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मां सरस्वती की मूर्तियों के लिए 60 फीसदी बुकिंग
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मां सरस्वती की प्रतिमा को रंगों से सजाती कलाकार।
- फोटो : Gurgaon
गुरुग्राम (अंजू सिंह)। कोरोना संक्रमण के कारण मूर्तिकारों को पिछले साल गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा के त्योहार पर भारी नुकसान उठाना पड़ा था। त्योहारों पर मूर्तियों की बिक्री नहीं होने से मूर्तिकार कर्जे में डूबे हुए हैं।
कोरोना का प्रकोप कुछ कम होने के बाद 16 फरवरी को पड़ने वाली वसंत पंचमी से मूर्तिकारों की उम्मीदें जागी हैं। उन्हें पिछले साल के मुकाबले अब तक 60 फीसदी बुकिंग मिल चुकी है।
शहर के सेक्टर-14 स्थित मूर्तिकार एक पखवाड़े से मां सरस्वती की मूर्तियां बनाने में व्यस्त हैं। यहां 5 फीट ऊंचाई तक की मूर्तियों को संवारा जा रहा है। इस बार 4 फीट की मूर्तियों के ऑर्डर सबसे ज्यादा हैं। इसकी कीमत 2100 रुपये है।
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मूर्तिकार वंशीलाल ने बताया कि यह त्योहार उनके लिए खास है। पिछले साल खरीद नहीं होने के कारण वे कर्जे में डूबे हुए हैं। हर बार एक त्योहार में 50 से 60 हजार रुपये तक की कमाई हो जाती थी। इस बार मूर्तियों का खर्चा भी नहीं निकाल पा रहे हैं।
दस दिन में तैयार होती है एक मूर्ति
मूर्तिकार समाराम ने बताया कि एक मूर्ति तैयार करने में 10 दिन लगते हैं। मिट्टी सूखने के बाद रंग भरे जाते हैं। तीन से चार फीट की मूर्ति पर 1500 रुपये तक खर्चा आ जाता है। इन्हें 1800 से 2000 रुपये तक में बेचा जाता है। हर त्योहार पर उन्हें औसतन 30 हजार तक बचत होती थी। दुर्गा पूजा, वसंत पूजा और गणेश चतुर्थी जैसे त्योहारों पर वे कमाई की उम्मीद करते हैं। मूर्तिकार रेहड़ियों पर भी मूर्तियों की बिक्री करते हैं।
कोरोना काल में 5 फीसदी भी नहीं रहा कारोबार
मूर्तिकार बेलाराम ने बताया कि वे 17 साल से यहां मूर्तियां बना रहे हैं। हर त्योहार पर 60 हजार तक की कमाई कर लेते थे। कोरोना काल में कारोबार 5 फीसदी भी नहीं हो पाया। मूर्तियां नहीं बिकने पर सामान का भी नुकसान हुआ है। मूर्तियां को रखने की जगह नहीं बची है। नुकसान के डर से अतिरिक्त मूर्तियां नहीं बनाईं। बड़ी के बजाय इस बार छोटी मूर्तियों ही बनाई हैं।
न बिकें तो खुद तोड़नी पड़ती हैं मूर्तियां
मूर्तिकार सुख्खी ने कहा कि पिछले साल उन्होंने मार्च माह में नवरात्र के लिए मूर्तियां बनाई थीं। इसके बाद गणेश चतुर्थी पर मूर्तियां बनाई गईं। दोनों ही त्योहारों पर खरीदारी न के बराबर रही। बरसात के मौसम में मूर्तियों को रखने की जगह भी नहीं बची। इस कारण मूर्तियां भीगकर खराब हो गईं। उन्हें अपने ही हाथों से तोड़ना पड़ा तो मन दुखी हो गया।
ऊंचाई से तय होती
है मूर्ति की कीमत
एक फुट 200 रुपये
दो फुट 500 रुपये
तीन फुट 800-1000 रुपये
4-5 फुट 1800 से 2100 रुपये
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कोरोना का प्रकोप कुछ कम होने के बाद 16 फरवरी को पड़ने वाली वसंत पंचमी से मूर्तिकारों की उम्मीदें जागी हैं। उन्हें पिछले साल के मुकाबले अब तक 60 फीसदी बुकिंग मिल चुकी है।
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शहर के सेक्टर-14 स्थित मूर्तिकार एक पखवाड़े से मां सरस्वती की मूर्तियां बनाने में व्यस्त हैं। यहां 5 फीट ऊंचाई तक की मूर्तियों को संवारा जा रहा है। इस बार 4 फीट की मूर्तियों के ऑर्डर सबसे ज्यादा हैं। इसकी कीमत 2100 रुपये है।
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मूर्तिकार वंशीलाल ने बताया कि यह त्योहार उनके लिए खास है। पिछले साल खरीद नहीं होने के कारण वे कर्जे में डूबे हुए हैं। हर बार एक त्योहार में 50 से 60 हजार रुपये तक की कमाई हो जाती थी। इस बार मूर्तियों का खर्चा भी नहीं निकाल पा रहे हैं।
दस दिन में तैयार होती है एक मूर्ति
मूर्तिकार समाराम ने बताया कि एक मूर्ति तैयार करने में 10 दिन लगते हैं। मिट्टी सूखने के बाद रंग भरे जाते हैं। तीन से चार फीट की मूर्ति पर 1500 रुपये तक खर्चा आ जाता है। इन्हें 1800 से 2000 रुपये तक में बेचा जाता है। हर त्योहार पर उन्हें औसतन 30 हजार तक बचत होती थी। दुर्गा पूजा, वसंत पूजा और गणेश चतुर्थी जैसे त्योहारों पर वे कमाई की उम्मीद करते हैं। मूर्तिकार रेहड़ियों पर भी मूर्तियों की बिक्री करते हैं।
कोरोना काल में 5 फीसदी भी नहीं रहा कारोबार
मूर्तिकार बेलाराम ने बताया कि वे 17 साल से यहां मूर्तियां बना रहे हैं। हर त्योहार पर 60 हजार तक की कमाई कर लेते थे। कोरोना काल में कारोबार 5 फीसदी भी नहीं हो पाया। मूर्तियां नहीं बिकने पर सामान का भी नुकसान हुआ है। मूर्तियां को रखने की जगह नहीं बची है। नुकसान के डर से अतिरिक्त मूर्तियां नहीं बनाईं। बड़ी के बजाय इस बार छोटी मूर्तियों ही बनाई हैं।
न बिकें तो खुद तोड़नी पड़ती हैं मूर्तियां
मूर्तिकार सुख्खी ने कहा कि पिछले साल उन्होंने मार्च माह में नवरात्र के लिए मूर्तियां बनाई थीं। इसके बाद गणेश चतुर्थी पर मूर्तियां बनाई गईं। दोनों ही त्योहारों पर खरीदारी न के बराबर रही। बरसात के मौसम में मूर्तियों को रखने की जगह भी नहीं बची। इस कारण मूर्तियां भीगकर खराब हो गईं। उन्हें अपने ही हाथों से तोड़ना पड़ा तो मन दुखी हो गया।
ऊंचाई से तय होती
है मूर्ति की कीमत
एक फुट 200 रुपये
दो फुट 500 रुपये
तीन फुट 800-1000 रुपये
4-5 फुट 1800 से 2100 रुपये