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Gurugram News: बेहरामपुर में 400 एमएलडी एमपीएस और 100 एमएलडी का एसटीपी बनेगा

Sat, 04 Apr 2026 07:53 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2026 07:53 PM IST
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A 400 MLD MPS and a 100 MLD STP will be constructed in Berhampur.
संयंत्र में पावर जनरेशन का भी प्रावधान शामिल, शहर का सीवरेज और जल प्रबंधन ढांचा होगा मजबूत
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नंबर गेम - 191.46 करोड़ होंगे खर्च
- 24 माह में पूरा काम करने का है लक्ष्य

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर के सीवरेज और जल प्रबंधन ढांचे को मजबूत करने के लिए बेहरामपुर में 400 एमएलडी क्षमता का मुख्य पंपिंग स्टेशन (एमपीएस) और 100 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए करीब 191.46 करोड़ रुपये की लागत से निविदा आमंत्रित की गई है। परियोजना के तहत डिजाइन और निर्माण के साथ-साथ बिजली उत्पादन (पावर जनरेशन) की व्यवस्था भी की जाएगी।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) नए संयंत्र लगाने के साथ पुराने संयंत्रों की क्षमता भी बढ़ा रहा है। बेहरामपुर एसटीपी की मौजूदा क्षमता 170 एमएलडी है। योजना के तहत बेहरामपुर में 100 एमएलडी का नया एसटीपी स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा 400 एमएलडी क्षमता का मुख्य पंपिंग स्टेशन (एमपीएस) भी बनाया जाएगा। परियोजना में डिजाइन और निर्माण के साथ-साथ बिजली उत्पादन (पावर जनरेशन) का प्रावधान भी शामिल है। चयनित एजेंसी को 11 वर्षों तक दोष दायित्व-सह-रखरखाव अवधि की जिम्मेदारी निभानी होगी। इसमें तीन महीने का ट्रायल रन और उसके बाद तीन वर्षों की दोष दायित्व अवधि शामिल है। कार्य आवंटन के बाद ठेकेदार को इसे 24 माह में पूरा करना होगा।
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अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से गुरुग्राम में सीवेज प्रबंधन व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा। यह परियोजना शहर में बढ़ती आबादी और सीवरेज लोड को देखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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ऐेसे बनेगी बिजली
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में बिजली मुख्य रूप से गैस तकनीक का उपयोग करके पैदा की जाती है। सीवेज के ठोस कचरे (स्लज) को ऑक्सीजन-रहित टैंकों से गैस (मीथेन) उत्पन्न की जाती है। इसके बाद गैस इंजन के माध्यम से बिजली में बदला जाता है। इस बिजली का प्रयोग जीएमडीए संयंत्र के संचालन में करेगा। इससे संयंत्र संचालन में बिजली का खर्च कम होगा।
भविष्य को ध्यान में रखकर एमपीएस बन रहा
न्यू गुरुग्राम में जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की समस्या को दूर करने के लिए बहरामपुर में 400 एमएलडी का मेन पंपिंग स्टेशन (एमपीएस) बनाया जाएगा। जीएमडीए के अनुसार , में पानी निकासी की समस्या आती है। ऐसे में ज्यादा बारिश होने पर एमपीएस से पानी को लिफ्ट किया जा सकेगा। दूसरा बेहरामपुर संयंत्र में एक और एसटीपी भविष्य में निर्माण किया जाएगा। ऐसे में दूसरी एसटीपी को देखते हुए 400 एमएलडी का एमपीएस बनाया जाएगा।

कई सेक्टरों को मिलेगी राहत
सेक्टर-58 से 67 तक की मास्टर सीवर लाइन को बेहरामपुर सीवर शोधन संयंत्र से जोड़ा जाना है। इसके लिए अधूरी लाइनों को पूरा कराया जा रहा है। दूसरी ओर सेक्टर-77 से 80 तक की मास्टर सीवर लाइनों को भी इसी संयंत्र से जोड़ा जाना है। इसलिए संयंत्र की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
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शहर में सीवर के गंदे पानी के शोधन के लिए नए संयंत्र लगाने की योजना है। जीएमडीए शहर में सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। - हेमंत कुमार, मुख्य अभियंता जीएमडीए
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