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दिवाली पर बही खातों के बजाय जीएसटी पोर्टल, कम्प्यूटर की पूजा
Updated Thu, 08 Nov 2018 05:56 PM IST
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बही खातों की बजाय जीएसटी पोर्टल और कंप्यूटर की पूजा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिवाली के अवसर पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पूजा पाठ करने का सामान बदल गया। अधिकांश व्यापारियों ने दिवाली के अवसर पर बुधवार को परंपरागत बही खाते की जगह जीएसटी पोर्टल, कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, आईपैड की पूजा की। दरअसल जीएसटी लागू होने के बाद ये ही व्यापारियों का बही खाता बन गए हैं। इस दौरान व्यापारियों ने प्रार्थना की कि पोर्टल सुचारु रूप से काम करे और जीएसटी से उपजी व्यापारियों की परेशानियां समाप्त हो।
आधुनिकता की दौड़ में व्यापारियों ने हाईटेक तकनीक का बड़े स्तर पर उपयोग करना आरंभ कर दिया था। केंद्र सरकार के जीएसटी लागू कर देने से व्यापारिक प्रतिष्ठानों से बही खाते हट गए हैं। इस कारण व्यापारियों ने दिवाली पर्व हाईटेक अंदाज में मनाया। जीएसटी के लागू होने के बाद बही खातों की जगह कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, आई पैड ने ले ली है, क्योंकि जीएसटी पोर्टल उन्हीं पर उपलब्ध हैं और व्यापारियों का लेखा जोखा उन्हीं में रहने लग गया है। सदर बाजार के कपड़ा व्यापारी मुकेश अग्रवाल ने बताया कि बही खातों की तुलना में कंप्यूटर और लैपटॉप में खातों का लेखा जोखा रखने में आसानी रहती है। क्योंकि उनको किसी का भी खाता देखने में भी परेशानी नहीं आती। इसके अलावा जीएसटी लागू होने के बाद उनके लिए कंप्यूटर एवं लैपटॉप का उपयोग करना जरूरी हो गया है। गारमेंट्स के व्यापारी अशोक गर्ग का कहना है कि अब तो खरीद फरोख्त की रसीद कंप्यूटर पर ही बनाई जाती है। इस कारण उनके लिए अब कंप्यूटर एवं लैपटॉप ही बही खाते हैं और इसी कड़ी में उनके साथ-साथ अन्य व्यापारियों ने दीवाली के मौके पर कंप्यूटरों एवं लैपटॉप का भी पूजन किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिवाली के अवसर पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पूजा पाठ करने का सामान बदल गया। अधिकांश व्यापारियों ने दिवाली के अवसर पर बुधवार को परंपरागत बही खाते की जगह जीएसटी पोर्टल, कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, आईपैड की पूजा की। दरअसल जीएसटी लागू होने के बाद ये ही व्यापारियों का बही खाता बन गए हैं। इस दौरान व्यापारियों ने प्रार्थना की कि पोर्टल सुचारु रूप से काम करे और जीएसटी से उपजी व्यापारियों की परेशानियां समाप्त हो।
आधुनिकता की दौड़ में व्यापारियों ने हाईटेक तकनीक का बड़े स्तर पर उपयोग करना आरंभ कर दिया था। केंद्र सरकार के जीएसटी लागू कर देने से व्यापारिक प्रतिष्ठानों से बही खाते हट गए हैं। इस कारण व्यापारियों ने दिवाली पर्व हाईटेक अंदाज में मनाया। जीएसटी के लागू होने के बाद बही खातों की जगह कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, आई पैड ने ले ली है, क्योंकि जीएसटी पोर्टल उन्हीं पर उपलब्ध हैं और व्यापारियों का लेखा जोखा उन्हीं में रहने लग गया है। सदर बाजार के कपड़ा व्यापारी मुकेश अग्रवाल ने बताया कि बही खातों की तुलना में कंप्यूटर और लैपटॉप में खातों का लेखा जोखा रखने में आसानी रहती है। क्योंकि उनको किसी का भी खाता देखने में भी परेशानी नहीं आती। इसके अलावा जीएसटी लागू होने के बाद उनके लिए कंप्यूटर एवं लैपटॉप का उपयोग करना जरूरी हो गया है। गारमेंट्स के व्यापारी अशोक गर्ग का कहना है कि अब तो खरीद फरोख्त की रसीद कंप्यूटर पर ही बनाई जाती है। इस कारण उनके लिए अब कंप्यूटर एवं लैपटॉप ही बही खाते हैं और इसी कड़ी में उनके साथ-साथ अन्य व्यापारियों ने दीवाली के मौके पर कंप्यूटरों एवं लैपटॉप का भी पूजन किया।
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