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40 हजार की रिश्वत लेने वाला उप निरीक्षक को 6 साल कैद

Mon, 02 Sep 2019 11:42 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 02 Sep 2019 11:42 PM IST
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6 years jail to sub inspectore in cash inlligal gratification
गुरुग्राम। गाड़ी छीनने के मामले में समझौता करवाने की एवज में 40 हजार रुपये रिश्वत लेने वाले उप निरीक्षक को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार मेहता की अदालत ने सोमवार को 6 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत ने 28 अगस्त को उसे दोषी करार दे दिया था जिस पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर भोंडसी जेल भेज दिया था।
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जानकारी के अनुसार गांव गाडौली खुर्द निवासी सेवानिवृत्त फौजी चांद सिंह ने 9 फरवरी 2017 को राज्य चौकसी ब्यूरो को शिकायत दी कि वह अपने बेटे नरबीर के साथ केबल का काम करता है। उसने गांव के ही अमित को 30 हजार रुपये उधर दिए थे। इनमें से 5 हजार रुपये उसने वापिस कर दिए थे। शेष 25 हजार रुपये मांगे तो नरबीर ने अपनी कार उसके पास गिरवी रख दी। इसके बाद अमित ने नरवीर व उसके खिलाफ अपनी पत्नी से गाड़ी छीनने का मामला सेक्टर-10 थाना पुलिस को दर्ज करवा दिया। इस पर पुलिस ने उसके बेटे नरबीर व उसके तीन साथियों को हिरासत में लेकर थाने ले गई जहां उनकी बुरी तरह से पिटाई की।
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मामले में समझौता करवाने की एवज में उप निरीक्षक नरेश कुमार ने उनसे 50 हजार रुपये मांगे। इस पर चांद सिंह ने राज्य चौकसी ब्यूरो को शिकायत दी। ब्यूरो ने छापामार टीम का गठन कर नायब तहसीलदार ओमप्रकाश की अगुवाई में कार्रवाई की। शिकायतकर्ता को 2-2 हजार रुपये के केमिकल लगे 20 नोट देकर भेजा जो उसने उप निरीक्षक नरेश कुमार को दे दिए। यह नोट उप निरीक्षक ने तुरंत खुर्दबुर्द कर दिए। टीम ने मौके पर पहुंचकर उप निरीक्षक को काबू किया और दिए गए 40 हजार रुपये मांगे, लेकिन उसने मना कर दिया। जैसे ही टीम ने उसके हाथ धुलवाए, वैसे ही कैमिकल के कारण उसके हाथों से गुलाबी रंग निकलने लगा जिस पर टीम ने उसे हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
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ब्यूरो ने नरेश कुमार का नारको एनालिसिस, बैन मैपिंग, पॉलिग्राफिक टेस्ट कराने की मांग अदालत से की थी, जो आरोपी ने नहीं मानी। मामला अदालत में चला जहां से आरोपी को जमानत मिल गई थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत में जो सबूत व गवाह पेश किए, उनसे आरोपी उप निरीक्षक पर लगे आरोप साबित हो गए थे जिस पर अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को अदालत ने उसे यह सजा सुनाई है।
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