फ्रीज हो गए हैं। जब रतन लाल ने अपने बेटे व दामाद से रुपये ट्रांसफर के बारे में बात की तो उन्होंने साइबर ठगी होने के बारे में बताया। इसके बाद रतन लाल ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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एजेंट बनकर एक अन्य युवक ने अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराई राशि
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जालसाज ने कजिन का बेटा बनकर एक बुजुर्ग से 2,68,500 रुपये की ठगी की। जालसाज ने वीजा कैंसिल होने की बात कहकर चंडीगढ़ में एजेंट को 2.70 लाख रुपये भेजने की कहानी गढ़ी थी। पीड़ित बुजुर्ग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने साइबर अपराध थाना दक्षिण में एफआईआर दर्ज कराई है।
सेक्टर-59 निवासी रतन लाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि तीन अक्तूबर को उनके मोबाइल पर अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आई थी। काॅल करने वाले ने बताया कि वह उसके चचेरे भाई का बेटा है, जो अमेरिका में रह रहा है। कॉलर ने रतन लाल को बताया कि वह भारत आ रहा है और वीजा से संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए रुपये ट्रांसफर करने हैं।
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रतन लाल ने पुलिस को बताया कि जालसाज ने पहले उसकी पत्नी का बैंक विवरण मांगते हुए कहा कि वह अमेरिकी खाते से उनके खाते में रुपये ट्रांसफर कर देगा। इसके बाद पीड़ित बुजुर्ग के व्हाट्सएप पर अलग-अलग नंबरों से व्हाट्सएप मैसेज मिले। इनमें एक व्हाट्सएप मैसेज में फर्जी एचएसबीसी बैंक ट्रांसफर स्लिप भेजी गई और मैसेज में लिखा था कि यूएसए से रुपये ट्रांसफर होने की प्रक्रिया चल रही है व 24 घंटे में अकाउंट में रुपये आ जाएंगे। कॉल करने वाले रतन लाल से कहा कि उसे अपना वीजा रद्द होने से बचाने के लिए चंडीगढ़ में एक एजेंट को तुरंत 2.70 लाख रुपये देने हैं। इसकी कुछ देर बाद ही एक अनजान नंबर से कॉल आई और कॉल करने वाले ने खुद को वीजा एजेंट बताते हुए रुपये जमा करने के लिए अलग-अलग बैंक खाते दिए।
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रतन लाल ने जालसाजों की बातों में आकर उनके बताए खातों में कई बार में 2,68,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। रुपये ट्रांसफर करते ही एक जालसाज ने कॉल करके रतन लाल को धन्यवाद कहा। इसके साथ ही कॉल करने वाले ने बताया कि उसका वीजा रद्द हो गया है और ट्रांसफर किए गए रुपये फ्रीज हो गए हैं। जब रतन लाल ने अपने बेटे व दामाद से रुपये ट्रांसफर के बारे में बात की तो उन्होंने साइबर ठगी होने के बारे में बताया। इसके बाद रतन लाल ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।