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शॉर्ट फिल्म के जरिए कॉलजों के छात्र उठाएंगे सामाजिक मुद्दे, विजेताओं को मिलेगा पुरस्कार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Sat, 03 Nov 2018 06:05 AM IST
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Collage Students
- फोटो : File Photo
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शॉर्ट फिल्म के जरिये कॉलेजों के छात्र सामाजिक बुराइयों को सामने लाएंगे। शिक्षा निदेशालय कॉलेजों में शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता कराएगा। इसके तहत विद्यार्थी फिल्म मेकिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। बेहतरीन फिल्म बना कर राज्य स्तर पर विजेता रहने वाले छात्रों को सम्मानित भी किया जाएगा। इसके लिए निदेशालय के निदेशक की ओर से सभी राजकीय और निजी कॉलेजों के प्राचार्यों को दिशा-निर्देश जारी हो चुके हैं।
नियम अनुसार सभी कॉलेजों के छात्र 3 से 5 मिनट की लघु फिल्म मोबाइल से बनाएंगे। फिल्म सामाजिक मुद्दों पर ही आधारित होनी चाहिए। इसके लिए कुछ विषयों की सूची भी जारी की गई है। कॉलेजों में इस प्रतियोगिता के लिए ग्रुप बनाए जाएंगे। एक ग्रुप में अधिकतम 30 छात्र शामिल हो सकते हैं। कॉलेज स्तर पर चुनीं गई तीन फिल्में जिला स्तर पर भाग लेंगी। इसके बाद निदेशालय स्तर पर हर जिले से दो फिल्में व्यक्तिगत और ग्रुप श्रेणी में मंडल और एक-एक फिल्म राज्य स्तर के लिए चुनी जाएगी। कॉलेज स्तर पर विजेताओं को प्रमाण पत्र मिलेंगे, जबकि बाकी स्तरों पर पुरस्कार स्वरूप नकद राशि दी जाएगी।
ये हैं फिल्म के लिए कुछ विषय
- बेटी बचाओ
- नशाखोरी
- वायु प्रदूषण
- कन्या भ्रूण हत्या
- पानी की कमी
- बाल मजदूरी
- शिक्षा पद्धति में चुनौतियां और अवसर
- राष्ट्रीय एकता व अखंडता
- मेरे सपनों का भारत
- सोशल मीडिया का सही उपयोग
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नियम अनुसार सभी कॉलेजों के छात्र 3 से 5 मिनट की लघु फिल्म मोबाइल से बनाएंगे। फिल्म सामाजिक मुद्दों पर ही आधारित होनी चाहिए। इसके लिए कुछ विषयों की सूची भी जारी की गई है। कॉलेजों में इस प्रतियोगिता के लिए ग्रुप बनाए जाएंगे। एक ग्रुप में अधिकतम 30 छात्र शामिल हो सकते हैं। कॉलेज स्तर पर चुनीं गई तीन फिल्में जिला स्तर पर भाग लेंगी। इसके बाद निदेशालय स्तर पर हर जिले से दो फिल्में व्यक्तिगत और ग्रुप श्रेणी में मंडल और एक-एक फिल्म राज्य स्तर के लिए चुनी जाएगी। कॉलेज स्तर पर विजेताओं को प्रमाण पत्र मिलेंगे, जबकि बाकी स्तरों पर पुरस्कार स्वरूप नकद राशि दी जाएगी।
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ये हैं फिल्म के लिए कुछ विषय
- बेटी बचाओ
- नशाखोरी
- वायु प्रदूषण
- कन्या भ्रूण हत्या
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