{"_id":"5b5361774f1c1b19208b6015","slug":"51532191095-gurgaon-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंटरनेट, सोशल मीडिया से बच्चों पर पड़ रहा दुष्प्रभाव : राजनाथ सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंटरनेट, सोशल मीडिया से बच्चों पर पड़ रहा दुष्प्रभाव : राजनाथ सिंह
Updated Sat, 21 Jul 2018 10:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-पेज..2 के लिए::
इंटरनेट, सोशल मीडिया से बच्चों पर पड़ रहा दुष्प्रभाव : राजनाथ सिंह
- समाज को नई दिशा प्रदान करेगा एसपीसी कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। इंटरनेट व सोशल मीडिया से जहां लोगों को फायदा मिल रहा है। वहीं, इसका बच्चों व समाज पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। यह चिंता का विषय है। घर के साथ-साथ स्कूलों में भी बच्चों को चरित्र निर्माण की शिक्षा देने की जरूरत है। यह बात शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कही। वो बतौर मुख्य अतिथि स्टूडेंट पुलिस कैडेट (एसपीसी) के राष्ट्रीय कार्यक्रम का शुभारंभ करने गुरुग्राम सेक्टर-38 स्थित ताऊ देवी लाल स्टेडियम पहुंचे थे। इस अवसर पर एसपीसी की पुस्तिका और थीम सांग का भी लोकापर्ण किया गया। उन्होंने एसपीसी कैडेट को प्रशिक्षित करने वाले सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। इस मौके पर स्कूली छात्राओं ने हरियाणवीं नृत्य समेत अन्य देशभक्ति सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
गृहमंत्री ने कहा कि बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ उन्हें आदर्श नागरिक बनाने की दिशा में काम किए जाने की आवश्यकता है। जिससे उनमें समाज के प्रति संवेदनशीलता उत्पन्न हो। इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए इस एसपीसी कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर लांच किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं में अनुशासन क्रांति आएगी। अनुशासित होकर असहिष्णुता, नशा, अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रह सकेंगे। कार्यक्रम के बाद उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि आठवीं कक्षा तक बच्चों को बिना पड़े पास करने की प्रथा को बंद करने पर विचार चल रहा है। यह पहले की तरह पढ़ाई कर उनके बौद्धिक टेस्ट के बाद ही उन्हें अंक दिए जाएंगे।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि हर विद्यार्थी प्रतिभावान है। जरूरत है तो सिर्फ उनमें अनुशासन की भावना जागृत करने की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के पाठ्यक्रम व एसपीसी कार्यक्रम में सामंजस्य स्थापित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी इस ओर भी अपना ध्यान केंद्रित कर अनुशासित बन सकें। समारोह में हरियाणा के मुख्य सचिव दीपेंद्र सिंह ढेसी ने कहा कि देश के 28 विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 6000 विद्यार्थी इस एसपीसी लांचिंग समारोह के साक्षी बने हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इंटरनेट, सोशल मीडिया से बच्चों पर पड़ रहा दुष्प्रभाव : राजनाथ सिंह
- समाज को नई दिशा प्रदान करेगा एसपीसी कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। इंटरनेट व सोशल मीडिया से जहां लोगों को फायदा मिल रहा है। वहीं, इसका बच्चों व समाज पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। यह चिंता का विषय है। घर के साथ-साथ स्कूलों में भी बच्चों को चरित्र निर्माण की शिक्षा देने की जरूरत है। यह बात शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कही। वो बतौर मुख्य अतिथि स्टूडेंट पुलिस कैडेट (एसपीसी) के राष्ट्रीय कार्यक्रम का शुभारंभ करने गुरुग्राम सेक्टर-38 स्थित ताऊ देवी लाल स्टेडियम पहुंचे थे। इस अवसर पर एसपीसी की पुस्तिका और थीम सांग का भी लोकापर्ण किया गया। उन्होंने एसपीसी कैडेट को प्रशिक्षित करने वाले सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। इस मौके पर स्कूली छात्राओं ने हरियाणवीं नृत्य समेत अन्य देशभक्ति सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
गृहमंत्री ने कहा कि बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ उन्हें आदर्श नागरिक बनाने की दिशा में काम किए जाने की आवश्यकता है। जिससे उनमें समाज के प्रति संवेदनशीलता उत्पन्न हो। इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए इस एसपीसी कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर लांच किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं में अनुशासन क्रांति आएगी। अनुशासित होकर असहिष्णुता, नशा, अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रह सकेंगे। कार्यक्रम के बाद उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि आठवीं कक्षा तक बच्चों को बिना पड़े पास करने की प्रथा को बंद करने पर विचार चल रहा है। यह पहले की तरह पढ़ाई कर उनके बौद्धिक टेस्ट के बाद ही उन्हें अंक दिए जाएंगे।
विज्ञापन
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि हर विद्यार्थी प्रतिभावान है। जरूरत है तो सिर्फ उनमें अनुशासन की भावना जागृत करने की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के पाठ्यक्रम व एसपीसी कार्यक्रम में सामंजस्य स्थापित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी इस ओर भी अपना ध्यान केंद्रित कर अनुशासित बन सकें। समारोह में हरियाणा के मुख्य सचिव दीपेंद्र सिंह ढेसी ने कहा कि देश के 28 विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 6000 विद्यार्थी इस एसपीसी लांचिंग समारोह के साक्षी बने हैं।
विज्ञापन